You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
आईपीएल 2019: रहाणे के शतक पर शिखर और पंत ने पानी फेरा
- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
आईपीएल 12 में सोमवार को जयपुर में खेले गए मुक़ाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने मेज़बान राजस्थान रॉयल्स को छह से विकेट से हरा दिया.
इस हार के साथ ही मेज़बान राजस्थान का इस आईपीएल में सुपर फ़ोर में जाने के सारे रास्ते अब लगभग बंद हो गए है.
दिल्ली के सामने जीत के लिए 193 रनों जैसा बड़ा लक्ष्य था जो उसने सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन के 54, पृथ्वी शॉ के 42 और उसके बाद ऋषभ पंत के धुआंधार 78 रनों की मदद से 19.2 ओवर में केवल चार विकेट खोकर हासिल कर लिया.
ऋषभ पंत ने अपने 78 रन केवल 36 गेंदों पर छह चौकों और चार छक्कों के सहारे बनाए.
उनकी मैच जिताऊ पारी ने मेज़बान टीम के खिलाड़ियों के चेहरे उतार दिए और अंजिक्य रहाणे की शतकीय पारी पर भी पानी फेर दिया.
इससे पहले टॉस हारकर पहले बल्लेबाज़ी की दावत पाकर राजस्थान रॉयल्स ने सलामी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे की नाबाद 105 रनों की शतकीय पारी और कप्तान स्टीव स्मिथ के 50 रनों की मदद से निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट खोकर 191 रन बनाए.
अब भला जो टीम अपने ही घर में इतने रन बनाने के बावजूद हार जाए तो फिर उसकी विरोधी टीम में कुछ तो ख़ूबियां होंगी ही, जिनके दम पर वह जीती.
सबसे पहले तो दिल्ली कैपिटल्स को लम्बे समय बाद सलामी जोड़ी शिखर धवन और पृथ्वी शॉ ने पहले विकेट के लिए 7.3 ओवर में ही 72 रनों की ज़ोरदार शुरुआत दी.
शिखर धवन ने केवल 27 गेंदों पर आठ चौकों और दो छक्कों की मदद से 54 रन बनाए.
उनके जोड़ीदार पृथ्वी शॉ का बल्ला भी काफ़ी दिनों बाद चला.
पृथ्वी शॉ ने 39 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 39 रन बनाए.
पंत का कमाल
लेकिन कल का दिन तो मैन ऑफ़ द मैच रहे ऋषभ पंत का था.
मैच समाप्त होने के बाद ऋषभ पंत ने कहा कि उन्हें अपने ऊपर भरोसा था और मैच जिताऊ पारी खेलकर वह बेहद ख़ुश हैं. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि पिच बल्लेबाज़ों के अनूकूल थी, इससे भी मदद मिली.
ऋषभ पंत ने पिछले कुछ मैचों मे ख़ास प्रदर्शन नहीं किया था, इसके बावजूद टीम के सपोर्ट स्टाफ़ ने पंत का हौसला बनाए रखा. इस बात को ऋषभ पंत ने भी खुले दिल से माना.
इस जीत के साथ ही दिल्ली सात साल बाद प्लेऑफ़ मुक़ाबला खेलने से केवल एक जीत और दो अंक दूर है.अब उसके 11 मैचों में सात जीत और चार हार के बाद 14 अंक है.
इस जीत के साथ ही उसने इस आईपीएल में शुरू से ही पहले स्थान पर चल रही पिछली चैंपियन महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेल रही चेन्नई सुपर किंग्स को दूसरे स्थान पर धकेल दिया है.
दिल्ली की टीम की जीत से उत्साहित टीम के बैटिंग कोच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी माना कि भले ही जयपुर का विकेट बल्लेबाज़ी के लिए अनुकूल था लेकिन ऋषभ पंत ने शानदार बल्लेबाज़ी की.
पोंटिग ने कहा कि वह इससे पहले पंत के रन ना बनाने से निराश थे. पोंटिंग ने यह भी दोहराया कि ऋषभ पंत को विश्व कप के लिए न चुनकर भारत ने बहुत बड़ी ग़लती की है.
पोंटिंग शुरू से ही कह रहे है कि इंग्लैंड में ऋषभ पंत बहुत उपयोगी साबित होते. रिकी पोंटिंग तीन बार ऑस्ट्रेलिया की उस टीम का अहम हिस्सा रहे हैं जिसने विश्व कप जीता है. दो बार तो वह ख़ुद कप्तान थे.
रिकी पोंटिंग फ़िलहाल ऑस्ट्रेलिया की उस टीम के भी सहायक कोच हैं जो विश्व कप में हिस्सा लेगी.
रहाणे-स्मिथ की बल्लेबाज़ी
अब थोड़ी चर्चा अजिंक्य रहाणे और स्टीव स्मिथ की भी.
अजिंक्य रहाणे के हाथों में इस बार राजस्थान रॉयल्स की कमान थी लेकिन एक के बाद एक लगातार हार के बाद उनसे कप्तानी छीनकर ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ को दे दी गई.
स्मिथ की कप्तानी में राजस्थान ने कोलकाला नाइट राइडर्स को पिछले मैच में नौ विकेट से हराया तो लगा जैसे टीम की क़िस्मत के सितारे बदल रहे हैं.
जब दिल्ली के ख़िलाफ़ अजिंक्य रहाणे के बल्ले से शतक निकला तो यह भी अहसास हुआ कि कप्तानी के भार से मुक्त होने के बाद रहाणे फ़ॉर्म में लौट आए हैं. रहाणे का यह आईपीएल का दूसरा शतक है.
उनका पहला शतक सात साल पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के ख़िलाफ़ आया था.
अब राजस्थान अपनी सातवीं हार और तीन जीत के साथ 10 मैचों के बाद अंक तालिका में छह अंकों के साथ सातवें स्थान पर है.
दूसरी तरफ ऋषभ पंत का यह इस आईपीएल में पहला अर्धशतक है.
इससे पहले उन्होंने कोलकाता नाईट राइडर्स के ख़िलाफ़ 46 और किंग्स इलेवन पंजाब के ख़िलाफ़ 39 रनों की, बस ये दो ही ठीकठाक पारियां खेली थीं.
सोमवार की पारी के दौरान ऋषभ पंत ने पहली बार अपनी टीम के लिए वह रोल निभाया जिसकी तलाश दिल्ली को थी.
वहीं टीम के गब्बर कहे जाने वाले शिखर धवन के बल्ले से कल 54 रन के रूप में लगातार तीसरा अर्धशतक निकला.
इसके साथ ही शिखर धवन ने अपनी पिछली नाकामी को भी धो डाला है.
अब इसे क्या कहा जाए?
राजस्थान ने कप्तान तो बदला लेकिन उसकी क़िस्मत नहीं बदली, जबकि दूसरी तरफ दिल्ली कैपिटल्स ने अपना नाम बदला तो सितारे भी बदल गए.
कमाल है कि वह अब विरोधी टीमों के लिए सही मायनों में पुराने नाम वाली 'दिल्ली डेयरडेविल्स' साबित हो रही है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)