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पूरन के तूफ़ान के बाद दिनेश कार्तिक और हर्षल पटेल की चूक से हारी RCB
इंडियन प्रीमियर लीग में रविवार को खेले गए मुक़ाबले के अंतिम ओवर की पाँच गेंदों पर पाँच छक्के लगाए जाने के बाद सोमवार को भी एक सुपर मुक़ाबला देखने को मिला.
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलौर और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच खेले गए इस मुक़ाबले का रोमांच आख़िरी गेंद तक चला और आख़िरी में बाजी लखनऊ के नाम लगी.
मैच के आख़िरी ओवर में लखनऊ को पांच रन बनाने थे और उनके पास तीन विकेट थे.
हर्षल पटेल की पहली गेंद पर जयदेव उनादकट ने एक रन बनाया.
दूसरी गेंद पर हर्षल ने मार्क वुड को क्लीन बोल्ड कर दिया. ये पटेल का सौवां आईपीएल विकेट था.
इसके बाद रवि बिश्नोई ने दो गेंदों पर तीन रन बनाकर स्कोर को बराबरी पर ला दिया. पांचवीं गेंद पर हर्षल पटेल की गेंद पर उनादकट का मुश्किल सा कैच डूप्लेसि ने लपका.
ऐसे में लखनऊ को जीत के लिए आख़िरी गेंद पर एक रन बनाने थे और उनकी आख़िरी जोड़ी क्रीज़ पर थी.
हर्षल पटेल को इस गेंद पर नॉन स्ट्राइकर बल्लेबाज़ को रन आउट कर सकते थे, लेकिन मनकडिंग आउट करने से वह चूक गए. नॉन स्ट्राइकर बल्लेबाज़ रवि विश्नोई क्रीज़ से बाहर निकल आए थे लेकिन पटेल गेंद, विकेट पर नहीं लगा सके.
उन्हें फिर से गेंद डालनी थी और इस बार सामने आवेश ख़ान बल्ले से गेंद का संपर्क नहीं कर सके. विकेट कीपर दिनेश कार्तिक गेंद को ठीक से कलेक्ट नहीं कर सके और रवि बिश्नोई ने यह रन पूरा कर लिया.
दिनेश कार्तिक की इस कीपिंग को लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी आलोचना भी हुई. लोगों ने भारत के पूर्व कप्तान और विकेट कीपर महेंद्र सिंह धोनी से उनकी तुलना की और धोनी को बेहतर बताया.
आख़िरी गेंद के इस रोमांच को अगर छोड़ दें तो उससे काफ़ी पहले निकोलस पूरन ने लखनऊ की जीत के दरवाजे तक पहुंचा दिया.
निकोलस की पारी पर चर्चा करने से पहले इंपैक्ट खिलाड़ी आयुष बडोनी की भी तारीफ़ करनी होगी जिन्होंने 24 गेंदों पर 30 रन बनाकर टीम को जीत की राह पर बनाए रखा.
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वे जिस तरह से आउट हुए, वो भी कम दिलचस्प नहीं था. पॉर्नेल की गेंद पर उन्होंने छक्का लगाकर दोनों टीमों का स्कोर बराबरी पर ला दिया था, लेकिन छक्का लगाने के बाद वे अपने बल्ले को नियंत्रण में नहीं रख सके और बल्ला विकेट से जा टकराया, जिसके चलते वे हिट विकेट आउट हुए. यानी गेंद भी बाहर थी और बल्लेबाज़ भी बाहर हो गया.
पूरन का धमाका
बहरहाल, वेस्टइंडीज़ के बाएं हाथ के विकेट कीपर बल्लेबाज़ पूरन जब क्रीज पर उतरे तब लखनऊ की पारी का 11वां ओवर फेंका जा रहा था और टीम 99 रन तक पहुंचने में चार विकेट गंवा चुकी थी.
पूरन छठे डाउन बल्लेबाज़ी करने उतरे थे और मैच एक लिहाज से बैंगलोर की झोली में जाता दिख रहा था. लेकिन पूरन आज कुछ अलग ही रंग में थे, दूसरी ही गेंद पर उन्होंने ज़ोरदार छक्का जड़ दिया.
इसके बाद लोकेश राहुल 18 रन बनाकर आउट हो गए, यानी पूरन पर दबाव बढ़ गया. बढ़ते दबाव को कम करने के लिए पूरन ने पहले तो कर्ण शर्मा की लगातार दो गेंदों पर छक्के लगाए.
इसके बाद हर्षल पटेल के ओवर में दो छक्के और एक चौका जमाया. वेन पार्नेल की गेंद पर छक्का जमाकर उन्होंने अपनी हॉफ़ सेंचुरी पूरी की. महज 15 गेंदों पर उन्होंने ये अर्धशतक पूरा किया. पहली पांच गेंदों पर 10 रन बनाने वाले पूरन ने अगली दस गेंदों पर 40 रन जोड़ लिए.
आईपीएल की सबसे तेज़ फिफ्टी, बनाने से वे महज एक गेंद से चूक गए लेकिन लखनऊ को मुक़ाबले में बनाए रखने के लिए उन्होंने 19 गेंदों पर 62 रन ठोक दिए. चार चौके और सात छक्के की अपनी पारी से उन्होंने कोहली, मैक्सवेल और फ़ैफ़ डूप्लेसि की चमक को फीका कर दिखाया.
पूरन की पारी गेम चेंज़र साबित हुई लेकिन लखनऊ को मुक़ाबले में मार्कस स्टोइनिस ने बनाए रखा. उन्होंने छह चौके और पांच छक्के की मदद से 30 गेंदों पर 65 रनों की पारी खेली.
स्टोइनिस जब बल्लेबाज़ी करने उतरे तब लखनऊ 23 रन पर तीन विकेट गंवा चुकी थी, पहली तीन गेंदों पर वे कोई रन भी नहीं बना सके लेकिन इसके बाद वे जम गए और महज 25 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. उनकी पारी के चलते ही लखनऊ की टीम कभी मुक़ाबले से बाहर नहीं दिखी.
बेंगलौर की ओर से मोहम्मद सिराज़ और वेन पार्नेल ने तीन-तीन विकेट ज़रूर लिए लेकिन पार्नेल महंगे साबित हुए. उन्होंने चार ओवरों में 41 रन दिए जबकि हर्षल पटेल और कर्ण शर्मा ने चार ओवरों की गेंदबाज़ी में 12 की औसत से रन दिए.
केजीएफ़ की पारी नाकाम
सिराज़ को दूसरे छोर से साथ नहीं मिला और यही वजह रही कि लखनऊ के सामने विराट कोहली, ग्लेन मैक्सवेल और फ़ैफ़ डूप्लेसी ( केजीएफ़) तिकड़ी की पारियां नाकाम रहीं.
विराट कोहली ने 44 गेंदों पर चार चौके और छह छक्के की मदद से 61 रन बनाए. वे आईपीएल इतिहास में अब तक की सभी प्रतिद्वंद्वी टीमों के ख़िलाफ़ हाफ सेंचुरी पूरी करने वाले पहले बल्लेबाज़ बन गए.
वे 2008 से ही बेंगलौर की टीम का हिस्सा हैं और आईपीएल में अब तक शामिल रही सभी टीम 13 टीमों के ख़िलाफ़ हाफ़ सेंचुरी पूरी करने वाले वे पहले बल्लेबाज़ हैं.
जबकि टीम के कप्तान फ़ैफ़ डूप्लेसि ने पांच चौके और पांच छक्के की मदद से 46 गेंदों पर नाबाद 79 रन बनाए. इनमें एक छक्का 115 मीटर लंबा था जो चिन्नास्वामी स्टेडियम के पार चला गया.
एक समय डूप्लेसि 31 गेंदों पर 33 रन बनाकर खेल रहे थे, लेकिन इसके बाद पारी की आख़िरी 15 गेंदों पर उन्होंने 46 रन बटोरे.
वहीं पारी की अंतिम गेंद से ठीक पहले आउट हुए मैक्सवेल ने 29 गेंदों पर तीन चौके और छह छक्के की मदद से 59 रन बनाए.
लेकिन इन तीनों बल्लेबाज़ों की स्ट्राइक रेट स्टोइनिस और पूरन के सामने कमतर साबित हुई.
बेंगलौर की टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए अनुष्का शर्मा भी स्टैंड में मौजूद थीं और टीम के उतार चढ़ाव के पलों का असर भी उन पर साफ़ ज़ाहिर हो रहा था.
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