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महात्मा गांधी की जयंती पर '#गोडसे_अमर_रहें' क्यों ट्रेंड कर रहा है
महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आज भारत में #गोडसे_अमर_रहें हैशटैग ट्विटर पर टॉप ट्रेंड कर रहा है. इसके अलावा गोडसे (Godse) भी शीर्ष ट्रेंड्स में बना हुआ है.
30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की गोली मारकर हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को फांसी की सज़ा दी गई गई थी.
#गोडसे_अमर_रहें हैशटैग के साथ लोग मीम्स और चुटकुले शेयर करते हुए महात्मा गांधी की आलोचना कर रहे हैं. कुछ लोग इस बात पर भी ख़ुशी जता रहे हैं कि यह हैश टैग टॉप पर ट्रेंड कर रहा है. इस बात पर भी कुछ लोग महात्मा गांधी की तस्वीरों को इस्तेमाल करते हुए मीम बना रहे हैं.
हालांकि, इसी हैशटैग के साथ ट्वीट करने वालों में वे लोग भी हैं जो महात्मा गांधी का समर्थन करते हुए #गोडसे_अमर_रहें हैशटैग और नाथूराम गोडसे की बड़ाई करने वालों को निशाने पर ले रहे हैं.
वे भी मीम्स के माध्यम से गोडसे का समर्थन कर रहे ट्विटर यूज़र्स को जवाब दे रहे हैं.
क्या लिख रहे हैं लोग
कुछ लोग जहां महात्मा गांधी को अहिंसा के सिद्धांत के लिए कायर बता रहे हैं तो कुछ इस ट्रेंड के बहाने 'लिबरल' लोगों पर व्यंग्य कर रहे हैं.
कुछ ट्वीट ऐसे हैं जिनका यहां ज़िक्र नहीं किया जा सकता.
अजय दीप झंग ने लिखा है, "गोडसे अमर रहें, हम सभी आपके गुनहगार हैं, आपकी अस्थियां तक विसर्जित नहीं हो पाईं. आपने एक राष्ट्र की कल्पना की थी. विनम्र श्रद्धांजलि."
दीपक कुमार नाम के हैंडल से ट्वीट किया गया है, "बापू नोट पर है इसलिए दिमाग़ में है वरना दिल में तो गोडसे है."
ठाकुर साहब नाम के हैंडल से ट्वीट किया गया है, "अगर भगत सिंह को फांसी नहीं होती तो भारत उसी समय आज़ाद हो जाता मगर किसी को आज़ादी का क्रेडिट जो चाहिए था."
कुछ लोग महात्मा गांधी का समर्थन करने वालों पर धार्मिक आधार पर भी टिप्पणियां कर रहे हैं. गोपाल सिंह राजपुरोहित ने लिबरल यानी उदार लोगों पर निशाना साधते हुए यह मीम शेयर किया है.
'बेकार आदमी' हैंडल ने गोडसे अमर रहे हैश टैग के टॉप पर ट्रेंड करने को लेकर यह ट्वीट किया है.
राहुल बारी ने इस ट्वीट में यह बताया है कि क्यों 'गोडसे अमर रहें.'
गांधी के बचाव में भी ट्वीट
आई एम मुसद्दीक़ नाम के यूज़र लिखते हैं, "उस समय गांधी जी ने एक चिंगारी सी भड़काई थी और हिंसा से बचते हुए सद्भावना के साथ अगुवाई की थी. मैं नहीं चाहता कि गोडसे अमर रहें."
'द मून' नाम के हैंडल से ट्वीट किया गया है, "दुख की बात है कि मेरे देश भारत में गांधी के हत्यारे गोडसे (आतंकी) को कुछ कमअक्ल और ग़द्दार लोगों द्वारा पूजा जाता है और फिर वे अन्य देशों को आतंक की फैक्ट्री बताते हैं. देखिए इनके दोहरे मापदंड."
यूज़र 'के सी मिश्रा' ने लिखा है, "गोडसे अमर रहे, को समर्थन न दें. उनके अपराध ने हिंदुओं की छवि ख़राब की है."
कुछ लोग जवाब में महात्मा गांधी की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी कर रहे हैं. ट्रोल सिंह नाम के हैंडल ने ऐसा ही एक ट्वीट किया है.
यासिर मोहम्मद लिखते हैं, "अगर गोडसे अमर रहें तो कल आपके लिए ओसामा बिन लादेन होंगे? हम कहां ले जा रहे हैं भारत को? क्यों आप तथाकथित राष्ट्रवादी तालिबान बन रहे हैं."
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