ICC Women's T20 World Cup 2020: शेफ़ाली वर्मा: वर्ल्ड कप में 17 गेंदों में 39 रन बनाने वाली क्रिकेटर की कहानी

शिफ़ाली वर्मा

इमेज स्रोत, Getty Images

    • Author, वंदना
    • पदनाम, टीवी संपादक (भारतीय भाषाएं), बीबीसी
News image

"लड़की होकर तू क्या खेलेगी, जा बाहर जाकर ताली बजा. जब मैं क्रिकेट खेलने जाती तो लड़के यही बोलते. तब मेरे बाल भी लंबे थे. बड़ा अजीब सा लगता था. मैंने भी तब ठान लिया कि बाल कटवा लूँगी. मैं जब बाल कटवा कर गई तो उन्हें पता ही नहीं चला कि ये मैं हूँ. मुझे लड़की से लड़का बनना पड़ा."

16 साल की ये क्रिकेटर वही शेफ़ाली वर्मा है जिन्होंने बांग्लादेश के ख़िलाफ़ टी-20 वर्ल्ड कप मैच में भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. शिफ़ाली ने 17 गेंदों में 39 रन बनाए थे.

लेकिन शेफ़ाली की ऊपर कही बातें ये बताने के लिए काफ़ी हैं कि आज भी किसी छोटे शहर या कस्बे में एक लड़की को मैदान पर खेलने के लिए किस कदर संघर्ष करना पड़ता है. पर साथ ही भारतीय क्रिकेट टीम की ऐसी युवा खिलाड़ी हिम्मत और हौसले की भी मिसाल हैं.

शेफ़ाली वर्मा ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारत की महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं. सिंतबर 2019 में 15 साल की उम्र में शिफ़ाली ने भारत के लिए टी-20 टीम में डेब्यू किया था.

शेफ़ाली सचिन तेंदुलकर की बहुत बड़ी फ़ैन हैं. पिछले साल उन्होंने अपने हीरो सचिन का 30 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया जब वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक बनाने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनीं. शिफ़ाली ने वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 49 गेंदों में 73 रन बनाए थे.

वीडियो कैप्शन, पीवी सिंधुः BBC Indian Sportswoman of the Year की नॉमिनी

2004 में हरियाणा के रोहतक ज़िले के रहने वाले शेफ़ाली के पिता भी क्रिकेट के शौकीन थे लेकिन उन्हें परिवार से ज़्यादा समर्थन नहीं मिला. लेकिन वो कमी उन्होंने बेटी को महसूस होने नहीं दी.

शेफ़ाली ने पिछले साल बीबीसी से बातचीत में बताया था, "सहेलियाँ अकसर पूछती थीं कि क्रिकेट को क्यों चुन लिया. तब मैं फ़ोटो दिखाती थी- हरमन दी, मिताली दी को देखा है, इन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम को फ़ाइनल में पहुँचाया है. फिर सबका मुंह बंद हो जाता."

वीडियो कैप्शन, पैरा-बैडमिंटन एथलीट मानसी जोशी के कहानी

2013 में सचिन रणजी मैच के लिए हरियाणा के गेस्ट हाउस में रुके हुए थे और वहाँ खेल रहे थे. शेफ़ाली उन्हें देखने के लिए ख़ास तौर पर आती थीं और छोटी शिफ़ाली ने ठान लिया कि टेनिस छोड़ क्रिकेट खेलना है. और वो ज़िद शिफ़ाली को वर्ल्ड कप तक लाई है.

शेफ़ाली का करियर शुरू हुए पाँच महीने ही हुए हैं और उनकी बल्लेबाज़ी को अभी से भारतीय टीम की मज़बूती माना जा रहा है. वर्ल्ड कप में भी उन पर नज़र रहेगी. वो 14 टी-20 मैचों में 324 रन बना चुकी हैं.

राधा यादव

शेफ़ाली की तरह टी-20 वर्ल्ड कप खेल रही युवा खिलाड़ी राधा की कहानी भी हिम्मत और हौसले की कहानी है.

राधा यादव सिर्फ़ 19 साल की हैं और 2020 उनका दूसरा टी-20 वर्ल्ड कप है. टी-20 वर्ल्ड रैंकिग में राधा चौथे नंबर पर है जो दर्शाता है कि भारतीय गेंदबाज़ी में उनकी क्या जगह है.

राधा का बचपन काफ़ी ग़रीबी में बीता. मुंबई में कांदिवली के 200-250 स्क्वेयर फ़ीट के उनके घर को देखकर अंदाज़ा लगाना मुश्किल है कि यहाँ से निकलकर राधा ने भारतीय टीम में जगह बनाई है.

साल 2000 में जन्मी राधा के पिता ओम प्रकाश रोज़ी रोटी के लिए यूपी के जौनपुर से मुंबई आए और एक छोटे से खोखे से दूध बेचते थे.

वीडियो कैप्शन, विनेश फोगाट: BBC Indian Sportswoman of the Year की नॉमिनी

बेटी राधा कमाल का क्रिकेट खेलती थीं लेकिन घर में पैसे नहीं थे. उस वक़्त राधा को कोच प्रफुल्ल नाइक का साथ मिला जिन्होंने राधा को समर्थन भी दिया और मार्गदर्शन भी किया.

2018 में राधा को 17 साल की उम्र में भारतीय टी-20 टीम में पहली बार मौक़ा मिला. 2019 में आईसीसी की टीम ऑफ़ द ईयर (टी-20) में राधा का भी नाम था.

वीडियो कैप्शन, मैरी कॉम: BBC Indian Sportswoman of the Year की नॉमिनी

काफ़ी बुरे आर्थिक हालात से निकलने की बाद भी राधा का हौसला कम नहीं हुआ.

जब 2020 में राधा को बीसीसीआई ने ग्रेड बी कॉन्ट्रेक्ट में प्रमोट किया (तीस लाख) तो राधा के लिए बड़ा दिन था. पिता के लिए अब तीन कमरों पर एक घर ख़रीदा है. लेकिन सपने अभी और भी हैं.

टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप में शिखा पांडे और दीप्ति के साथ राधा पर गेंदबाज़ी का दारोमदार है.

जेमाइमा रॉड्रिग्स

जेमाइमा भले ही 19 साल की हों पर भारतीय क्रिकेट टीम के लिए वो 39 टी-20 और 16 वनडे मैच खेल चुकी हैं.

ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप में वो भारतीय क्रिकेट टीम की बहुत ही भरोसेमंद बल्लेबाज़ हैं. आईसीसी टी-20 रैंकिंग में वो सातवें नंबर पर हैं.

बहुत सारे क्रिकटरों की तरह जेमाइमा भी सचिन को अपना आइडल मानती हैं. बचपन से ही क्रिकेट खेलने वाली जेमाइमा ने मुंबई, अंडर-19 और बहुत जल्द भारतीय टीम में जगह बनाई है.

टीम में जेमाइमा जेमी के नाम से बुलाई जाती हैं और हरफ़नमौला हैं. जेमी जितनी अच्छी बेल्लीबाज़ी करती हैं, उतनी ही अच्छी गिटार भी बजाती हैं. और सोशल मीडिया पर तो वो क्रिकेट की पिच की तरह स्टार हैं.

ऋचा घोष

केवल 16 साल की ऋचा घोष भी ऑस्ट्रेलिया में खेल रही भारतीय वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा हैं.

वर्ल्ड कप से कुछ दिन पहले ही ऋचा ने फ़रवरी में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच खेला. इतने कम अनुभव के बावजूद ऋचा ने टीम में जगह बनाई है.

सचिन उनके हीरो और धोनी की तरह छक्के लगाना ऋचा का पसंदीदा स्टाइल है.

सिलीगुड़ी जैसी छोटे सी जगह की रहने वाली ऋचा वहाँ लोकल क्लब में खेलने वाली अकेली लड़की हुआ करती थी. लेकिन वो डटी रहीं.

11 साल की उम्र में वो अंडर-19 टीम में जगह बना चुकी थी.

वीडियो कैप्शन, घर के पास मैदानों में लड़कियां क्यों नहीं खेलती हैं?

16 साल की ऋचा बैटिंग भी करती हैं, बॉलिंग भी और विकेटकीपिंग भी कर सकती हैं. वर्ल्ड कप में ऋचा पर नज़र रहेगी.

शिफ़ाली, राधा, जेमाइमा और ऋचा जैसी युवा महिला खिलाड़ियों की कहानी अलग होते हुए भी एक जैसी है- किसी ने पुरुषवादी और रूढ़िवादी सोच से टक्कर ली है तो किसी ने ग़रीबी से. कोई अकेली लड़की होते हुए भी मैदान पर डटी रही तो किसी ने लड़कों के तानों को ही अपना हथियार बना लिया.

क्रिकेट वर्ल्ड कप के बीच ये युवा खिलाड़ी वाकई में न्यू इंडिया का नया चेहरा हैं जहाँ होश और जोश मिलकर एक नई इबारत लिख रहे हैं.

भारतीय महिला टीम के टी20 वर्ल्ड कप में अब 27 फ़रवरी (बनाम न्यूज़ीलैंड, 0830 बजे) और 29 फ़रवरी (बनाम श्रीलंका, 1330 बजे) को मैच होने हैं.

ये भी पढ़ें:

BBC Sports Women of The Year

बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)