कप्तान विराट कोहली को भरोसा: सेमी फ़ाइनल में रोहित शानदार खेले तो आसानी से मिलेगी जीत : विश्व कप 2019

    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

इंग्लैंड में जारी 12वें विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट का बड़ा मंच सज गया है.

पहला सेमीफाइलन मंगलवार को पिछले विश्व कप में उपविजेता रहने वाली न्यूज़ीलैंड और भारत के बीच खेला जाएगा. दूसरा सेमीफाइनल गुरूवार को डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और मेज़बान इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा.

मंगलवार को जब साल 1983 और साल 2011 की चैंपियन भारत मैनचेस्टर में न्यूज़ीलैंड क ख़िलाफ़ मैदान में उतरेगी तो सबसे बड़ा सवाल क्रिकेट प्रेमियों के मन में यही होगा कि कप्तान विराट कोहली इस बड़े मैच को लेकर क्या सोचते हैं?

जीत पर नज़र

विराट कोहली ने मैच से पहले प्रेस कांफ्रेस में साफ किया कि मैच में मुश्किल समय में यही बात दिमाग़ में आती है कि कुछ ख़ास प्रदर्शन किया जाए और मैच जिताया जाए.

विराट कोहली ने आगे कहा, "भले ही लीग मैच हो या सेमीफ़ाइनल और फ़ाइनल उसका दबाव अधिक होगा. अब भारत के लिए खेलते हुए दबाव तो रहता ही है और ऐसे समय में यह मन में रहे कि मैं मैच की जिताकर जाऊंगा तो ऐसा भरोसा रहना बहुत ज़रूरी है."

अब अगर भारत की बल्लेबाज़ी की बात की जाए तो पांच शतक लगाकर रोहित शर्मा पहले इस विश्व कप में छा गए हैं. लेकिन उनके साथ केएल राहुल भी फॉर्म में आ गए हैं.

श्रीलंका के ख़िलाफ़ उन्होंने शतक भी जमाया. शिखर धवन जैसे धुंआधार सलामी बल्लेबाज़ के चोटिल होकर बाहर होने से टीम अचानक संकट में फंस गई थी.

केएल राहुल ने ना सिर्फ उस दबाव को हटाया वरन रोहित शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए लंबी साझेदारी भी की.

कप्तान विराट कोहली ने भी केएल राहुल की सराहना करते हुए कहा कि केएल राहुल जिस स्तर के ख़िलाड़ी हैं और जैसा वह आईपीएल में खुलकर खेलते हैं वैसा अगर वह न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेल गए तो कहना ही क्या. विराट कोहली ने माना कि इस युवा खिलाड़ी का यह पहला विश्व कप है और इतने बड़े स्तर पर अपने आपको जमाने में थोड़ा समय लगता है.

रोहित पर भरोसा

रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर विराट कोहली ने कहा कि उनकी नज़र में तो रोहित दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज़ है. विराट का मानना है कि अगर रोहित शर्मा सेमीफ़ाइनल में भी शानदार खेले तो फ़िर भारत आसानी से जीत सकता है.

वैसे ख़ुद विराट कोहली इस विश्व कप में ज़बरदस्त अंदाज़ में खेल रहे है. उन्होंने एक के बाद एक पांच अर्धशतक भी बनाए लेकिन शतक नही बना सके. इस सवाल को लेकर विराट कोहली ने सीधा सा जवाब दिया कि वह अपने किसी ख़ास कीर्तिमान के ध्यान में रखकर नही खेल रहे हैं. उनके लिए इससे अधिक महत्वपूर्ण टीम की जीत है.

विराट कोहली यह भी मानते हैं कि उनका रोल टीम में अलग-अलग समय पर अलग है. यह सच भी है क्योंकि अगर शुरूआत में ही एक दो विकेट गिर जाए तो फिर विराट कोहली टिककर और अगर पहले विकेट के लिए बड़ी साझेदारी हो जाए तो फिर तेज़ भी खेल सकते हैं.

विरोधी टीम न्यूज़ीलैंड के कप्तान केन विलियमसन को लेकर उन्होंने कहा कि वह उनके बारे में अंडर-19 विश्व कप से जानते हैं.

दरअसल, विराट कोहली साल 2008 में अंडर 19 विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट खेलने से पहले अंडर 19 टेस्ट टीम के खिलाड़ी के तौर पर न्यूज़ीलैंड गए थे. उसे याद करते हुए विराट कोहली ने कहा कि तब स्लिप पर फिल्डिंग करते समय उनकी बल्लेबाज़ी को गौर से देखा था. विलियमसन उस दौरान भारत के तेज़ गेंदबाज़ो को बखूबी बैकफुट पर खेलते थे. विराट कोहली मानते हैं कि विलियमसन के अलावा रॉस टेलर न्यूज़ीलैंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं.

इस विश्व कप में ऐसा माना जा रहा है कि मैनचेस्टर में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम फ़ायदे में रहती है. इसे लेकर विराट कोहली ने कहा कि यह तो किसी के हाथ में नहीं है.

धोनी पर निसार कप्तान

अब विराट कोहली सवाल का जवाब दे रहे हों और उनसे महेंद्र सिंह धोनी के बारे में ना पूछा जाए तो ऐसा तो नही हो सकता. धोनी को लेकर विराट ने साफ किया कि एक खिलाड़ी को तौर पर वह उनका बेहद सम्मान करते हैं और यह दिल की बात है. इसे बदला नही जा सकता.

विराट कोहली ने कहा कि धोनी की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि वह आपको आपके निर्णय लेने की छूट देते है. उन्होंने भारत का बहुत सम्मान बढ़ाया है. धोनी के संन्यास लेने के निर्णय लेने को लेकर विराट कोहली ने कुछ भी कहने से मना कर दिया.

अब देखना है कि बल्लेबाज़ों से अधिक अपने गेंदबाज़ों के दम पर मैच जीतने की क्षमता रखने वाली भारत और न्यूज़ीलैंड में से कौन सी टीम जीत का दामन थामकर फ़ाइनल का टिकट हासिल करती है.

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