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चैंपियंस ट्रॉफ़ी पर ही है अभी ध्यान: भज्जी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह फ़िलहाल अपना ध्यान सिर्फ़ आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफ़ी पर लगाए हुए हैं और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आने वाली चुनौती के बारे में अभी नहीं सोच रहे. विश्व विजेता ऑस्ट्रेलिया की टीम अक्तूबर में भारत आ रही है जहाँ वह चार टेस्ट मैच खेलेगी. तीन साल पहले इसी टीम के ख़िलाफ़ घरेलू टेस्ट सिरीज़ में हरभजन की घूमती गेंदों ने ही भारत को शानदार जीत दिलाई थी. तीन मैचों की सिरीज़ में 32 विकेट लेकर हरभजन ने सबको हैरान कर दिया था. बीबीसी से विशेष बातचीत में हरभजन का कहना है कि अब उस प्रदर्शन के कोई मायने नहीं. वह कहते हैं, "जो कुछ भी मैंने किया वो तीन साल पहले किया. वो अब बेकार है, अब तो नए सिरे से सोचना होगा." टीम के अपने साथियों के बीच 'भज्जी' के नाम से पुकारे जाने वाले हरभजन ने कुछ महीने पहले ये कहकर उत्सुकता पैदा कर दी थी कि उन्होंने एक 'मैजिक बॉल' यानी 'जादुई तरीक़े से फेंकी जाने वाली गेंद' की खोज की है, जिससे बच पाना बल्लेबाज़ों के लिए मुश्किल होगा. उस बारे में अब वह कहते हैं, "वो गेंद मैंने ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए बचा कर रखी है. आजकल इतने मैच हो रहे हैं कि उस गेंद पर महारत हासिल करने के लिए मेहनत नहीं कर पा रहा हूँ, समय ही नहीं मिलता. कोशिश यही है कि चैंपियंस ट्रॉफ़ी के बाद उस दिशा में थोड़ा काम करूँ." 'लय पा रहा हूँ' हरभजन सिंह का दावा है कि वह अब अपनी उँगली की चोट से पूरी तरह उबर गए हैं और उसी का नतीजा है कि वह चैंपियंस ट्रॉफ़ी के मैच में कीनिया के ख़िलाफ़ 33 रन पर तीन विकेट ले कर 'मैन ऑफ़ द मैच' बन पाए. वह कहते हैं, "मेरी चोट तो काफ़ी पहले ही ठीक हो गई थी, इसीलिए मैं एशिया कप खेला, फिर हॉलैंड में मुझे बुख़ार हो गया और यहाँ इंग्लैंड आ कर मैं धीरे धीरे अपनी लय पा रहा हूँ." भारतीय बल्लेबाज़ों की हाल की ख़राब फ़ॉर्म पर हरभजन सिंह का कहना है कि चाहे टीम के बल्लेबाज़ कैसा भी खेल रहे हों गेंदबाज़ की हैसियत से उनका काम है सिर्फ़ विकेट लेना और वह उसी काम पर ध्यान देते हैं. चैंपियंस ट्रॉफ़ी में 19 तारीख़ को भारत को पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपना निर्णायक मैच खेलना है लेकिन साथी खिलाड़ियों की तरह हरभजन भी ख़ुद पर कोई दबाव नहीं लेना चाहते. कड़े अभ्यास के साथ ही दिमाग़ को आराम देने की कोशिश में हरभजन गाने का सहारा लेते हैं. हरभजन के साथी खिलाड़ी कहते हैं कि वह एक अच्छे गायक हैं लेकिन भज्जी कहते हैं, "मैं तो सिर्फ़ एक बाथरूम सिंगर हूँ यानि सिर्फ़ नहाते हुए गाता हूँ. अगर सचमुच गाने लगा तो कुमार शानू का क्या होगा." हरभजन ने 36 टेस्ट मैचों में 151 विकेट लिए हैं जबकि 89 वनडे मैचों में उन्होंने 116 शिकार बनाए हैं. बल्लेबाज़ी में हरभजन ने 13.50 की औसत से टेस्ट मैचों में 540 रन बनाए हैं जिनमें दो अर्द्धशतक भी शामिल हैं. वनडे में उन्होंने 11.50 की औसत से 414 रन बनाए हैं जिसमें उनका सर्वाधिक स्कोर रहा है 46. |
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