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अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी के कारण जाने जाते हैं जाधव
महाराष्ट्र रणजी टीम के कप्तान केदार जाधव का वनडे मैचों में दूसरा शतक उनके लिए कई मायनों में यादगार होगा.
अपने ही शहर में जब केदार ने विशालकाय स्कोर का पीछा करते हुए शतक पूरा किया तो स्टेडियम में बैठे उनके माता पिता भी अपनी ख़ुशी का इजहार करने से ख़ुद को रोक नहीं पाए.
भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरे वनडे में भले ही कप्तान कोहली ने भी ज़बरदस्त पारी खेली हो लेकिन सबकी ज़बान पर केदार जाधव का ही नाम है.
हालांकि मैच के दौरान वो बुरी तरह थके हुए दिखे और एक समय ऐसा लग रहा था कि वो शायद ही रनर के बिना खेल पाएं. हालांकि केदार उस कमी को पूरा करते हुए चौके छक्के लगाकर उसकी भरपाई करते रहे.
केदार जाधव बताते हैं कि वो नेट पर लंबे-लंबे शॉट खेलते हैं और ये उन्होंने डेल्ही डेयरडेविल्स के लिए खेलते हुए वीरेंद्र सहवाग से सीखा.
उन्होंने अपने 120 रनों में 12 चौके और चार छक्के लगाए.
हालांकि केदार यंग इंडियन टीम के कई खिलाड़ियों से सीनियर हैं लेकिन उनको भारतीय टीम में मौक़ा 2014 में ही मिला है और उन्होंने हर मौक़े पर अपनी उपयोगिता दिखाई है.
31 साल के केदार दाएं हाथ से बल्लेबाज़ी करते हैं और अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी के लिए जाने जाते हैं.
केदार ने वनडे मैचों में पहला शतक 2015 में लगाया था ज़िमबॉब्वे के ख़िलाफ़. वो उनका चौथा वनडे था और उन्होंने नाबाद 105 रन बनाए थे.
इंडिया ए और आईपीएल की कई टीमों में खेल चुके केदार को अभी तक भारत की टेस्ट टीम में मौक़ा नहीं मिला है.
13 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके केदार ने अब तक नौ पारियों में 59.33 की औसत से 356 रन बनाए हैं.
इंग्लैंड के ख़िलाफ़ रविवार को हुए मैच में अब तक का उनका सर्वाधिक स्कोर रहा 120.
भारत की ओर से पांच टी-20 मैच खेल चुके केदार की स्ट्राइक रेट 133.82 है.
आईपीएल में अपने पहले ही मैच में केदार ने 29 गेंदों में 50 रन बनाकर लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा था.
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