Women’s World T20: हरमनप्रीत कौर की अगुआई में कितनी मज़बूत है भारत की दावेदारी

    • Author, मरिया माइकल
    • पदनाम, संवाददाता, बीबीसी तमिल

आज से वेस्ट इंडीज़ में आईसीसी महिला विश्वकप टी-20 टूर्नामेंट शुरू होने जा रहा है.

इस टूर्नामेंट में कुल मिलाकर 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं. दक्षिण अफ़्रीका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, भारत, न्यूज़ीलैंड और पाकिस्तान को इसमें सीधे-सीधे भाग लेने का मौक़ा मिल रहा है.

वेस्ट इंडीज़ को मेज़बान होने के कारण कोई विशेष प्रयास नहीं करना पड़ा. लेकिन बांग्लादेश को क्वॉलिफ़ायर टूर्नामेंट में पहले और आयरलैंड को दूसरे स्थान पर रहने के कारण खेलने का मौक़ा मिल रहा है.

इस टूर्नामेंट में शामिल टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है. ग्रुप ए में इंग्लैंड, दक्षिण अफ़्रीका, श्रीलंका, वेस्टइंडीज़ और बांग्लादेश शामिल हैं.

ग्रुप बी में ऑस्ट्रेलिया, भारत, न्यूज़ीलैंड, पाकिस्तान और आयरलैंड शामिल हैं.

आईसीसी महिला विश्व टी20 टूर्नामेंट में भारतीय टीम आज तक सेमीफ़ाइल से आगे नहीं बढ़ सकी है. वह दो बार, साल 2009 और 2010 में सेमीफ़ाइनल में पहुंची और उसके बाद साल 2012, 2014 और 2016 में ग्रुप स्टेज में ही हारकर बाहर हो गई.

महिला वर्ल्ड कप का इतिहास

जोश और अनुभव का मिश्रण

इस टूर्नामेंट भारत की कमान हरमनप्रीत कौर संभाल रही हैं, जबकि टीम में बेहद अनुभवी मिताली राज, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा, वेदा कृष्णमूर्ति, एकता बिष्ट और युवा खिलाड़ी पूजा वस्त्रकार, मानसी जोशी और अनुजा पाटिल भी शामिल हैं.

भारतीय टीम के लिए टी20 स्वरूप में मिताली राज ने 2176 रन, हरमनप्रीत कौर ने 1703, स्मृति मंधाना ने 868, पूनम राऊत ने 719 और वेदा कृष्णमूर्ति ने 647 रन बनाए हैं.

ज़ाहिर है, भारतीय बल्लेबाज़ी का दारोमदार इन्ही खिलाड़ियों पर रहेगा.

गेंदबाज़ी में पूनम यादव ने 61 और एकता बिष्ट ने 50 विकेट लिए हैं. इनका अनुभव भारतीय गेंदबाज़ी को मज़बूती दे सकता है.

भारतीय टीम अपना आग़ाज़ आज न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेलकर करेगी, जबकि वो 11 तारीख़ को पाकिस्तान ,15 को आयरलैंड से और 17 को ऑस्ट्रेलिया का सामना करेगी.

दोनों ग्रुपों की शीर्ष दो-दो टीमों को सेमीफ़ाइनल में खेलने का अवसर मिलेगा. भारतीय टीम अपनेक्षाकृत कठिन पूल में है. उसे न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के पार पाने के लिए कड़े प्रयास करने होंगे.

भारत की स्थिति कैसी है

वैसे भारतीय टीम ने अभ्यास मैच में मेज़बान वेस्ट इंडीज़ और इंग्लैंड को हराकर अपने दमखम और मनोबल दोनों को बढ़ाया है.

भारतीय टीम 50 ओवरों के विश्वकप में तो पिछले साल फ़ाइनल में पहुंची थी, मगर उसे बेहद नज़दीकी रूप से इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा था.

अपनी ही ज़मीन पर खेलते हुए वेस्ट इंडीज़ को ख़िताब का प्रबल दावेदार माना जा सकता है, लेकिन इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की चुनौती को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता.

भारतीय टीम की कुछ खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने के भी मौक़े मिले हैं. इसके अलावा टीम की कोचिंग का भार पूर्व स्पिनर रोमेश पवार को सौंपा गया है.

भारतीय टीम की अनुभवी खिलाड़ियों का मानना है कि उनके जुड़ने से भारतीय स्पिन अटैक में नई जान आई है.

इसके अलावा खिलाड़ियों की फ़िटनस पर भी विशेष ध्यान दिया गया है.

न्यूज़ीलैंड से होगी पहली टक्कर

भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज आईसीसी टी20 वर्ल्डकप में अपना पहला मैच खेलने जा रही है. टीम का मैच न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ है, जिसे टी20 फ़ॉरमैट की मज़बूत टीम माना जाता है.

न्यूज़ीलैंड की टीम दो बार तक इस टूर्नामेंट के फ़ाइनल तक गई है. साथ ही न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ भारतीय महिला क्रिकेट टीम का टी20 रिकॉर्ड अच्छा नहीं कहा जा सकता.

दोनों टीमों के बीच अब तक सात टी20 मुक़ाबले खेले गए हैं. इनमें से भारत ने दो में ही जीत हासिल की है, जबकि पांच में उसे हार का सामना करना पड़ा है.

हालांकि, वर्ल्ड कप के अभ्यास मैचों में भारतीय टीम ने मौजूदा चैंपियन वेस्ट इंडीज और इंग्लैंड को हराया है जिससे उसका आत्मविश्वास थोड़ा ज़रूर बढ़ा होगा.

इस बार भारतीय टीम में छह ऐसी खिलाड़ी हैं जो पहली बार वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगी. हालांकि टीम में मिताली राज जैसी अनुभवी खिलाड़ी भी हैं.

वर्ल्ड कप जैसे बड़े मौक़ों पर दबाव का सामना कैसे करना है, मिताली को इसका अनुभव है और उनका यह अनुभव युवा टीम के काम आ सकता है.

क्या कहते हैं क्रिकेट के जानकार?

शांता रंगास्वामी (पूर्व क्रिकेटर)

2017 के वनडे वर्ल्डकप में भारत फ़ाइनल में गया मगर उसे क़रीबी हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में टी20 वर्ल्ड कप जीतने की उम्मीदें ज़्यादा हैं. हरमप्रीत कौर, मिताली राज, जेमिमा रोड्रिग्ज़ अगर अच्छा प्रदर्शन करेंगी तो बाक़ियों को भी उससे मदद मिलेगी. हरमनप्रीत की बात करें तो वो कमाल की खिलाड़ी हैं. वो किसी भी तरह की गेंदबाज़ी का सामना कर सकती हैं. मैच में मिताली की बल्लेबाज़ी का भी अहम योगदान रहेगा. टी20 में जीत के बारे में कयास नहीं लगाए जा सकते लेकिन भारतीय टीम की संभावनाएं ज्यादा ऩजर आती हैं. महिला क्रिकेट के लिए दर्शक जुटाने के लिए यह टूर्नामेंट एक आदर्श मौक़ा है.

विजय लोकपल्ली (वरिष्ठ खेल पत्रकार)

भारत ने बहुत तैयारियां की हैं. भले ही टी20 में पहले हमारा प्रदर्शन खराब रहा हो, लेकिन इस बार मैदान पर अपनी प्रतिभा दिखानी होगी. खिलाड़ियों के पास अच्छा अनुभव है. पहले समस्या ये थी कि उन्हें ज़्यादा मैच खेलने का मौक़ा नहीं मिलता था. मगर इस बार उन्होंने काफ़ी मैच खेले हैं. हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना ने अपने खेल से लोगों का काफ़ी ध्यान आकर्षित किया है. मिताली का अनुभव और खेल काफ़ी अहम रहेगा. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भारत की तैयारी बाक़ी टीमों से बेहतर है.

सुमति अय्यर (पूर्व महिला क्रिकेटर)

भारतीय महिला क्रिकेटरों ने 2017 के वनडे वर्ल्डकप से सबक लिया है और वे शुरू से ही फ़ोकस्ड रहेंगी. भारतीयों के समर्थन से उन्हें क़ामयाब होने में मदद मिलेगी. टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है. यह पहला मैच ही बाक़ियों को महिलाओं की ताक़त के बारे में बता देगा.

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