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![]() इस हफ़्ते अर्थव्यवस्था सत्यम सत्यम कंप्यूटर्स की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, लेकिन इस हफ़्ते एक सकारात्मक ख़बर ये आई कि दो भारतीय कंपनियाँ इसमें रूचि ले रही हैं. कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की बड़ी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) और सॉफ़्टवेयर क्षेत्र की आईगेट ने सत्यम को ख़रीदने के संकेत दिए हैं. सत्यम में नया सीईओ अगले हफ़्ते तक एलएंडटी ने सत्यम कंप्यूटर्स में अपनी भागीदारी चार फ़ीसदी से बढ़ा कर 12 फ़ीसदी कर दी है. एलएंडटी कंस्ट्रक्शन के अलावा आईटी क्षेत्र में भी क़दम रख चुकी है और उसे लगता है कि सत्यम को ख़रीदने से उसके आईटी कारोबार में तेज़ी आएगी. तकनीकी आधार पर सत्यम में एलएंडटी की हिस्सेदारी बढ़ कर 15 फ़ीसदी होते ही वह कंपनी को ख़रीदने के लिए दूसरे शेयरधारकों को पेशकश कर सकती है. राजू की मुश्किलें इस बीच सत्यम के पूर्व चेयरमैन बी रामालिंगा राजू , उनके भाई रामा राजू और मुख्य वित्तीय अधिकारी वदलामणि श्रीनिवास की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा कर 31 जनवरी कर दी गई है. राजू को बढ़ावा नहीं दिया - रेड्डी हैदराबाद की एक अदालत ने ये आदेश दिए, हालाँकि राजू की ज़मानत याचिका पर 27 जनवरी को फिर सुनवाई होगी. अब रामालिंगा राजू पर ये भी आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने कंपनी के कर्मचारियों की संख्या ग़लत तरीके से 53 हज़ार बताई थी और रिकॉर्ड में लगभग 13 हज़ार कर्मचारी ऐसे दिखाए जो वास्तव में कंपनी से जुड़े नहीं हैं. मेटास में भी धोखाधड़ी की जाँच इस बीच शेयर बाज़ार की नियामक संस्था सेबी ने कहा है कि सत्यम में वित्तीय फ़र्ज़ीवाड़े का दायरा कितना है, ये कह पाना अभी भी मुश्किल है. ग़ौरतलब है कि रामालिंगा राजू ने कंपनी की बैलेंस शीट में लगभग सात हज़ार करोड़ रूपए की गड़बड़ी को स्वीकार करते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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