
इंग्लैंड के कप्तान कुक और पीटरसन ने पहली पारी में शतक जमाए थे
स्पिनरों को खेलने के विशेषज्ञ माने जाने वाले भारतीय बल्लेबाज़ों ने मोंटी पनेसर और ग्रैम स्वान के सामने कुछ यूँ घुटने टेके कि इंग्लैंड ने मुंबई टेस्ट में 10 विकेट से जीत हासिल कर ली.
भारत की दूसरी पारी के 142 रनों पर सिमटने के बाद इंग्लैंड को सिरीज़ बराबर करने के लिए सिर्फ़ 57 रनों की ज़रूरत थी जो उसने बिना कोई विकेट गँवाए हासिल कर लिया.
इंग्लैंड की दूसरी पारी में निक कॉम्पटन ने 30 और कप्तान एलेस्टर कुक ने 18 रन बनाए जबकि 10 अतिरिक्त रन रहे.
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मोन्टी पनेसर ने दूसरी पारी में छह विकेट लिए वहीं ग्रैम स्वान को चार विकेट मिले.
इस तरह स्पिनरों ने दोनों पारियों में मिलाकर कुल 19 विकेट झटके. एक मात्र बचा हुआ विकेट पहली पारी में जेम्स एंडरसन को मिला था.
एंडरसन ने पहली पारी में भारतीय ओपनर गौतम गंभीर को चार रनों पर पगबाधा आउट किया था.
दूसरी पारी
दूसरी पारी में भारत की ओर से सिर्फ़ गंभीर ही टिककर खेल पाए और 65 रन बनाकर स्वान की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट हुए.
उनके अलावा दहाई का आँकड़ा सिर्फ़ आर अश्विन ही छू सके जिन्होंने 11 रन बनाए.

पनेसर ने इस मैच में कुल 11 विकेट लिए
भारत के बाक़ी सभी बल्लेबाज़ इंग्लैंड के स्पिनरों के सामने लड़खड़ा गए.
दूसरी पारी में सहवाग ने नौ, चेतेश्वर पुजारा ने छह, सचिन तेंदुलकर ने आठ, विराट कोहली ने सात, युवराज सिंह ने आठ, महेंद्र सिंह धोनी ने छह, हरभजन सिंह ने छह और ज़हीर ख़ान ने एक रन बनाए.
प्रज्ञान ओझा छह रह बनाकर नॉट आउट रहे.
भारत ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक क्लिक करें सात विकेट के नुक़सान पर 117 रन बनाए थे और चौथे दिन सुबह बचे तीन विकेट भी सिर्फ़ 25 रन और जोड़कर गिर गए.
सुबह का पहला विकेट हरभजन सिंह के रूप में गिरा जिन्हें स्वान की गेंद पर जॉनथन ट्रॉट ने लपका. इसके बाद ज़हीर ख़ान को पनेसर ने आउट किया और अंतिम विकेट के रूप में गंभीर आउट हुए.
भारत ने क्लिक करें पहली पारी में 327 रन बनाए थे जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम ने 413 रनों का स्कोर खड़ा किया था. उसमें कप्तान एलेस्टर कुक और केविन पीटरसन के शतक भी शामिल थे.
स्पिन विकेट
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कई बार कह चुके हैं कि भारत में खेलने आने वाली टीमों को स्पिन विकेट पर खेलना चाहिए और ये विकेट भारतीय गेंदबाज़ों के लिए मददगार होगी.
मगर इस बार यही चाल भारत पर भारी पड़ गई.
इंग्लैंड के स्पिनरों ने बख़ूबी इस पिच का इस्तेमाल किया और पहली पारी में जहाँ पनेसर को पाँच विकेट मिले थे तो दूसरी पारी में उन्होंने सिर्फ़ 81 रन देकर छह विकेट लिए.
पनेसर ने क्लिक करें दोनों ही पारियों में सहवाग और तेंदुलकर के विकेट लिए. स्वान को दोनों ही पारियों में चार विकेट मिले.








