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सोमवार, 04 अक्तूबर, 2004 को 22:44 GMT तक के समाचार
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'पाकिस्तान का नाम ऊँचा करना चाहता हूँ'

सोहेल अब्बास
भारत के ख़िलाफ़ दिल्ली में हुए हॉकी मैच में पाकिस्तान के पेनाल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ सोहेल अब्बास ने तीन में दो गोल करके सबसे ज़्यादा गोल करने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है.

उन्होंने नीदरलैंड के पॉल लिजेन्स के 267 गोल की बराबरी कर ली है. उम्मीद है कि भारत के ख़िलाफ़ चल रही दोस्ती सिरीज़ के दौरान ही वे इस रिकॉर्ड को तोड़ देंगे. मैंने मैच के बाद सोहेल अब्बास से बातचीत की.

सोहेल, क्या आपने मैच से पहले यह सोचा था कि आज आप विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे.

मुझे यह तो पता था कि मैं विश्व रिकार्ड से ज़्यादा दूर नहीं पर यह नहीं कह सकता था कि इसी मैच में यह रिकॉर्ड छू लूँगा.

मुझे लग रहा था कि अभी खेले जाने वाले चार मैंचों में यह लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा. अभी तो एक गोल बाक़ी है. अब देखिए, आगे क्या होता है.

अभी जो दोस्ती सिरीज़ चल रही है उसमें पाकिस्तान ने 3-1 से बढ़त ले ली है. ऐसा कहा जा रहा था कि भारत और पाकिस्तान दोनों ओर की टीमें ही अभी अच्छी तैयारी में नहीं हैं. ऐसे में आप को क्या लगता है, क्या स्तर है इन मुक़ाबलों का.

जहाँ तक पाकिस्तानी टीम का सवाल है, ओलंपिक से लौटकर हमने आराम ही किया है. ज़्यादा तैयारी भी नहीं हुई है.

बस एक-दो दिन की तैयारी के बाद ही कराची में मैच खेला. किसी टीम के खेलने जैसा नहीं लग रहा है. हर खिलाड़ी अपने व्यक्तिगत स्तर पर खेल रहा है.

 ज़ाहिर है, अभी रिकार्ड तोड़ा तो नहीं है, केवल बराबरी हो सकी है पर इच्छा यही है कि विश्व रिकार्ड बनाऊँ और पाकिस्तान का नाम रोशन करूँ
सोहेल अब्बास

हम तो यही सोचते रहे कि हम टीम के रूप में कब तैयार हो सकेंगे जो कि पाकिस्तानी टीम अपने पूरे दौरे के दौरान नहीं हो सकी. अब धीरे-धीरे सुधार दिखाई दे रहा है.

जहाँ तक भारतीय टीम का सवाल है, इनकी ट्रेनिंग ठीक हुई है और ये टीम भावना के साथ खेल भी रहे हैं.

हालांकि नए खिलाड़ियों को भी शामिल किया गया है और उन्हें अभी ख़ास अनुभव नहीं है. इसी का हमें लाभ भी मिल रहा है. हम अपने अनुभव का ही फ़ायदा उठाकर जीत रहे हैं.

टीम की जूनियर विश्वकप की तैयारी है इसलिए आगे और अच्छा प्रदर्शन देखने को मिलेगा.

सोहेल, पहले मैच के दौरान आपकी फ़्लिक से दिलीप टिर्की को चोट लग गई थी. क्या उसके बाद आपकी दिलीप से बात हुई.

जी हाँ, मेरी उसी समय उससे बात हुई थी. उस वक्त उनके सिर में बहुत दर्द था. मैच के बाद बात हुई तो कुछ बेहतर महसूस कर रहे थे.

लौटने के बाद भी होटल में मैंने फ़ोन किया था पर वे अस्पताल गए हुए थे इसलिए बात नहीं हो सकी.

अब आगे क्या तमन्ना है आपकी, जबकि आपने 267 गोल पूरे कर लिए हैं.

ज़ाहिर है, अभी रिकार्ड तोड़ा तो नहीं है, केवल बराबरी हो सकी है पर इच्छा यही है कि विश्व रिकार्ड बनाऊँ और पाकिस्तान का नाम रोशन करूँ.

तमन्ना बस यही है कि मैं टीम में रहूँ या न रहूँ, पाकिस्तान का नाम ऊँचा होता रहे. तमन्ना तो थी कि ओलंपिक में भी पदक जीतें, जब से खेलना शुरू किया है, कोई बड़ा ख़िताब हासिल नहीं कर सके हैं सो इस समय सारा ध्यान चैंपियंस ट्रॉफ़ी पर रहेगा.

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