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गांगुली बने भारत के सफलतम कप्तान | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में पहली टेस्ट सिरीज़ जीत हासिल करने के साथ ही सौरभ गांगुली भारत के 72 साल के टेस्ट क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल कप्तान बन गए हैं. सितंबर 1999 में टीम की कप्तानी संभालने वाले गांगुली ने अभी तक 38 टेस्ट में टीम की कमान संभाली है और इनमें से 15 में टीम को जीत दिलाई है. इसके पहले 14 टेस्ट जीत के साथ यह रिकॉर्ड पूर्व कप्तान मोहम्मद अज़हरुद्दीन के नाम था. 31 वर्षीय सौरभ गांगुली पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले दो टेस्ट मैचों में घायल होने के कारण नहीं खेल पाए थे. लेकिन आख़िरी टेस्ट में वे लौटे और उनकी कप्तानी में भारत ने पाकिस्तान को उसी की ज़मीन पर एक पारी और 131 रनों के विशाल अंतर से पराजित किया. भारत ने इससे पहले पाकिस्तान की धरती पर न तो कोई वनडे सिरीज़ जीती थी और न टेस्ट सिरीज़. सिलसिला टूटा लेकिन अपने इस ऐतिहासिक सिरीज़ में भारत ने वर्षों से चले आ रहे हार के सिलसिले को ख़त्म कर दिया और वनडे और टेस्ट दोनों सिरीज़ में जीत हासिल की.
भारत ने वनडे सिरीज़ 3-2 से और टेस्ट सिरीज़ 2-1 से जीती. इससे पहले विदेशी धरती पर भारत को जीत 2000 में मिली थी जब उसने बांग्लादेश को हराया था. इस सिरीज़ के पहले पाकिस्तान की धरती पर दोनों देशों के बीच 20 टेस्ट खेले गए थे जिनमें से पाकिस्तान ने पाँच मैच जीते थे और 1 ड्रॉ रहे थे. पाकिस्तान की धरती पर नाकामी की यह आलम था कि क़रीब-क़रीब सभी भारतीय कप्तानों को पाकिस्तान दौरे के बाद अपनी जगह गँवानी पड़ी. सिर्फ़ सुनील गावसकर ही ऐसे कप्तान थे, जिन्हें 1984 के दौरे के बाद कप्तानी नहीं गँवानी पड़ी. |
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