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ओलंपिक टिकटों की बिक्री शुरू | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अगले साल चीन की राजधानी बीजिंग में होने वाले ओलंपिक खेलों की टिकटें बिकनी शुरू हो गई हैं. 29 वें ओलंपिक खेल 8 अगस्त 2008 से शुरू हो रहे हैं. 70 लाख से ज़्यादा टिकटें आम लोगों के लिए उपलब्ध हैं जिनमें से 75 फ़ीसदी सिर्फ़ चीन में रहने वालों के लिए हैं. आयोजकों का कहना है कि उन्होंने क़ीमतें कम से कम रखने की कोशिश की है ताकि इन्हें ख़रीदना हर किसी के लिए संभव हो सके. 58 प्रतिशत टिकटों की क़ीमत 12 डॉलर यानि क़रीब 600 रुपए प्रति टिकट से भी कम है जबकि एक डॉलर वाली टिकटें विद्यार्थियों के लिए आरक्षित हैं. ओलंपिक की ये टिकटें इंटरनेट के अलावा बैंक ऑफ़ चायना की 1 हज़ार शाखाओं से ख़रीदी जा सकती हैं. आयोजक इस बिक्री से क़रीब 14 करोड़ डॉलर कमाने की उम्मीद कर रहे हैं. प्रति व्यक्ति सिर्फ़ एक टिकट ओलंपिक में हमेशा ज़्यादा लोकप्रिय रहे उद्घाट और समापन समारोह की टिकटों पर कुछ शर्तें लगाई गई हैं जैसे एक व्यक्ति एक टिकट से ज़्यादा नहीं ख़रीद पाएगा. खेलों की लोकप्रिय स्पर्धाओं के लिए एक व्यक्ति दो टिकट तक ख़रीद सकता है. बीजिंग आयोजन समिति के महासचिव वांग वी ने माना कि टिकटों की बिक्री पर शर्तें लगाना लोगों को शायद पसंद न आए. उन्होंने कहा, "ये एक समस्या तो है लेकिन क्या करें, हम चीनी लोगों की संख्या ही इतनी ज़्यादा है कि हमें ऐसा करना पडा ताकि ज़्यादा से ज़्यादा लोग ओलंपिक देख सकें." आयोजक नकली टिकट से निपटने के लिए भी क़दम उठाने का दावा कर रहे हैं. इसके लिए इलॉक्ट्रॉनिक चिप्स के अलावा अन्य आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. |
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