क्रिकेट विश्वकप 2019: भारत जीता तो सेमीफाइनल में, इंग्लैंड के लिए करो या मरो

    • Author, आदेश कुमार गुप्त
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार

12वें आईसीसी विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में अभी तक अजेय एकमात्र टीम भारत का सामना रविवार को जब इंग्लैंड से होगा तो सारा दबाव मेज़बान इंग्लैंड पर होगा.

इसका सीधा सा कारण यह है कि इंग्लैंड के अभी तक सात मैचों में चार जीत और तीन हार के बाद आठ अंक हैं.

बीते शनिवार को अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ लगभग हार के मुंह से निकलकर पाकिस्तान ने जिस तरह तीन विकेट से जीत हासिल की तो उसने इंग्लैंड की नींद ही उड़ा दी.

अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ जीत से पाकिस्तान अंक तालिका में छठे स्थान से खिसककर सीधा चौथे स्थान पर पहुंच गया क्योंकि उसके आठ मैच में चार जीत, तीन हार और बारिश के कारण एक रद्द मैच के बाद नौ अंक हैं.

पाकिस्तान की जीत के बाद इंग्लैंड चौथे नम्बर से पांचवे स्थान पर आ गया.

अब हालात यह है कि अगर इंग्लैंड भारत से हारा तो फिर वह बहुत मुश्किल में फंस सकता है.

उसे सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए हर हाल में रविवार को पहले तो भारत और उसके बाद अपने अंतिम राउंड रोबिन मैच में तीन जुलाई को न्यूज़ीलैंड को हराना ही होगा.

अंकों का गणित

भारत से रविवार को हारने के बाद इंग्लैंड अगर न्यूज़ीलैंड से जीता तो भी उसके कोई मायने नहीं होंगे क्योंकि तब उसके खाते में 10 अंक ही होंगे, जबकि शनिवार तक ही ऑस्ट्रेलिया 14 अंको के साथ पहले, भारत 11 अंक और बेहतर रन औसत के कारण दूसरे, न्यूज़ीलैंड 11 अंको के साथ तीसरे और पाकिस्तान नौ अंको के साथ चौथे स्थान पर है.

अगर इंग्लैंड भारत से हारे और न्यूजीलैंड से जीत भी जाए तो फिर उसकी नज़र पाकिस्तान पर टिकेगी जो अपना अंतिम राउंड रोबिन मैच बांग्लादेश के ख़िलाफ़ पांच जुलाई को खेलेगा. उस मैच में अगर पाकिस्तान हार जाए तो फिर उसके नौ अंक ही रह जाएंगे और इंग्लैंड 10 अंको के साथ राहत की सांस ले सकता है.

रही बात बांग्लादेश की तो पाकिस्तान के ख़िलाफ़ जीत से उसे कुछ लाभ नहीं होगा. उसके असली फायदा तभी होगा जब वह भारत को भी हरा दे. ऐसी हालत में उसके 11 अंक हो जाएंगे.

भारत को आगे श्रीलंका के साथ भी मैच खेलना है.

कुल मिलाकर इस विश्व कप में भारत ने ही सबसे शानदार प्रदर्शन किया है. उसे देखते हुए इंग्लैंड को भारत से पार पाने के लिए ऐड़ी-चोटी का ज़ोर लगाना पड़ेगा.

इस विश्व कप के शुरू होने से पहले मेज़बान इंग्लैंड को विश्व कप जीतने का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था लेकिन पहले तो पाकिस्तान और उसके बाद श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार से वह अब समीकरणों के अगर-मगर, किंतु-परंतु में घिर गया है.

भारत का दम

भारत हर हाल में रविवार का मैच जीतकर सीधे-सीधे सेमीफाइल की राह पकड़ना चाहेगा.

वैसे भी भारत के कप्तान विराट कोहली और सभी गेंदबाज़ जिस फॉर्म में हैं उसे देखते हुए भी टीम इंडिया का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है.

विराट कोहली ने इस विश्व कप में पिछले चार मैच में लगातार अर्धशतक जमाए हैं.

उन्होंने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ 72, अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ 67, पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 77 और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 82 रन बनाए.

उनके अलावा सलामी बल्लेबाज़ रोहित शर्मा ने पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ शतक जमाए हैं. रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भी 57 रन बनाए. ज़ाहिर है रोहित शर्मा भी शानदार फॉर्म में हैं.

इनके अलावा हार्दिक पांड्या ने भी वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ कठिन परिस्थितियों में 46 और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 48 रन बनाकर दिखाया कि मुसीबत में वह काम आ सकते हैं.

रही बात महेंद्र सिंह धोनी की तो भले ही आम क्रिकेट प्रेमी से लेकर कुछ क्रिकेटर उनके धीमे खेलने को लेकर कुछ भी कहें लेकिन कप्तान विराट कोहली उन्हें लेकर कतई चिंतित नहीं है.

विराट कोहली साफ कर चुके हैं कि धोनी को इतना अनुभव है कि उन्हें कोई सलाह तक देने की जरूरत नहीं है. दरअसल, पिछले मैच में अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ अगर धोनी भी सस्ते में निपट जाते तो फिर बड़ा उलटफेर हो सकता था और उलटफेर क्या सीधे-सीधे भारत हार भी सकता था. इंग्लैंड के विकेट पर ऐसा नहीं है कि शतक नहीं बने हैं लेकिन अब पिछले कुछ मैचों से कम स्कोर वाले मैच में भी अंतिम ओवर तक संघर्ष करना पड़ रहा है.

बीते शनिवार को ही पाकिस्तान ने जैसे-तैसे अफ़ग़ानिस्तान से जान बचाई जबकि जीत के लिए उसे केवल 228 रन की ज़रूरत थी. विजय शंकर और केदार जाधव को अपनी भूमिका के साथ न्याय करना होगा. सलामी बल्लेबाज़ केएल राहुल को भी वैसे ग़लतियां करने से बचना होगा जैसी उन्होंने अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ मैच में रिवर्स स्वीप पर कैच देकर की.

गेंदबाज़ी को लेकर तो अधिक माथापच्ची की ज़रूरत नहीं है.

अब इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वह ना चले तो अलग बात है वरना मोहम्मद शमी अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ हैट्रिक ले चुके है. जसप्रीत बुमराह के यॉर्कर का कोई जवाब नहीं है तो कुलदीप यादव, युज़्वेंद्र चहल और हार्दिक पांड्या भी ठीक-ठाक हैं.

इंग्लैंड की ताकत

इंग्लैंड को अपने कप्तान इयोन मोर्गन, जॉनी बेयरस्टो, जो रूट और जेम्स विंस से ज़ोरदार बल्लेबाज़ी की उम्मीद करनी होगी.

जोस बटलर को भी अपना दमख़म दिखाना होगा. अकेले लड़ने वाले बेन स्टोक्स से कुछ नहीं होगा. उन्होंने पिछले मैच में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ 89 और श्रीलंका के ख़िलाफ़ नाबाद 82 रनों जैसी बड़ी पारी खेली लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात यानि दोनों मैचो में हार रहा.

इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चन ने बेहद शानदार गेंदबाज़ी की है लेकिन उन्हें साथी गेंदबाज़ो का साथ नहीं मिला.

जोफ्रा आर्चर ने श्रीलंका, अफ़ग़ानिस्तान, वेस्ट इंडीज़ और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ तीन-तीन विकेट हासिल किए.

मार्क वुड ने भी श्रीलंका और वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ तीन-तीन विकेट हासिल किए लेकिन स्पिनर मोईन अली और आदिल रशीद महंगे साबित हुए हैं. ऐसे में इंग्लैंड की टीम लय में नज़र नहीं आ रही है.

अब देखना है कि इस विश्व कप में जिस तरह से दक्षिण अफ्रीका, वेस्ट इंडीज़, अफ़ग़ानिस्तान, और श्रीलंका का बोरिया-बिस्तर राउंड रोबिन मैचो में बंध चुका है और वह सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर है तो क्या इंग्लैंड का नाम भी उनके साथ जुड़ जाएगा.

जवाब के लिए बस कुछ घंटे ही इंतज़ार करना है.

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