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लंदन होगा 2012 ओलंपिक का मेज़बान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन की राजधानी लंदन वर्ष 2012 के ओलंपिक खेलों की मेज़बानी करेगा. सिंगापुर में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की बैठक में यह फ़ैसला हुआ. मतदान के दौरान लंदन और पेरिस के बीच मुख्य मुक़ाबला था, क्योंकि बाक़ी के तीन शहर मॉस्को, न्यूयॉर्क और मैड्रिड पहले, दूसरे और तीसरे दौर के मतदान में एक-एक करके बाहर हो गए थे. मेज़बानी की दौड़ में पेरिस को सबसे आगे माना जा रहा था. लेकिन आख़िरी दौर के मतदान में लंदन ने उसे पछाड़ दिया. लंदन को 54 वोट मिले जबकि पेरिस के हिस्से में सिर्फ़ 50 वोट आए. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक सदस्यों के बीच मतदान से पहले उम्मीदवार शहरों ने अपनी दावेदारी के पक्ष में प्रस्तुति की, जिसमें लंदन की प्रस्तुति को सबसे ज़्यादा सराहा गया, जिसकी अगुआई कर रहे थे लॉर्ड को. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने लंदन की जीत को देश के लिए यादगार दिन बताया. ब्रितानी समय के मुताबिक़ दोपहर 12.49 बजे आईओसी के अध्यक्ष ज़्याक रॉग ने घोषणा की कि लंदन 2012 के ओलंपिक की मेज़बानी करेगा. स्वागत 1948 के बाद पहली बार लंदन को ओलंपिक की मेज़बानी मिली है. लॉर्ड को ने इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा, "यह हमारे लिए सबसे बड़ा मौक़ा है कि हमने ब्रितानी खेल के लिए जो सपने देखे हैं उसे पूरा किया जाए."
लंदन को ओलंपिक की मेज़बानी मिलने की ख़बर फैलते ही सुबह से ही ट्रैफ़ैल्गर स्क्वेकर पर हज़ारों की संख्या में जुटे लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ गई. लेकिन फ़्रांस की राजधानी पेरिस में माहौल इसके ठीक विपरीत था. पेरिस में होटल डी विले के बाहर जुटे लोग मायूस थे और रही-सही कसर पूरी कर दी बारिश ने. अपने-अपने दावेदारी के समर्थन में फ़्रांस के राष्ट्रपति ज़्याक शिराक और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर सिंगापुर भी गए. राष्ट्रपति शिराक ने तो अपनी उम्मीदवारी के समर्थन में फ़्रांस की प्रस्तुति में भी हिस्सा लिया. लंदन के पक्ष में समर्थन जुटाने सिंगापुर पहुँचे इंग्लैंड की फ़ुटबॉल टीम के कप्तान डेविड बेकम भी. जबकि फ़्रांस की ओर से फ़ुटबॉल स्टार ज़िनेदिन ज़िदान भी मौजूद थे. |
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