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इरफ़ान ख़ान पाकिस्तान में कुछ यूं याद आ रहे हैं-सोशल
इरफ़ान ख़ान के निधन के घंटों बाद भी भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में #RIPIrrfanKhan ट्रेंड कर रहा है.
कहते हैं, कलाकार और कला देश और काल से परे होते हैं.लोगों के चहेते अभिनेता इरफ़ान के जाने के बाद इसे महसूस किया जा सकता है.
एक तरफ़ जहां उनके भारतीय प्रशंसक और साथी शोक जता रहे हैं तो दूसरी तरफ़ उनके पाकिस्तानी प्रशंसक और साथी कलाकार भी बहुत कुछ कह रहे हैं.
हिंदी मीडियम फ़िल्म में इरफ़ान के साथ काम करने वाली पाकिस्तानी अभिनेत्री सबा क़मर ने उनके साथ अपनी एक तस्वीर पोस्ट की और लिखा:
इरफ़ान ख़ान के निधन के बारे में सुनकर बेहद परेशान हूं. ऐसा लगता है कि कल ही हिंदी मीडियम के सेट से वापस आई हूं. आपने मुझे एक कलाकार और एक मेंटॉर के तौर पर बहुत कुछ सिखाया. इतना बेहतरीन एक्टर इतनी जल्दी चला गया. मुझे शब्द नहीं मिल रहे हैं.
तुम्हारी आत्मा को शांति मिले, राज.
सिर्फ़ तुम्हारी, मीता.
हिंदी मीडियम फ़िल्म में इरफ़ान ख़ान के किरदार का नाम राज और सबा क़मर के किरदार का नाम मीता था.
माहिरा ख़ान न इंस्टाग्राम पर उनका एक वीडियो शेयर किया और लिखा, "आपकी आत्मा को शांति मिले, मेरे मक़बूल."
माहिरा ने ट्विटर पर लिखा, ''आप सोना थे और सोना रहेंगे.''
पाकिस्तानी अभिनेत्री सजल अली ने इंस्टाग्राम पर इरफ़ान ख़ान की एक तस्वीर पोस्ट की और लिखा, "सदमे में हूं. दुखी हूं. कितने शानदार एक्टर थे वो. उनकी आत्मा को शांति मिले."
एक्ट्रेस ज़रा नूर अब्बास ने भी इरफ़ान ख़ान की फ़िल्म 'करीब-करीब सिंगल' से उनकी एक तस्वीर पोस्ट की और उसी फ़िल्म के एक गीत के बोल लिखे: वो जो था ख़्वाब सा, क्या कहें, जाने दें...
पाकिस्तानी अभिनेता और गायक इमरान अब्बास ने इरफ़ान ख़ान को याद करते हुए इंस्टाग्राम पर दो लंबी पोस्ट लिखी हैं.
उन्होंने लिखा है,
आपकी आत्मा को शांति मिले लीजेंड इरफ़ान ख़ान! आप निश्चित रूप से हमेशा याद आएंगे...चूंकि कला की कोई सीमा नहीं होती इसलिए हम आपके अचानक गुज़र जाने का ग़म पूरी तरह महसूस कर रहे हैं...अल्लाह आपको दुआ दे. बेशक़, हम सब अल्लाह से वास्ता रखते हैं और आख़िर में हमें उसी के पास लौटना होता है."
पाकिस्तान के आम लोग भी सोशल मीडिया पर इरफ़ान ख़ान के बारे में काफ़ी कुछ लिख रहे हैं.
तुफ़ैल अली रिज़्वी ने जॉन एलिया के शेर के साथ इरफ़ान ख़ान को श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने लिखा है,
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता,
एक ही शख़्स था जहां में क्या?
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