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भारत ने वेस्टइंडीज़ को 16 रन से हराया | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत--162 ऑल आउट, वेस्टइंडीज़-146 ऑल आउट भारत ने मलेशिया में खेले गए वनडे मैच में वेस्टइंडीज़ को 16 रन से हरा दिया है. भारत ने वेस्टइंडीज़ के सामने जीत के लिए 163 रन बनाने की चुनौती रखी थी. वेस्टइंडीज़ ने पारी की शुरूआत काफ़ी सधे हुए अंदाज़ में की थी और लग रहा था कि उन्हें जीत का लक्ष्य हासिल करने में दिक्कत नहीं आएगी. एक समय वेस्टइंडीज़ ने बिना कोई विकेट खोए 44 रन बना लिए थे. लेकिन भारत के गेंदबाज़ों ने इसके बाद तेज़ी से विकेट गिराने का सिलसिला शुरू कर दिया. भारत की ओर से हरभजन सिंह ने सिर्फ़ 35 रन देकर तीन विकेट लिए. मुनाफ़ पटेल, अजित अगरकर और श्रीसंत ने दो-दो विकेट लिए जबकि आरपी सिंह ने एक. वेस्टइंडीज़ के कप्तान ब्रायन लारा सात विकेट गिरने के बाद बल्लेबाज़ी करने आए और उन्होंने टीम के लिए सबसे अधिक 40 रन बनाए और अंत तक आउट नहीं हुए. मैन ऑफ़ द मैच रहे हरभजन सिंह जिन्होंने न सिर्फ़ तीन विकेट लिए बल्कि ज़रूरत के वक़्त उन्होंने बेशक़ीमती 37 रन भी बनाए. भारतीय पारी जिसे भारत के लिए 'करो या मरो मैच' बताया जा रहा था उस मैच में भारतीय बल्लेबाज़ पूरे 50 ओवर तक मैदान पर टिक भी नहीं सके.
भारत की ओर से सिर्फ़ मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ही टीम के लिए कुछ कर सके, उन्होंने पारी की शुरूआत की और 65 रन के निजी स्कोर पर आठवें विकेट के रूप में बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से रन आउट हुए. भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया, कप्तान राहुल द्रविड़ बिना खाता खोले पहले ही ओवर में स्मिथ की गेंद पर लपक लिए गए. राहुल द्रविड़ के बाद आए उप कप्तान वीरेंदर सहवाग ने टीम के स्कोर में एक रन का योगदान किया, राहुल द्रविड़ को आउट करने वाले स्मिथ ने सहवाग को क्लीन बोल्ड कर दिया. सुरेश रैना और सचिन तेंदुलकर से उम्मीद थी कि वे पारी को शायद संभाल लेंगे लेकिन रैना स्मिथ के तीसरे शिकार बने जब टीम का कुल स्कोर था 38 और रैना का निजी स्कोर 11. कप्तान का अनुकरण करते हुए युवराज सिंह भी बिना कोई रन बनाए पैवेलियन लौट गए, वे स्मिथ के चौथे शिकार बने यानी स्मिथ ने भारत के पहले चार विकेट झटके सिर्फ़ 31 रन देकर. 38 रन के स्कोर पर चार विकेट खो देने वाली टीम की उम्मीदें अभी ख़त्म नहीं हुईं थीं क्योंकि धोनी और सचिन क्रीज पर थे, धोनी ने आते ही चौके जड़ने शुरू कर दिए, उन्होंने सिर्फ़ 13 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 18 रन बनाए लेकिन कॉलीमोर की एक यॉर्कर पर क्लीन बोल्ड हो गए. उनके बाद आए अजित अगरकर जो सिर्फ़ चार रन बना सके और ब्रावो की गेंद पर बोल्ड हो गए, जब वे आउट हुए तो भारत का स्कोर था छह विकेट के नुक़सान पर 78 रन. सचिन का साथ देने मैदान पर उतरे हरभजन ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए साठ गेंदे खेलीं और 37 रन बनाए, जब वे गेल की गेंद पर विकेट के पीछे लपक लिए गए तो भारत का स्कोर पहुँच चुका था 156 रन. यानी सचिन के साथ मिलकर हरभजन ने सातवें विकेट के लिए 78 रन जोड़े. | इससे जुड़ी ख़बरें वेस्टइंडीज़ ने विश्व चैम्पियन को पीटा18 सितंबर, 2006 | खेल वेस्ट इंडीज़-ऑस्ट्रेलिया मैच का स्कोर 18 सितंबर, 2006 | खेल बारिश ने बचाई भारत की लाज16 सितंबर, 2006 | खेल रोचक होगा भारत-ऑस्ट्रेलिया का मुक़ाबला15 सितंबर, 2006 | खेल 'रनों के साथ जीत भी होती तो अच्छा था'14 सितंबर, 2006 | खेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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