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ओलंपिक की 'जाली' वेबसाइट से ठगी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है जिस पर बीजिंग ओलंपिक की आधिकारिक वेबसाइट की नकल वाली एक साइट तैयार करके लोगों को ठगने का आरोप है. दानझू शहर में रहने वाले बीस वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियर लिआओ पिंगुइ पर आरोप है कि उसने बीजिंग ओलंपिक की साइट को 'क्लोन' कर बनाई साइट से इनामी प्रतियोगिताएँ चलाकर हज़ारों डॉलर की ठगी की. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार हैनान प्रांत में रहने वाले इस कंप्यूटर इंजीनियर ने अपनी 'जाली' वेबसाइट के ज़रिए 53 हज़ार डॉलर की कमाई की. शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार जालसाज़ी के आरोप में गिरफ़्तार किए जाने के बाद लिआओ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है. लोकप्रियता 2008 ओलंपिक की आधिकारिक वेबसाइट काफ़ी लोकप्रिय साबित हो रही है. आयोजकों का कहना है कि बीजिंग2008 डॉट सीएन नाम की इस साइट को रोज़ाना दस लाख से अधिक 'हिट' मिलते हैं. शिन्हुआ के अनुसार लिआओ ने बीजिंग आयोजन समिति इस साइट को चलाती है, जालसाज़ ने हूबहू नकल वाली साइट तैयार की और फिर लोगों को उस साइट पर 'जाली' इनामी प्रतियोगिताओं में भाग लेने का लालच दिया. लिआओ ने लोगों से इनाम की राशि का 10 से 20 प्रतिशत तक उनके ख़ुद के बैंक खाते में भेजने को कहा. एक स्थानीय सुरक्षा अधिकारी वू यांगकांग ने बताया कि कुछ लोगों ने इस वेबसाइट पर 10 हज़ार युआन तक गँवाए हैं. ओलंपिक से जुड़ी जाली चीजों की बिक्री और इंटरनेट अपराधों के खिलाफ़ चीन के एक बड़े अभियान के दौरान लिआओ की गिरफ़्तारी हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें ओलंपिक पर प्रदूषण का खतरा08 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया तैयारी में मानवाधिकारों से खेल11 जून, 2007 | खेल की दुनिया चीन-ताईवान विवाद में ओलंपिक मशाल21 सितंबर, 2007 | खेल की दुनिया बीजिंग ओलंपिक पर प्रदूषण के बादल17 अगस्त, 2007 | खेल की दुनिया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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