बिहार चुनाव: पुष्पम प्रिया, श्रेयसी सिंह, तेजप्रताप, तेजस्वी, चिराग पासवान, लव सिन्हा की परफॉर्मेंस कैसी रही?

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बिहार चुनाव के नतीजे पूरी तरह से अभी तक सामने नहीं आए हैं. इस ख़बर को लिखे जाने तक अब तक आए रुझानों में बीजेपी और राष्ट्रीय जनता दल के बीच कांटे की टक्कर चल रही है.
हालांकि रुझानों ने बिहार की राजनीति के युवा चेहरों के चुनावी नतीजे की तस्वीर कुछ साफ़ कर दी है.
ये वो युवा नेता हैं, जो पूरे चुनाव के दौरान चर्चा के केंद्र में रहे. इन नेताओं को लेकर बिहार की गलियों से लेकर राजनीति के जानकारों ने कई अनुमान लगाए. लेकिन अंतिम फैसला जनता ही करती है.
उसी फैसले के तहत आइए जानते हैं किस युवा नेता पर बिहार की जनता ने क्या फैसला सुनाया और उस पर सोशल मीडिया पर क्या लिखा जा रहा है.
1. पुष्पम प्रिया
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई और बिहार चुनाव में खुद को मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार घोषित करने वाली पुष्पम प्रिया.
चुनाव प्रचार से लेकर पत्रकारों को देने वाले इंटरव्यू में पुष्पम प्रिया जीत को लेकर काफी दावे करती थीं.
लेकिन चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक़, पांच बजे तक जिन दो सीटों बांकीपुर और बिस्फी पर पुष्पम प्रिया ने चुनाव लड़ा था उन दोनों ही सीटों पर वो जीतने से काफी दूर हैं.
पुष्पम प्रिया ने ऐसे रुझानों को देखकर ट्वीट किया, ''बीजेपी ने प्लूरल्स पार्टी के वोट को अपने पक्ष में कर लिया. बिहार में ईवीएम हैक हो गई. जहां कार्यकर्ताओं ने मेरे सामने जाकर वोट डाला, उन बूथों पर मुझे ज़ीरो वोट मिले.''
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पुष्पम प्रिया को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोग लिख रहे हैं.
आरोही लिखती हैं, ''यकीनन वोटर्स ने पोलिंग बूथ के अंदर जाकर तुम्हारा पत्ता काट दिया.''
अफरोज ख़ान ने लिखा, ''पुष्पम के साथ 150 लोग घूमते थे लेकिन वोट सिर्फ़ 15 मिला.''
हालांकि पुष्पम को मिलने वाले वोटों की संख्या इससे ज़्यादा है.
2. लव सिन्हा
शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे और अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा के भाई लव सिन्हा कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे थे.
लव सिन्हा ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा था, ''मेरे पिताजी अगर बिहारी बाबू हैं तो मैं बिहारी पुत्र हूं.''
लव सिन्हा भी पुष्पम प्रिया की तरह बांकीपुर सीट से चुनावी मैदान में थे. ख़बर को लिखे जाने तक लव सिन्हा बीजेपी के नितिन बाबिन से काफ़ी पीछे चल रहे हैं.
लव को चुनावी मैदान पर जनता का लव ना मिलने की चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है.
मालाबिका ट्विटर पर लिखती हैं, ''खामोश के बेटे लव सिन्हा पीछे चल रहे हैं.''
दीपेंद्र शुक्ला लिखते हैं, ''लगता है बिहार की जनता ने लव सिन्हा को खामोश कर दिया है.''
तुषार ने ट्वीट किया, ''शत्रुघ्न सिन्हा का बेटा लव बिहार चुनाव में खामोश हो रहा है.''

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3. तेजस्वी यादव
बिहार के राघोपुर सीट से राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष मैदान में थे.
ख़बर को लिखे जाने तक तेजस्वी बीजेपी के सतीश कुमार से आगे चल रहे हैं.
लेकिन तेजस्वी के नेतृत्व में अगर बिहार में आरजेडी की परफॉर्मेंस की बात की जाए तो वो सबसे बड़ी पार्टी बनकर नहीं उभरी है.
एग्जिट पोल्स में जिस तरह तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनने के कयास लगाए गए थे और जैसे रुझान, नतीजे अभी आ रहे हैं उसको लेकर सोशल मीडिया पर बात की जा रही है.
अजय लिखते हैं, ''भारतीय मीडिया ने टीआरपी के चक्कर में तेजस्वी को एग्जिट पोल में जिता दिया था. लेकिन अब.... ऐसे कौन बेइज़्ज़ती करता है भाई?''
'मिश्राजी' नाम के यूज़र लिखते हैं, ''अब तेजस्वी की मिठाइयों का क्या होगा?''
सूरज ने लिखा, ''कहां गए वो लोग जो कह रहे थे कि तेजस्वी बिहार में सबसे युवा मुख्यमंत्री बनेंगे.''
बसपा के नेता सिद्धार्थ ने लिखा- बिहार में तेजस्वी यादव को कांग्रेस ले डूबी.
4. तेज प्रताप यादव
बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और खुद को किंगमेकर बताने वाले तेज प्रताप यादव हसनपुर सीट से काफ़ी आगे चल रहे हैं.
वोटों की गिनती शुरू होने से पहले ही तेज प्रताप ने एक ट्वीट किया था- तेजस्वी भव: बिहार.
हालांकि रुझान इस ट्वीट के मुताबिक सही नहीं बैठ रहे हैं.
तेज प्रताप बिहार के एक चर्चित चेहरा हैं, जिनको लेकर आम दिनों में भी बातें होती रहती हैं और वो सोशल मीडिया पर चर्चा में बने रहते हैं.
ऐसे में जब चुनावी नतीजे आ रहे हैं, तब भी ये परंपरा बदली नहीं है.
राकेश धवन लिखते हैं, ''तेज प्रताप यादव ने छोटे भाई तेजस्वी को बर्थडे गिफ्ट में बिहार के सीएम की कुर्सी देने का आशीर्वाद दिया लेकिन महागठबंधन भारी मतों से पीछे हो गया. कहीं ईवीएम हैक का रोना तो शुरू ना कर देना.''
पैरोडी अकाउंट डॉ कीटाणु किलर ने मज़ाक में लिखा, ''अभी-अभी तेज प्रताप यादव ने भाजपा के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी से बात की है कि 50% डिस्काउंट पर मिठाइयां उनसे डायरेक्ट खरीद सकते हैं.''
5. श्रेयसी सिंह
इंटरनेशनल लेवल की शूटर रही श्रेयसी सिंह जमुई सीट से मैदान में थीं.
श्रेयसी के पिता और बिहार के नेता दिग्विजय सिंह केंद्र में मंत्री भी रह चुके थे. श्रेयसी की मां पुतुल देवी सांसद रही हैं.
ऐसे में जब श्रेयसी बीजेपी की टिकट पर जमुई से मैदान में उतरीं तो लोगों का ध्यान खींचने में सफ़ल रहीं.
ख़बर को लिखे जाने तक जमुई सीट पर श्रेयसी आगे चल रही हैं.श्रेयसी सिंह को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है.
कौशल सिंह श्रेयसी की तस्वीर लगाकर लिखते हैं, ''बिहार को इनसे बेहतर सीएम नहीं मिल सकता.''
प्रभात रंजन ने लिखा, ''नेशनल शूटर श्रेयसी सिंह आगे चल रही हैं, ये अच्छी बात है.''

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6. चिराग पासवान
चिराग पासवान ख़ुद किसी सीट से चुनाव नहीं लड़े थे. लेकिन उनकी पार्टी 135 सीटों पर चुनाव लड़ी थी.
ख़बर को लिखते वक़्त लोक जन शक्ति पार्टी सिर्फ़ दो सीटों पर आगे चल रही है.
चिराग पासवान ने ख़ुद को चुनाव से ठीक पहले जैसे बीजेपी से अलग किया और अपने दिल में पीएम मोदी के होने की बात की, उससे काफी चर्चाओं में रहे थे.
एक तबके में ये भी कहा जा रहा था कि चिराग पासवान जेडीयू को नुकसान पहुंचाने के लिए मैदान में उतरी है. लेकिन ख़बर लिखे जाने तक रुझानों में उनकी पार्टी किसी भी सीट पर आगे नहीं चल रही थी.
ज़ाहिर है कि इसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रही है.
दीपक दुबे लिखते हैं, ''क्या लगता है दोस्तों? चिराग पासवान के करियर का क्या होगा?''
कुशल पांडे ने लिखा, ''ना तेजस्वी का तेज काम आया, और ना ही पासवान का चिराग, ऐसे करते हैं शाह और ऐसे देते हैं मात.''
संभव है कि जब आप इस ख़बर को पढ़ रहे हों तब रुझानों और नतीजों में फेरबदल हो सकता है.
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