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वर्ल्ड कप 2019: यह रिकॉर्ड कायम रहा तो टीम इंडिया जीतेगी वर्ल्ड कप
मैनचेस्टर के मैदान पर क्रिकेट विश्व कप के पहले सेमीफ़ाइनल में मंगलवार को भारत और न्यूज़ीलैंड आमने-सामने होंगी. भारत और न्यूज़ीलैंड 2015 के बाद फिर एक बार सेमीफ़ाइनल में हैं.
2015 में न्यूज़ीलैंड ने साउथ अफ़्रीका को हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई थी जबकि भारत को ऑस्ट्रेलिया ने 95 रनों से हरा दिया था. लेकिन इस बार आंकड़े भारत के पक्ष में माने जा रहे हैं.
भारत को उम्मीद है कि वह गत उप-विजेता न्यूज़ीलैंड को सेमीफ़ाइनल में हराकर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की करेगा. भारत को उम्मीद यूं ही नहीं है बल्कि इसकी गवाही कुछ संयोग और कुछ आंकड़े भी दे रहे हैं.
दरअसल, 44 साल के क्रिकेट वर्ल्ड कप के इतिहास में आज तक ऐसा नहीं हुआ है कि अपना अंतिम लीग मैच हारने वाली कोई टीम विजेता बनी हो.
न्यूज़ीलैंड आठवीं बार क्रिकेट वर्ल्ड कप का सेमीफ़ाइनल खेलने जा रही है और वह छठी बार अंतिम लीग या ग्रुप दौर का मैच हारकर सेमीफ़ाइनल में पहुंची है. पांच बार हार के बाद 2015 में वह पहली बार फ़ाइनल में पहुंची थी लेकिन उसे वहां भी निराशा हाथ लगी.
साथ ही इस बार के वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच में न्यूज़ीलैंड तीन मैच हार चुकी है और ग्रुप मैच के अंतिम मैच में इंग्लैंड ने उसे 119 रनों से हराया था. वहीं, ऑस्ट्रेलिया को दक्षिण अफ़्रीका ने हराया था.
अगर ग्रुप मैच का अंतिम मैच हारने वाली टीम का विजेता न बनने का यह रिकॉर्ड क़ायम रहा तो फ़ाइनल में भारत की जीत के काफ़ी आसार हैं.
1975 विश्व कप
सबसे पहले विश्व कप में वेस्टइंडीज़ विजेता बनकर आया था. उस समय क्रिकेट में वेस्टइंडीज़ का दबदबा था. वेस्टइंडीज़ ने ग्रुप मैच में ऑस्ट्रेलिया को सात विकेट से हराया था.
इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया सेमीफ़ाइनल में पहुंचने में क़ामयाब रही. उसने सेमीफ़ाइनल में इंग्लैंड को चार विकेट से मात दी लेकिन फ़ाइनल में वेस्टइंडीज़ ने उसे 17 रनों से हरा दिया.
1979 में पहली बार न्यूज़ीलैंड बाहर
वेस्टइंडीज़ ने 1979 में एक बार फिर वर्ल्ड कप जीता था लेकिन उसने अंतिम ग्रुप मैच में न्यूज़ीलैंड को 32 रनों से हराया था.
हालांकि, इस हार के बाद न्यूज़ीलैंड सेमीफ़ाइनल में पहुंचा था लेकिन वहां इंग्लैंड ने उसे नौ रनों से मात दी थी.
83 में वेस्टइंडीज़-पाकिस्तान बाहर
1983 वर्ल्ड कप में भारत ने पहली बार ख़िताब अपने नाम किया था.
83 में भी वेस्टइंडीज़ फ़ाइनल्स में पहुंचा था लेकिन भारत ने वेस्टइंडीज़ के साथ अपने पहले ही मैच में उसे 34 रनों से हराया था. इसके अलावा पाकिस्तान ने छह लीग मैचों में से तीन में जीत दर्ज की थी और तीन में उसे हार मिली थी.
इसके बाद भी पाकिस्तान ने सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई लेकिन वहां वेस्टइंडीज़ ने उसे आठ रनों से हरा दिया था.
1987 में पाकिस्तान फिर बाहर
सबसे अधिक विश्व कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया ने पहली बार 1987 में विश्व कप अपने नाम किया था.
भारत और पाकिस्तान में पहली बार हुए इस विश्व कप के अंतिम ग्रुप में मैच में वेस्टइंडीज़ ने पाकिस्तान को 28 रनों से हराया था.
इसके बावजूद पाकिस्तान सेमीफ़ाइनल में पहुंचने में क़ामयाब रहा लेकिन वहां ऑस्ट्रेलिया ने उसे 18 रनों से हरा दिया.
पाकिस्तान ने दो बार न्यूज़ीलैंड को हराया
1992 का विश्व कप पाकिस्तान की जीत के लिए जाना जाता है. पाकिस्तान ने फ़ाइनल में इंग्लैंड को 22 रनों से मात दी थी लेकिन उससे पहले पाकिस्तान ने सेमीफ़ाइनल और अंतिम लीग मैच में न्यूज़ीलैंड को हराया था.
1996 विश्व कप में श्रीलंका ने पहली बार विश्व कप अपने नाम किया लेकिन यहां भी न्यूज़ीलैंड को शिकस्त का सामना करना पड़ा.
ग्रुप मैच में पाकिस्तान से हारकर क्वार्टर फ़ाइनल्स में पहुंची न्यूज़ीलैंड को ऑस्ट्रेलिया ने हराकर बाहर कर दिया था.
ऑस्ट्रेलिया ने 1999 के विश्व कप में एक बार फिर जीत दर्ज की थी. ग्रुप मैच में बांग्लादेश से हारने के बाद पाकिस्तान ने फ़ाइनल तक का सफ़र किया लेकिन आख़िर में उसे आठ विकेट से ऑस्ट्रेलिया ने हराया.
इसी तरह 2003 में केन्या, 2007 में न्यूज़ीलैंड, 2011 में वेस्टइंडीज़, 2015 में दक्षिण अफ़्रीका ऐसी टीमें थीं जिन्हें ग्रुप मैचों या सुपर-8 मैचों में हार का सामना करन पड़ा लेकिन फिर भी वह सेमीफ़ाइनल खेलकर बाहर हुईं.
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