शाहिद अफ़रीदी के मोदी पर बोल से भड़के युवराज, हरभजन और शिखर धवन

पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद अफ़रीदी के भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर काफ़ी विवाद पैदा हो गया है.

गौतम गंभीर, युवराज सिंह, हरभजन सिंह और शिखर धवन जैसे क्रिकेटरों ने शाहिद अफ़रीदी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है और कहा है कि वो ऐसे शब्द कभी स्वीकार नहीं कर सकते.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की यात्रा के दौरान शाहिद अफ़रीदी ने ख़ास तौर पर भारत के प्रधानमंत्री मोदी का नाम लेकर कहा था कि उन्हें मजहब की बीमारी है.

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल और फ़िल्मकार अशोक पंडित ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए अफ़रीदी की आलोचना की है.

अफरीदी ने क्या कहा

एक वीडियो क्लिप में शाहिद अफ़रीदी ये कहते नज़र आ रहे हैं, "इस समय दुनिया में बहुत बड़ी बीमारी फैली हुई है. लेकिन इससे बड़ी बीमारी मोदी के दिलो-दिमाग़ में है. और वो बीमारी मजहब की बीमारी है. मजहब को लेकर वो सियासत कर रहे हैं. यहाँ से दो किलोमीटर की दूरी पर हमारे कश्मीरी भाई, कश्मीरी बहनें, बुज़ुर्ग उनके साथ इतने अरसे से वो आदमी जुल्म कर रहा है."

अफ़रीदी ने मोदी का नाम लेकर कहा कि वो अपने को बहुत दिलेर बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन हैं वो डरपोक आदमी.

इस वीडियो क्लिप में अफ़रीदी ने कहा, "इस छोटे से कश्मीर के लिए उन्होंने सात लाख की फ़ौज खड़ी कर रखी है. जबकि हमारे पूरे पाकिस्तान की फ़ौज़ सात लाख की है. मोदी को ये नहीं पता कि हमारे सात लाख फ़ौज के पीछे 22-23 करोड़ फ़ौज खड़ी है. हम सब अपनी फौज के साथ हैं. मैं अपनी फ़ौज को सैल्यूट करता हूँ."

शाहिद अफ़रीदी ने कश्मीर का ज़िक्र करते हुए पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में सेना और लोगों के साथ कई तस्वीरें ट्विटर पर साझा भी की हैं और लोगों का शुक्रिया कहा है.

युवराज नाराज़, भज्जी भड़के

अफ़रीदी का ये वीडियो क्लिप वायरल होते ही सबसे पहले हरभजन सिंह और युवराज सिंह पर सवाल उठने लगे.

दरअसल शाहिद अफ़रीदी एक चैरिटी संस्था भी चलाते हैं. पिछले दिनों इस चैरिटी संस्था के लिए इन दोनों क्रिकेटरों ने एक वीडियो बनाकर भेजा था.

आरोप ये भी लगा कि उन्होंने शाहिद अफ़रीदी की चैरिटी को पैसे दिए हैं, जबकि शाहिद अफ़रीदी भारत विरोधी बात कर रहे हैं और भारत के पीएम मोदी पर भी टिप्पणी कर रहे हैं.

हरभजन सिंह का स्पष्टीकरण

हरभजन सिंह ने एक टीवी न्यूज़ चैनल पर आकर स्पष्टीकरण दिया और कहा कि उन्होंने शाहिद अफ़रीदी की चैरिटी संस्था को पैसे नहीं दिए हैं. लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने और युवराज सिंह ने चैरिटी के लिए वीडियो बनाकर भेजा था.

हरभजन सिंह ने बताया कि शाहिद अफ़रीदी ने उनसे कहा था कि उनकी चैरिटी कोरोना काल में ग़रीबों और ज़रूरतमंदों को मदद कर रही है और उन्हें खाना-पीना उपलब्ध करा रही है और अगर वे वीडियो बनाकर भेजेंगे तो लोग मदद के लिए आगे आएँगे.

भज्जी ने कहा कि उन्होंने मानवता के नाते ऐसा किया था. लेकिन अफ़रीदी ने जिस तरह भारत विरोधी बयान दिया है और पीएम मोदी के बारे में जो कहा है, उसे वो स्वीकार नहीं कर सकते. भज्जी ने कहा कि आगे से वे अफ़रीदी से कोई रिश्ता नहीं रखेंगे.

युवराज सिंह का ट्वीट

दूसरी ओर युवराज सिंह ने भी ट्वीट कर कहा कि वे ऐेसे शब्द स्वीकार नहीं कर सकते.

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, "माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में शाहिद अफ़रीदी के शब्दों से काफ़ी निराश हूँ. एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते और देश के लिए खेलने वाले क्रिकेटर के नाते मैं ऐसे शब्द स्वीकार नहीं कर सकता. मैंने मानवता के नाते आपके लिए अपील की थी. लेकिन अब फिर कभी ऐसा नहीं करूँगा. जय हिंद."

गौतम गंभीर ने भी जताई नाराज़गी

पूर्व क्रिकेटर और अब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर ने भी शाहिद अफ़रीदी के बयान पर नाराज़गी जताई.

उन्होंने ट्वीट किया, "पाकिस्तान की सात लाख फ़ौज को 20 करोड़ लोगों का समर्थन, ये कहना है 16 साल के आदमी शाहिद अफ़रीदी का. फिर भी 70 साल से कश्मीर के लिए भीख मांग रहे हैं."

गौतम गंभीर ने अफ़रीदी, पाकिस्तान के पीए इमरान ख़ान और सेनाध्यक्ष बाजवा को जोकर तक कह दिया और ये भी कहा कि वे पाकिस्तान की जनता को मूर्ख बना रहे हैं. गंभीर ने कहा कि उन्हें कश्मीर कभी नहीं मिलेगा. उन्हें बांग्लादेश याद रखना चाहिए.

भारत के सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन ने भी ट्वीट पर अफ़रीदी पर अपना ग़ुस्सा निकाला है.

उन्होंने लिखा है, "इस वक़्त जब सारी दुनिया कोरोना से लड़ रही है, उस वक़्त भी तुमको कश्मीर की पड़ी है. कश्मीर हमारा था, हमारा है और हमारा ही रहेगा. चाहे 22 करोड़ ले आओ, हमारा एक सवा लाख के बराबर है. बाक़ी गिनती अपने आप कर लेना."

इन सबके बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी कश्मीर को लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट्स किए हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अलावा भारतीय सेना पर उत्पीड़न का आरोप भी लगाया है.

मैदान पर शाहिद अफ़रीदी से तनातनी

क्रिकेट के मैदान पर शाहिद अफ़रीदी और कई भारतीय क्रिकेटरों के बीच कई बार तनातनी हो चुकी है. ख़ासकर गौतम गंभीर कई बार मैदान पर उनसे उलझ चुके हैं.

पिछले साल आई अपनी आत्मकथा गेम चेंजर में अफ़रीदी ने गौतम गंभीर पर कई टिप्पणी की थी.

अफ़रीदी ने अपनी आत्मकथा में लिखा था कि भारत के इस पूर्व ओपनर खिलाड़ी के साथ उनके रवैए को लेकर समस्याएं हैं.

अफ़रीदी ने इसके अलावा लिखा था कि गंभीर का कोई व्यक्तित्व नहीं है और न ही कोई ख़ास रिकॉर्ड उनके नाम है.

इसके जवाब में गंभीर ने ट्वीट कर कहा था, "भारत अभी भी मेडिकल टूरिज़्म के लिए पाकिस्तानियों को वीज़ा दे रहा है और वह ख़ुद उनको मनोचिकित्सक के पास लेकर जाएंगे."

2007 में कानपुर में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एकदिवसीय मैच में दोनों खिलाड़ियों को आईसीसी की आचार संहिता तोड़ने का दोषी पाया गया था.

उस घटना पर अफ़रीदी ने कहा था कि 2007 एशिया कप के दौरान गंभीर रन लेते हुए उनसे टकरा गए थे जिसके बाद अंपायर को यह मामला सुलझाना पड़ा.

अफ़रीदी ने कहा था कि उस दौरान दोनों में ज़ोरदार बहस हुए थी और दोनों ने एक-दूसरे की महिला रिश्तेदारों पर बोला था.

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