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सोमवार, 23 जुलाई, 2007 को 13:21 GMT तक के समाचार
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बारिश ने इंग्लैंड को जीत से वंचित किया
पीटरसन
पीटरसन को उनके शानदार 134 रनों के लिए मैन ऑफ़ द मैच का खिताब मिला
लॉर्ड्स टेस्ट मैच, पाँचवां दिन
नतीजा-ड्रॉ

जीत के करीब पहुँचकर भी इंग्लैंड भारत के ख़िलाफ़ लॉर्ड्स टेस्ट मैच नहीं जीत पाया. खेल के आख़िरी दौर में बारिश के कारण मैच पूरा नहीं हो सका और ड्रॉ रहा.

केविन पीटरसन को मैच ऑफ़ द मैच चुना गया है.

मैच जीतने के लिए इंग्लैंड को केवल एक विकेट चाहिए था लेकिन बारिश की वजह से खेल अंत तक अधूरा ही रहा.

भारत नौ विकेट के नुकसान पर 282 रन बनाकर खेल रहा था जब खराब रोशनी के कारण मैच रोक देना पड़ा और उसके बाद शुरू ही नहीं हो सका.

यानी इंग्लैंड को अगर एक और विकेट मिल गया होता तो वो पहला मैच जीत सकता था. लेकिन बारिश ने इंग्लैंड को जीत से वंचित रखा.

भारत को 282 तक पहुँचाने का श्रेय महेंद्र सिंह धोनी को जाता है जिन्होंने नाबाद 76 रन बनाए.

लॉर्ड्स मैच के आख़िरी दिन 282 रन के स्कोर पर अपना नौवां विकेट खोने के बाद भारत की मैच बचाने की उम्मीदें धूमिल हो रही थी लेकिन बारिश ने भारत को बचा लिया.

जीतने के लिए भारत को 380 का लक्ष्य हासिल करना था.

भारतीय पारी

धोनी अंत तक मैदान पर डटे रहे

पाँचवें दिन भारत की शुरुआत बेहद खराब रही. चौथे दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत के तीन विकेट पर 137 रन थे. जाफ़र, द्रविड़ और सचिन का विकेट भारत चौथे दिन ही खो चुका था.

दिनेश कार्तिक और सौरभ गांगुली ने अपने 56 और 36 रनों के स्कोर से आगे खेलना शुरु किया. दोनों ने चौथे दिन अच्छी साझेदारी निभाई थी और सबको उनसे काफ़ी उम्मीदें थीं.

भारत ने अपने कुल स्कोर में छह रन ही जोड़े थे कि गांगुली साइडबॉटम के हाथों आउट हो गए. वे 40 के स्कोर पर आउट हुए. जल्द ही भारत को दूसरा झटका लगा जब भारत के कुल 145 के स्कोर पर कार्तिक भी कॉंलिंगवुड के हाथों कैच आउट हो गए.

उनका विकेट एंडरसन ने चटकाया जिन्होंने पहली पारी में पाँच विकेट लिए थे. कार्तिक 60 के निजी स्कोर पर आउट हुए. लक्ष्मण ने कुछ देर संभल कर खेला पर वे भी 39 रन बनाकर चलते बने.

इंग्लैंड का मनोबल ऊँचा

खेल
इंग्लैंड: पहली पारी- 298 ऑल आउट
इंग्लैंड:दूसरी पारी-282 ऑल आउट (पीटरसन 134 रन)
भारत: पहली पारी- 201 ऑल आउट
भारत: दूसरी पारी-282/9( धोनी-76 रन नाबाद)

कार्तिक,गांगुली और लक्ष्मण का विकेट गवाँने के बाद से ही भारत मैच बचाने के लिए संघर्ष करता रहा.

धोनी ने अर्धशतक लगा स्थिति को कुछ संभालने की कोशिश ज़रूर की लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी का भरपूर साथ नहीं मिला.धोनी ने अपने दम पर भारत की बागडोर संभाले रखी.

दूसरे छोर से बल्लेबाज़ आते रहे और जाते रहे. ज़हीर खान, आरपी सिंह और कुंबले जल्द ही आउट हो गए.

धोनी ने किसी तरह एक छोर संभाला हुआ था. जब भारत ने नौवां विकेट गवाँया तो एक बार के लिए ऐसा लगने लगा था कि अब भारत की हार मात्र औपचारिकता है.

लेकिन ऐसे में बरखा रानी ने भारत को बचाया. बारिश के कारण न मैच दोबारा शुरू हुआ और न ही इंग्लैंड को आख़िरी विकेट लेने का मौका मिला.

इससे पहले चौथे दिन इंग्लैंड ने अपनी दूसरी पारी में 282 रन बनाए थे जिमसें केविन पीटरसन के शानदार 134 रन शामिल थे. आरपी सिंह और ज़हीर खान ने दूसरी पारी में क्रमश पाँच और चार विकेट लिए.

लेकिन भारत की दूसरी पारी में कोई भी बल्लेबाज़ पीटरसन जैसी आतिशी पारी नहीं खेल पाया. पूरे मैच में एक तरह से भारतीय बल्लेबाज़ों ने निराश ही किया है.

इंग्लैंड के गेंदबाज़ों ने इसका पूरा-पूरा फ़ायदा उठाया. दूसरी पारी में ट्रेमलेट ने तीन, एंडरसन, पनेसर और साइडबॉटम ने दो-दो विकेट लिए.

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