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रावलपिंडी में इतिहास बना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत ने रावलपिंडी टेस्ट में पाकिस्तान को एक पारी और 131 रनों से हराकर एक और इतिहास रचा. भारत ने पाकिस्तान की धरती पर पहली बार टेस्ट सिरीज़ जीती है. राहुल द्रविड़ को मैन ऑफ़ द मैच और वीरेंदर सहवाग को मैन ऑफ़ द सिरीज़ चुना गया. सिरीज़ में 15 विकेट लेने वाले अनिल कुंबले को गोल्डेन बॉल अवार्ड दिया गया. भारत ने तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ में 2-1 से जीत हासिल की. मुल्तान का पहला टेस्ट भारत ने एक पारी और 52 रनों से जीता था. जबकि लाहौर टेस्ट में पाकिस्तान ने भारत को नौ विकेट से हराया था. इससे पहले भारत ने वनडे सिरीज़ में भी 3-2 से पाकिस्तान को पटखनी दी थी. भारत ने इस टेस्ट में बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों में पाकिस्तान को बुरी तरह पछाड़ा. हालाँकि पाकिस्तान की दूसरी पारी में भारतीय खिलाड़ियों ने कई कैच छोड़े लेकिन जीत ने इस नाकामी को भुला दिया. जहाँ राहुल द्रविड़ ने शानदार 270 रन बनाए वहीं बालाजी और अनिल कुंबले ने अपनी गेंदबाज़ी से पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों के छक्के छुड़ा दिए. पहली पारी के आधार पर 376 रन से पिछड़ने के बाद दूसरी पारी में पाकिस्तान की टीम सिर्फ़ 245 रन पर आउट हो गई. पाकिस्तान ने पहली पारी में सिर्फ़ 224 रन बनाए थे. जबकि भारतीय टीम की पहली पारी का स्कोर था 600 रन. शानदार गेंदबाज़ी टेस्ट के चौथे दिन जब पाकिस्तान ने खेलना शुरू किया तो उसका स्कोर था दो विकेट पर 49 रन. लेकिन जल्द ही विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया.
बालाजी ने भारत को पहली सफलता दिलाई जब उन्होंने कामरान अकमल को क्लीन बोल्ड कर दिया. उस समय पाकिस्तान का स्कोर था 64. जल्द ही यासिर हमीद भी आउट हो गए. उनका बेहतरीन कैच पकड़ा पार्थिव पटेल ने आशीष नेहरा की गेंद पर. लेकिन पाकिस्तान को सबसे तगड़ा झटका लगा कप्तान इंज़माम सिर्फ़ नौ रन बनाकर आउट हो गए. उनका विकेट भी बालाजी को ही मिला. बालाजी की शानदार गेंदबाज़ी के कारण पाकिस्तान ने सिर्फ़ 94 रन पर अपने पाँच विकेट गँवा दिए थे. लेकिन उसके बाद युसूफ़ योहाना और आसिम कमाल ने कुछ अच्छे हाथ दिखाए. लेकिन छठे विकेट के लिए महत्वपूर्ण 81 रन जोड़ने के बाद योहाना 48 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट होने के बाद पाकिस्तान के हाथ से मैच निकलने लगा. एक छोर पर आसिम कमाल टिके रहे लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे. बालाजी के बाद विकेट लेने का सिलसिला शुरू किया अनिल कुंबले ने. कुंबले ने योहाना, समी, शोएब अख़्तर और फ़ज़ले अकबर के विकेट चटकाए. शोएब अख़्तर ने ज़रूर कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन उसका कोई असर नहीं पड़ा. शोएब अख़्तर ने 14 गेंद पर 28 रन बनाए. पाकिस्तान की दूसरी पारी में अनिल कुंबले ने सबसे ज़्यादा चार विकेट लिए. जबकि लक्ष्मीपति बालाजी को तीन विकेट मिले. वैसे इस मैच में सबसे ज़्यादा सात विकेट बालाजी के खाते में गए. तीसरा दिन तीसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक पाकिस्तान ने दो विकेट पर 49 रन बनाए थे.
इमरान फ़रहत को तीन रन पर बालाजी ने आउट किया जबकि तौफ़ीक़ उमर 13 रन बनाकर इरफ़ान पठान के शिकार बने. मैच के तीसरे दिन राहुल द्रविड़ के शानदार 270 रनों की बदौलत भारत की पहली पारी 600 रन पर ख़त्म हुई. भारत को 376 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त मिली. पाकिस्तान ने अपनी पहली पारी में सिर्फ़ 224 रन बनाए थे. राहुल द्रविड़ ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली और कई महत्वपूर्ण साझेदारियाँ की. यह उनके टेस्ट करियर का सर्वाधिक स्कोर है. इसके पहले पिछले साल एडिलेड में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 233 रनों की पारी खेली थी. राहुल द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में पाँचवाँ और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ अपना दोहरा शतक लगाया. |
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