संजू सैमसन की तारीफ़ हो रही, फिर टीम इंडिया में क्यों नहीं चुने गए

    • Author, अभिजीत श्रीवास्तव
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

टीम इंडिया के लिए खेल चुके क्रिकेटर हों या मैच पर अपनी पैनी नज़र रखने वाले क्रिकेट विश्लेषक, दिग्गज कमेंटेटर या हों वरिष्ठ पत्रकार सभी विकेटकीपर-बल्लेबाज़ और कप्तान संजू सैमसन की तारीफ़ कर रहे हैं.

22 मई को दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टी20 मैचों के लिए टीम इंडिया की घोषणा की गई तो संजू सैमसन का नाम उस लिस्ट से गायब था.

दो दिन बाद यानी 24 मई को संजू राजस्थान रॉयल्स के लिए अपने तीन हज़ार रन पूरे कर रहे थे. क्वालिफ़ायर-1 में पावरप्ले के दौरान पिच पर आते ही पहली गेंद पर छक्का लगाया और एक गेंद बाद चौका. उन्होंने बल्ले से पहली छह स्कोरिंग शॉट्स 6, 4, 4, 4, 6, 6 लगाए.

संजू 40 मिनट पिच पर ठहरे, 5 चौके, तीन छक्के लगाए और 26 गेंदों पर 47 रन बनाए.

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने ट्वीट किया फिर हर्ष भोगले का एक और ट्वीट आया.

भोगले ने कहा, "संजू सैमसन का शानदार प्रदर्शन. टी20 क्रिकेट फ़िफ्टी जैसे आमतौर पर माने जाने वाले लैंडमार्क से नहीं मापी जाती. आप अपना कितना प्रभाव डालते हैं, ये उस बारे में है."

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने संजू सैमसन को पूरा मौका दिए जाने की वकालत की. उन्होंने कहा, "संजू सैमसन को बिना ब्रेक लगातार कम से कम आधा दर्जन मुक़ाबले में तीसरे/चौथे पायदान पर उतार कर देखें और तब बताएं कि वो भारतीय टीम के लिए कितने उपयोगी हैं. टी20 में 'एक्स फ़ैक्टर' (यानी मुश्किल परिस्थितियों में मैच को जिताने की क्षमता) वाले क्रिकेटरों की ज़रूरत होती है और संजू में गेंद को मारना आसान बनाने का पूरा गुण है."

27 वर्षीय संजू सैमसन की तारीफ़ टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भी की. वे संजू को इस आईपीएल का सबसे प्रभावशाली कप्तान मानते हैं.

पार्थिव कहते हैं, "संजू आईपीएल 2022 में सबसे प्रभावशाली कप्तान रहे हैं. वे मैदान पर शांत दिखते हैं. उनके फ़ैसले लेने में गज़ब का आत्मविश्वास झलकता है. उन्होंने अपनी कप्तानी में काफ़ी सुधार किया है."

तो इरफ़ान पठान भी संजू सैमसन की कप्तानी की तारीफ़ कर चुके हैं. इरफ़ान पठान का मानना है कि पहले बल्लेबाज़ी करना और फिर बाद में जितने रन बनाए हैं उसे विपक्षी टीम को न बनाने देना, इसके लिए बेहतरीन कप्तानी कौशल की ज़रूरत होती है.

इरफ़ान कहते हैं, "संजू सैमसन इस सीज़न में अब तक के सबसे बेहतरीन युवा कप्तानों में से रहे हैं. जब स्कोरबोर्ड पर बन चुके रन बनाने से विपक्ष को रोकना हो तब इस खेल में कप्तान की बड़ी भूमिका आती है, राजस्थान रॉयल्स ये नियमित रूप से कर रही है."

संजू की बल्लेबाज़ी काबलियत पर क्या बोले रोहित शर्मा?

ख़ुद टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने संजू सैमसन के गेंद को हिट करने की क्षमता की सराहना कर चुके हैं.

इसी साल फ़रवरी में श्रीलंका के ख़िलाफ़ टी20 सिरीज़ से पहले टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने भी संजू सैमसन की तारीफ़ की थी.

सिरीज़ से पहले वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान लखनऊ में रोहित ने कहा था, "संजू के पास शॉट्स बनाने की काबलियत है जिसकी ख़ास तौर पर ऑस्ट्रेलिया में ज़रूरत पड़ती है."

तब संजू लंबे अरसे के बाद टीम इंडिया में लौटे थे.

रोहित ने कहा, "संजू के पास प्रतिभा है. जब भी मैंने उन्हें आईपीएल में बल्लेबाज़ी करते देखा है वो ऐसी पारी खेलते हैं कि हम सभी उसे देखकर रोमांचित हो जाते हैं. तो उनके पास सफल होने की कला है."

रोहित ने संजू की तारीफ़ में कोई कमी नहीं की

रोहित ने कहा, "खेलने की कला तो कई लोगों में होती है, बहुत से लोग में प्रतिभा भी है लेकिन वो उसका उपयोग कैसे करते हैं ये सबसे अहम है."

रोहित बोले, "अब यह संजू को समझना होगा कि वे अपनी प्रतिभा का उपयोग कैसे करना चाहते हैं और इसे कैसे और बड़ा करना चाहते हैं. बतौर एक टीम मैनेजमेंट हम उनमें काफ़ी संभावनाएं देखते हैं, उनमें काफ़ी प्रतिभा है. उस एक व्यक्ति में बहुत से मैच जीतने की क्षमता है. मुझे उम्मीद है कि जब भी उन्हें मौक़ा मिलता है और वे हमारे लिए खेलते हैं तो हम उन्हें वो आत्मविश्वास देते हैं, मुझे उम्मीद है वे उसे समझते हैं."

इसी साल टी20 वर्ल्ड कप के लिए संजू के नाम पर विचार होने की बात किए जाने पर रोहित विस्तार से बोले, "निश्चित रूप से वे नज़र में हैं, यही वजह है कि इस टीम में हैं. बैकफ़ुट पर उनका खेल शानदार है, पुल शॉट, कट शॉट, खड़े हो कर गेंदबाज़ के सिर के ऊपर से मारना- जैसे कुछ शॉट्स आपने आईपीएल में ज़रूर देखे होंगे. इस तरह से गेंद को मारना आसान नहीं होता."

"मेरा मानना है कि जब आप ऑस्ट्रेलिया जाते हैं तो आपको वहां ऐसे ही शॉट्स मारने की काबलियत वाले की ज़रूरत होती है और संजू सैमसन में निश्चित रूप से ये खूबी है. मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि वे अपनी क्षमताओं का अधिकतम उपयोग करें."

जब इतनी तारीफ़ हो रही है तो फिर क्या कारण है कि संजू सैमसन का टीम इंडिया में चयन नहीं किया गया?

दरअसल इसके लिए हमें आईपीएल 2021 के उस मैच में चलना होगा जब राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच दुबई में मुक़ाबला हुआ. उस मैच में संजू सैमसन ने पांच गेंदों में केवल चार रन बनाए. टीम ने 185 रन का लक्ष्य रखा और पंजाब उस टोटल को क़रीब क़रीब पार करने ही वाला था कि कार्तिक त्यागी ने 20वें ओवर में दीपक हुडा और निकोलस पूरन का विकेट लेकर राजस्थान को दो रन से जीत दिलाई थी.

मैच के बाद दिग्गज़ पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने संजू सैमसन की बल्लेबाज़ी पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की. उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स पर मैच के बाद कहा कि संजू को अगर टीम इंडिया में एक नियमित खिलाड़ी बनना है तो उन्हें अपने शॉट्स सेलेक्ट करने होंगे.

आईपीएल में कई मौके पर वो पिच पर आने के साथ लंबे, ऊंचे शॉट्स खेलने की कोशिश में दिखते हैं.

जब गावस्कर हुए नाराज़

गावस्कर बोले, "शॉट्स सेलेक्शन की वजह से ही वो फेल होते हैं. यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्हें बल्लेबाज़ी की शुरुआत नहीं करनी होती. वो एक या दो विकेट गिरने के बाद आते हैं. और आते ही पहली गेंद को मैदान के बाहर मारने में लग जाते हैं. ये असंभव है. चाहे आप क्यों न बेजोड़ फॉर्म में चल रहे हों, ये बिल्कुल असंभव है. आपको दो-तीन गेंदें धीमी खेलते हुए सिंगल्स या डबल लेने चाहिए फिर अपने हाथ खोलने चाहिए."

"आने वाले वक़्त में उनमें ये ही देखा जाएगा अन्यथा ईश्वर की दी ये बेहतरीन प्रतिभा बर्बाद होने वाली है. मैं हमेशा कहता हूं कि बहुत से शॉट्स का सेलेक्शन आपके स्वभाव पर निर्भर करता है. ये ही सीनियर्स को बच्चों से अलग करता है. लिहाजा उनके लिए टीम इंडिया में एक नियमित खिलाड़ी बनना उनके शॉट्स के सेलेक्शन पर निर्भर करेगा."

अब आईपीएल 2022 में आते हैं. क्वालिफ़ायर-1 को हार कर राजस्थान को क्वालिफ़ायर-2 में बैंगलोर से मुक़ाबला करना है.

दोनों टीमें इसी टूर्नामेंट में 4 अप्रैल को एक दूसरे के ख़िलाफ़ खेल चुकी हैं और तब बैंगलोर ने वो मैच चार विकेट से जीत लिया था.

उस मैच में कप्तान संजू सैमसन अंतिम ओवरों में बैटिंग करने उतरे थे और केवल आठ गेंदों पर उतने ही रन बना कर वानिंदु हसरंगा की गेंद पर आउट हो गए थे.

रवि शास्त्री भी कर चुके हैं खिंचाई

ईएसपीएनक्रिकइन्फो पर टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने तब संजू सैमसन की खिंचाई की. वे बोले, "उनके साथ सबसे बड़ी समस्या यही है. ये वैसा ही है जब किसी क्रिकेटर के पास खेलने के लिए बहुत अधिक शॉट्स होते हैं और वो उन सभी को पहले पांच ओवरों में ही खेल लेना चाहता हो... तो ये समस्या है."

"अगर वे पिच के मुताबिक और मैच में मौजूदा हालात के माफिक अपने शॉट्स में से सही चयन कर सकें तो मुझे लगता है कि वो कहीं अधिक और लगातार प्रदर्शन कर सकेंगे. अब वे काफ़ी लंबे अरसे से यहां खेल रहे हैं. आप 10 साल बाद भी वही ग़लती करते हुए 20-25 रन बनाकर आउट हो जाएं ऐसा नहीं कर सकते."

शास्त्री ने कहा, "उनके पास इस बार ऐसी टीम है कि वो आराम से अपना स्कोर कर सकते हैं."

शास्त्री बोले कि, "जब मैंने उन्हें इस बार आईपीएल में देखा तो वो मुझे पहले से शांत दिखे. उनमें पहले से परिपक्वता आई है."

विराट कोहली से तुलना...

इस दौरान शास्त्री ने कोहली से भी संजू की तुलना की. उन्होंने कहा, "संजू को आप किस तरह आगे देखना चाहते हैं कि वो विपक्ष को थोड़ा और पढ़ें फिर उनके शॉट्स का सेलेक्शन आता है. आपको ये समझना होगा कि किस तरह के शॉट्स आपके लिए स्कोर करेंगे, आप सामने वाले गेंदबाज़ को देख कर भी इसका अनुमान लगा सकते हैं. ये वो जगह है जहां कोहली कहीं अधिक परिपक्व हैं, अनुशासित हैं और ख़ुद पर पूरा नियंत्रण रखते हैं इसिलिए वे बड़ा स्कोर करते हैं. अगर संजू अपनी बैटिंग में वो ले आएं, विपक्ष को कुछ और देर पढ़ना, कुछ और देर देखना और फिर हिट करना, तो वे भी वहां पहुंच जाएंगे क्योंकि उनमें उड़ान भरने की पूरी क्षमता है."

रवि शास्त्री ने गुजरात के ख़िलाफ़ क्वालिफ़ायर-1 में संजू सैमसन की 26 गेंदों पर 47 रनों की पारी के बाद भी यही कहा कि उनका ग़लत शॉट सेलेक्शन ही आउट होने की वजह बना.

संजू सैमसन का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन

संजू सैमसन के जिस प्रदर्शन की बात सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री ने की उससे उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर भी प्रभाव पड़ा है. शायद यही वजह है कि वो भारतीय टीम में आते जाते रहे हैं और अब तक बहुत मैच खेल सके हैं.

संजू टीम इंडिया में पहली बार 2015 में आए और अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेले. जिम्बाब्वे के ख़िलाफ़ उन्हें एक मैच खेलने को मिला. जिसमें उन्होंने 24 गेंदों पर 19 रन बनाए. उसके बाद अगले पांच साल तक उन्हें टीम इंडिया से बुलावा नहीं आया.

जनवरी 2020 में वापस उन्हें टीम में लिया गया और तब से अब तक वे 12 टी20 खेल चुके हैं. इसमें उनका अधिकतम स्कोर 39 रन है.

कुल मिलाकर 13 अंतरराष्ट्रीय टी20 मैचों की 12 पारियों में संजू ने 121.68 के स्ट्राइक रेट और 14.50 की औसत से कुल 174 रन बनाए हैं.

उन्हें जुलाई 2021 में श्रीलंका के ख़िलाफ़ पहली बार वनडे मैच में भी उतारा गया. संजू ने तब 46 गेंदों पर 46 रनों की पारी खेली.

चलिए एक नज़र डालते हैं आईपीएल में संजू सैमसन के अब तक के प्रदर्शन पर.

संजू सैमसन और उनका आईपीएल रिकॉर्ड

संजू सैमसन फ़ुटबॉल के लिए पहचान रखने वाले दक्षिण भारतीय राज्य केरल से आते हैं.

2013 में अपना आईपीएल करियर शुरू करने वाले संजू सैमसन ने अब तक 136 आईपीएल मैचों में 3 शतक और 17 अर्धशतकों के साथ 3489 रन बनाए हैं.

उन्हें 2013 में आईपीएल के बेस्ट यंग प्लेयर अवार्ड से नवाजा जा चुका है.

वे आईपीएल के उन आठ खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने तीन या उससे अधिक शतक लगाए हैं.

साथ ही वे आईपीएल इतिहास के सबसे अधिक छक्का जड़ने वाले 15 बल्लेबाज़ों में भी शामिल हैं. इस आईपीएल में उन्होंने छक्कों के मामले में युवराज सिंह (149 छक्के) जैसे क्रिकेटरों को पीछे छोड़ा है. अब तक आईपीएल में संजू ने कुल 156 छक्के लगाए हैं.

इस आईपीएल (2022) के डेथ ओवर में दनादन छक्के लगाने के लिए मशहूर दिनेश कार्तिक, रोवमन पॉवेल, डेविड मिलर, सिमरॉन हेटमायर, टिम डेविड और रिषभ पंत, रजत पाटीदार, डेविड वॉर्नर, मिशेल मार्श, ग्लेन मैक्सवेल, महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली जैसे नामी गिरामी बल्लेबाज़ों से भी अधिक छक्के संजू ने लगाए हैं.

वे जॉस बटलर (39), लियम लिविंग्स्टन (34), आंद्रे रसेल (32) और केएल राहुल (30) के बाद अपने 24 छक्कों के साथ पांचवें नंबर पर चल रहे हैं.

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