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वर्ल्ड कप 2019: ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ी पर यूं भारी पड़े धवन और कोहली
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
रविवार को केनिंग्टन ओवल के मैदान में जब आसमान ने छाए बादलों के बीच भारत के कप्तान विराट कोहली ने आईसीसी विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट के अहम मुक़ाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया तो ज़्यादातर लोग सहमत रहे होंगे.
निर्धारित 50 ओवर के बाद भारत का स्कोर पांच विकेट खोकर 352 रन हुआ तो पहले बल्लेबाज़ी के फ़ैसले को और सही माना गया.
मैच शुरू होने से पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि भारतीय बल्लेबाज़ों को ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क का सामना करने में मुश्किल होगी.
दरअसल, उन्होंने इससे पहले वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ पांच विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी.
दूसरी तरफ़ भारत के शुरूआती बल्लेबाज़ दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ नाकाम रहे थे.
इसलिए अनुमान था कि अगर भारत टॉस जीता तो जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, हार्दिक पंड्या, युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव से सजी गेंदबाज़ी के कारण शायद पहले फ़िल्डिंग करे.
ख़ैर जो भी हो टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करना भारत के लिए घाटे का सौदा नहीं रहा.
सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन ने केवल 109 गेंदों पर 117 रन बनाकर ऑस्ट्रलियाई गेंदबाज़ो की जमकर ख़बर ली.
उनके जोड़ीदार और पिछले मैच में शतक जमाने वाले रोहित शर्मा ने भी 70 गेंदो पर 57 रन बनाए.
इन दोनों बल्लेबाज़ों ने पहले विकेट के लिए 127 रन जोड़कर दिखा दिया कि विकेट में कुछ ख़ास जान नहीं है.
लेकिन इस साझेदारी के पीछे दोनों बल्लेबाज़ो की समझदारी भी काम आई.
रोहित शर्मा को पता था कि शिखर धवन शुरू में ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों पर बल्ला चलाने की कोशिश करते हैं.
इसी दौरान गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर स्लिप फील्डर्स के हाथों में समा जाती है.
रोहित शर्मा और पूरी भारतीय टीम को भी पता है कि शिखर धवन का विकेट पर खड़े रहकर रन बनाना कितना महत्वपूर्ण है. अगर शिखर एक बार जम जाते हैं तो फिर वह स्ट्रोक प्लेयर होने के कारण तेज़ी से रन बनाते हैं.
वैसे भी इंग्लैंड के विकेट शिखर धवन को रास आते है. ऐसे में रोहित शर्मा ने शुरू में अधिक से अधिक स्ट्राइक अपने पास रखी.
इसका फ़ायदा यह हुआ कि शिखर धवन पैट कमिंस और मिचेल स्टार्क के सामने अधिक नज़र नहीं आए और दूसरे छोर पर रहकर उन्हें आंख जमाने का मौक़ा मिल गया.
उस पर सोने पर सुहागा यह कि मिचेल स्टार्क के पहले ओवर में ही रोहित शर्मा को तब जीवनदान मिला जब एक शॉर्ट पिच गेंद पर रोहित शर्मा के हवा में खेले गए शॉट को तमाम कोशिश के बाद भी बैकवर्ड शॉर्ट लैग पर खड़े फील्डर नहीं लपक सके.
गेंद उनके हाथ से लगती हुई पीछे चली गई. उसके बाद रोहित शर्मा ने पीछे मुडकर नही देखा. दूसरी तरफ़ शिखर धवन ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ी से निपटने के लिए विशेष रणनीति बनाई.
वह पहले ही ऑफ स्टंप की तरफ़ चले जाते थे जिससे गेंदबाज़ो को समझ में नही आया कि वह उन्हें गुड लेंग्थ पर गेंद करें या फिर शॉर्ट पिच.
साथ ही विकेट में भी कुछ ख़ास जान नहीं थी. यही वजह थी कि ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ गेंद को विकेट पर पटकने के अलावा कुछ नहीं कर सके.
ग्लेन मैक्सवैल और एडम ज़ैंपा इतने ख़तरनाक़ स्पिनर नहीं हैं कि वह भारतीय बल्लेबाज़ो पर कोई असर डाल सकें.
इसके अलावा पूरे आईपीएल में ख़राब फॉर्म से जूझ रहे भारत के कप्तान विराट कोहली सही समय पर रन बनाने में कामयाब रहे. उन्होंने 82 रन बनाए.
इसके बाद कप्तान विराट कोहली ने ही मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ हार्दिक पंड्या को पिंच हिटर के तौर पर इस्तेमाल किया.
इससे केएल राहुल के दिमाग़ से भी नंबर चार पर खेलने का तनाव समाप्त हुआ.
हार्दिक पंड्या ने बेहद आक्रामक अंदाज़ में खेलते हुए केवल 27 गेंदो पर चार चौके और तीन छक्के जमाते हुए 48 रन बनाकर रही सही कसर पूरी कर दी
कमाल की बात है कि ऑस्ट्रेलिया के जिस गेंदबाज़ के सबसे अधिक कामयाब होने की उम्मीद की जा रही थी वही मिचेल स्टार्क सबसे महंगे साबित हुए.
उन्होंने 74 रन देकर एक विकेट हासिल किया.
वैसे भी इस विश्व कप में जब भी बल्लेबाज़ो को अच्छी विकेट मिली है उन्होंने उसका पूरा फ़ायदा उठाया है. यह विश्व कप का 14वां मैच है और भारत की पारी समेत सात पारियों में अभी तक 300 से अधिक रन बन चुके हैं.
मैच से पहले लग रहा था कि बादलों और तेज़ हवाओं के बीच तेज़ गेंदबाज़ो को मदद मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
कम से कम जब भारत के बल्लेबाज़ बल्लेबाज़ी कर रहे थे तब तक तो कोई दिक्क़त नहीं हुई. ओवल का विकेट भारत की बल्लेबाज़ी के बाद भी रनों से भरपूर है. ऐसे में अगर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ जमकर खेले तो कोई आश्चर्य नही होना चाहिए.
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