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कभी देखी न सुनी ऐसी......... | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के ख़िलाफ़ जयपुर एक दिवसीय मैच में भारत की जीत लंबे समय तक याद रखी जाएगी. इसलिए नहीं कि एक दिवसीय मैचों की मज़बूत श्रीलंका की टीम को भारत ने इस सिरीज़ में लगातार तीसरी बार हराया है, बल्कि इसलिए कि इस मैच में क्रिकेट प्रेमियों को एक उभरते हुए खिलाड़ी की ऐसी पारी देखने को मिली, जो कम ही देखने को मिलती है. जयपुर से हज़ारों मील दूर लंदन में मुझे भी धोनी की आतिशी पारी देखने का सौभाग्य मिला भले ही टीवी के माध्यम से ही. लेकिन जैसे ऐसी पारी तो मुझे कभी देखने या सुनने को नहीं मिली थी. झारखंड के युवा विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी की आतिशी पारी ने कई रिकॉर्ड तोड़े और दर्शकों के सामने ऐसे क्रिकेट का प्रदर्शन किया जो बेमिसाल थी. जयपुर में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर नहीं चले, तो सहवाग का साथ देने उतारा गया महेंद्र सिंह धोनी को. पहले तो कुछ संभल कर खेले धोनी लेकिन बाद में एक बार उनका बल्ला चलना शुरू हुआ तो बस चलता गया. सहवाग पवेलियन लौट गए, कप्तान द्रविड़ का साथ छूट गया, युवराज का स्टम्प बिखर गया लेकिन मांसपेशियाँ खिंच जाने के बावजूद धोनी ने श्रीलंकाई गेंदबाज़ों की धुलाई जारी रखी. क्या चमिंडा वॉस, क्या मुरलीधरन और क्या दिलहाला फ़र्नांडो. धोनी के चौके-छक्कों से दिलहारा का दिल टूट गया, मुरलीधरन मायूस हो गए और वॉस की तो बोलती ही बंद थी. कप्तान मर्वन अटापट्टू तो जैसे मौन व्रत धारण कर चुके थे, क्योंकि मैदान पर गेंदबाज़ों के साथ-साथ उनकी रणनीति की धज्जियाँ भी उड़ रही थी. श्रीलंका को क्या पता था कि 298 रनों की पारी भी भारत के सामने बौनी साबित होगी. लेकिन इसका सबसे बड़ा श्रेय था महेंद्र सिंह धोनी को. इस साल पाकिस्तान के ख़िलाफ़ भी धोनी ने अपने हाथ दिखाए थे और 148 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी. लेकिन ये पारी तो कई मायनों में किसी धमाके से कम नहीं थी. रिकॉर्ड धोनी ने 183 रनों की नाबाद पारी में 10 छक्के लगाए, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ की ओर से वनडे मैच में सर्वाधिक छक्का है. इससे पहले सात-सात छक्कों के साथ ये रिकॉर्ड था सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली के नाम.
इतना ही नहीं वनडे क्रिकेट में किसी भी विकेटकीपर का यह सर्वाधिक स्कोर है. इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के एडम गिलक्रिस्ट के नाम था, जिन्होंने ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ 172 रन बनाए थे. ये तो थी रिकॉर्ड की बात. अब आइए आपको फिर ले चलते हैं जयपुर के मैदान पर हुई रनों की बारिश में भींगोने. महेंद्र सिंह धोनी की मार से तबाह श्रीलंका के गेंदबाज़ों ने कई प्रयोग किए. गेंदबाज़ी बार-बार बदली गई. धोनी कभी थमे तो कभी ज़ोर से बरसे. लेकिन पिच पर टिके रहे. मांसपेशियाँ खिंच जाने के बाद वीरेंद्र सहवाग के रूप में रनर के साथ बल्लेबाज़ी कर रहे धोनी का संयम नहीं डोला. अपने कप्तान की सलाह का सम्मान करते हुए वे आख़िरी समय तक डटे रहे और विजयी शॉट भी छक्के से लगाया. जीत के बाद तो धोनी पर जैसे पुरस्कारों की झड़ी लग गई. मैन ऑफ़ द मैच के साथ-साथ धोनी को राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन ने 10 लाख रुपए का पुरस्कार दिया. और इस मौक़े पर धोनी ने अपने धमाकेदार शॉट का राज़ भी बताया. जी हाँ- धोनी के झन्नाटेदार शॉट का राज़ है दूध. धोनी एक लीटर दूध प्रतिदिन पीते हैं और दूध पीकर ही उन्होंने श्रीलंका के खिलाड़ियों को छठी का दूध याद दिला दिया. |
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