संजू सैमसन को मौक़ा न दिए जाने पर फ़ैन्स के निशाने पर आए हार्दिक पंड्या

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी-20 मैच में भारत ने शानदार जीत दर्ज की और सूर्यकुमार यादव ने एक बार फिर दिखाया कि उनकी बल्लेबाज़ी में कितना दम है.

टी-20 विश्व कप में मिली नाकामी के बाद हार्दिक पंड्या की कप्तानी में भारतीय टीम न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ टी-20 मैच खेल रही है.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया है.

न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी-20 में जीत के बावजूद कप्तान हार्दिक पंड्या और टीम के कोच वीवीएस लक्ष्मण निशाने पर हैं.

और वजह है संजू सैमसन को मौक़ा न दिया जाना.

दूसरे टी-20 मैच में विकेटकीपर के रूप में ऋषभ पंत को मौक़ा दिया गया जिन्होंने ईशान किशन के साथ पारी की शुरुआत की.

हालाँकि ऋषभ पंत एक बार फिर नाकाम रहे और कोई ख़ास प्रदर्शन नहीं कर पाए.

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने भी संजू सैमसन को मौक़ा दिए जाने की बात कही है.

रवि शास्त्री ने कहा- संजू सैमसन को मौक़ा दो. दस मैच दो उसको. ऐसा नहीं कि दो मैच खिलाया और फिर बैठा दिया. दूसरे लोगों को बैठाओ. संजू सैमसन को 10 मैच खिलाओ और फिर देखो की आगे क्या करना है.

संजू सैमसन को एशिया कप और टी-20 वर्ल्ड कप की टीम में भी नहीं रखा गया था. भारत ने टी-20 वर्ल्ड के कुछ मैचों में दिनेश कार्तिक, तो कुछ मैचों में ऋषभ पंत को विकेट कीपर के रूप में आज़माया. लेकिन दोनों का प्रदर्शन विश्व कप में कुछ ख़ास नहीं रहा.

हालाँकि संजू सैमसन ने इस साल आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया था. उन्होंने 458 रन बनाए थे और उनकी स्ट्राइक रेट भी 146.79 थी.

संजू सैमसन ने अभी तक भारत की ओर से 16 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. इस साल अगस्त में उन्होंने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ टी-20 मैच खेला था.

ये भी पढ़ें:-

फ़ैन्स हैं नाराज़

संजू सैमसन को टीम में जगह नहीं मिलने से उनके फ़ैन्स नाराज़ हैं और उन्होंने कप्तान हार्दिक पंड्या और कोच वीवीएस लक्ष्मण पर भी निशाना साधा है.

संजू सैमसन फ़ैन्स पेज वाले ट्विटर अकाउंट से लिखा गया है कि वर्ष 2014 से संजू सैमसन के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया है.

क्रिकेटट्रैकर ने लिखा है कि एक बार फिर संजू सैमसन को टीम में जगह नहीं मिली. लेकिन स्टैंड्स से फ़ैन्स उन्हें चीयर कर रहे हैं.

कुछ लोगों ने इसे संजू सैमसन के साथ अन्याय बताया है.

तो कई ने संजू सैमसन का ज़िक्र करते हुए सब खिलाड़ियों को बराबर मौक़ा दिए जाने की वकालत की है और इसे राजनीति कहा है.

ये भी पढ़ें:-

संजू सैमसन का करियर

संजू सैमसन को पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर पहचान उस समय मिली, जब 2011 में उन्हें अंडर-19 एशिया कप में मौक़ा मिला था.

लेकिन इस प्रतियोगिता में वे कुछ ख़ास नहीं कर पाए.

हालाँकि इससे पहले वे केरल में जूनियर सर्किट में अपनी बल्लेबाज़ी का लोहा मनवा चुके थे.

2011 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने अपना पहला मैच खेला. रणजी ट्रॉफ़ी में उन्होंने केरल की ओर से बल्ले से काफ़ी प्रभावित किया और विकेटकीपिंग भी अच्छी की.

2015-16 में उन्हें केरल का कप्तान नियुक्त किया गया.

संजू सैमसन शायद ऐसे एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्हें राष्ट्रीय टीम से कम और आईपीएल से ज़्यादा नाम मिला.

वर्ष 2013 में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें अपनी टीम के लिए ख़रीदा था. उस समय सैमसन 18 साल के थे.

वर्ष 2021 में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें कप्तान बनाया. अपनी कप्तानी में उन्होंने टीम के लिए 484 रन बनाए.

इस सीज़न में पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ पहले ही मैच में संजू सैमसन ने 63 गेंदों पर 119 रनों की पारी खेली थी.

हालाँकि उनकी टीम ख़िताब से दूर ही रही. 2022 के सीज़न में भी आईपीएल में सैमसन के बल्ले से 458 रन निकले.

वर्ष 2015 में उन्हें भारत की टी-20 टीम में शामिल किया गया.

हरारे में ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ उन्होंने अपना पहला मैच खेला.

लेकिन उन्हें अपना दूसरा मैच खेलने के लिए साढ़े चार साल इंतज़ार करना पड़ा.

वर्ष 2021 में उन्होंने भारत की ओर से अपना पहला वनडे मैच खेला.

वनडे में भी उन्हें अपना दूसरा मैच खेलने के लिए एक साल इंतज़ार करना पड़ा.

ये भी पढ़ें:-

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)