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कोहली की कप्तानी पर गांगुली और सचिन के ये सवाल
क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में हार के बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली पर भी सवाल उठ रहे हैं.
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण ने धोनी को सातवें नंबर पर भेजने को भारी रणनीतिक चूक क़रार दिया है.
हार्दिक पंड्या और दिनेश कार्तिक को धोनी से पहले भेजा गया था और तब भारत के पाँच रन पर तीन विकेट गिर चुके थे. जल्दी ही भारत के 24 रन पर चार विकेट गिर गए. आख़िराकार भारत के लिए 240 रन का लक्ष्य तिल से ताड़ बन गया और 18 रन से हार के साथ वर्ल्ड कप की रेस से बाहर होना पड़ा.
अफ़सोस और निराशा ज़ाहिर करते हुए लक्ष्मण ने कहा, ''धोनी को पंड्या से पहले आना चाहिए था. यह रणनीतिक चूक है. धोनी को दिनेश कार्तिक से भी पहले आना चाहिए था. धोनी के लिए माकूल स्थिति थी. 2011 के वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में भी धोनी ने युवराज सिंह से पहले चौथे नंबर पर आकर खेला था और वर्ल्ड कप अपने नाम किया था.''
2011 के वर्ल्ड कप के फ़ाइनल मैच में श्रीलंका के ख़िलाफ़ धोनी तब आए थे जब भारत के तीन अहम विकेट वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली सस्ते में आउट हो गए थे.
धोनी ने 79 गेंद पर 91 रन की बेहतरीन पारी खेली थी. कई लोगों के लिए धोनी का युवराज से पहले आना चौंकाने वाला था क्योंकि युवराज चौथे नंबर बढ़िया बैटिंग कर रहे थे.
धोनी ने नवंबर 2018 में बताया था कि उन्होंने युवराज से पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला क्यों किया था. धोनी ने कारण बताते हुए कहा था, ''चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए श्रीलंका के ज़्यादातर गेंदबाज़ों ने खेला था और मैं सभी को अच्छी तरह से समझता था. मैं ख़ुद इसलिए पहले गया क्योंकि तब मुरलीधरन गेंदबाज़ी कर रहे थे. मैंने उन्हें नेट प्रैक्टिस में उन्हें बहुत खेला था और मुझे भरोसा था कि उनकी गेंद को आराम से खेलूंगा. यह सबसे बड़ा कारण था बैटिंग के लिए पहले जाने का.''
भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली का कहना है कि मसला केवल धोनी की बैटिंग का नहीं है. सौरभ ने कहा, ''अगर धोनी पहले आते तो दूसरे छोर पर बैटिंग करने वाले युवा खिलाड़ी को क़ायदे से खेलने के लिए कहते.''
ऋषभ पंत सेट हो गए थे लेकिन वो स्पिनर मिशेल सैंटनर की अच्छी गेंद पर ख़राब शॉट खेलकर आउट हो गए. ऐसे में ज़रूरत थी कि दूसरे छोर पर कोई ऐसा खिलाड़ी हो जो पंत को सही सलाह दे पाए.
अगर धोनी साथ में होते तो पंत को ऐसे शाट्स खेलने से रोकते. इंग्लैंड के साथ मैच में धोनी ने ऐसा ही किया था और पंत ने अच्छा खेला था.
गांगुली ने कहा, ''ऐसे मौक़े पर कोई अनुभवी खिलाड़ी की ज़रूरत थी. पंत के वक़्त अगर धोनी पिच पर होते तो वो उसे ऐसे बैटिंग नहीं करने देते. जडेजा के वक़्त धोनी मैदान में थे तो दोनों में अच्छी बातचीत हो रही थी और उसी हिसाब से गेम को आगे बढ़ा रहे थे. आप धोनी को सात नंबर पर नहीं भेज सकते हैं.''
गांगुली ने कहा, ''एक फिनिशर के तौर पर धोनी को लेकर मेरे मन में अगाध आदर है. मसला धोनी के छक्का लगाने का नहीं है बल्कि वो वनडे मैच जीतना जानते हैं और खेल को उसी हिसाब से खेलते हैं.''
सचिन तेंदुलकर को भी लगता है कि विराट कोहली ने धोनी को सातवें नंबर पर भेजकर ग़लती की है. सचिन ने कहा कि दिनेश कार्तिक को पाँच नंबर पर खेलने के लिए भेजना समझ से परे है.
गांगुली ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में भारतीय चयनकर्ताओं की यह सबसे बड़ी ग़लती है कि मध्य क्रम में कोई मज़बूत खिलाड़ी नहीं तलाश सके. लक्ष्मण ने कहा कि आप हमेशा रोहित और विराट कोहली पर निर्भर नहीं रह सकते.
गांगुली कहते हैं, ''ऋषभ पंत को पाँच नंबर के लिए रखना चाहिए. कोहली नंबर चार पर बैंटिंग कर सकते हैं. अगर शिखर धवन लौटते हैं तो केएल राहुल तीसरे नंबर पर बैटिंग कर सकते हैं. भारत के लिए मज़बूत मध्य क्रम की तलाश बाक़ी है.''
धोनी से पहले दिनेश कार्तिक और पंड्या को भेजने पर कोहली का कहना है, ''मेरा मानना था कि आख़िर में अगर हालात ख़राब हों तो धोनी मोर्चा संभालने के लिए मौजूद रहें.''
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