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आर माधवन ने बताई, परिवार संग जनेऊ वाली तस्वीर में दिखे क्रॉस की कहानी #SOCIAL
फ़िल्म 'रहना है तेरे दिल में' का मैडी और 'थ्री इडियट्स' का फरहान.
ये किरदार निभा चुके आर माधवन इन हिट फ़िल्मों में भले ही आस्तिक न दिखे हों. लेकिन रियल लाइफ़ में माधवन इससे बिलकुल अलग हैं.
हाल ही में आर माधवन ने अपने पिता, बेटे और खुद की एक तस्वीर शेयर की. इस तस्वीर में माधवन परिवार की तीन पीढ़ियां जनेऊ में दिख रही हैं.
इंस्टाग्राम पर माधवन ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, ''स्वतंत्रता दिवस, रक्षा बंधन, अव्नि अवित्तम की शुभकामनाएं.''
इस तस्वीर पर लाखों लाइक आए और सैकड़ों प्रतिक्रियाएं आईं. लेकिन एक ट्विटर यूज़र को इस तस्वीर में कुछ खटका.
माधवन ने दिया जवाब
ट्विटर पर @jiks हैंडल ने लिखा, ''आपकी तस्वीर के बैकग्राउंड में क्रॉस क्यों दिख रहा है? क्या ये एक मंदिर है? आपने इज़्ज़त खो दी. क्या आपने कभी किसी चर्च में भगवान की तस्वीर देखी है. आज आपने जो किया, वो महज़ एक ड्रामा है.''
इस ट्वीट में यूज़र ने तस्वीर को ज़ूम किया था, जिसमें तस्वीर में पीछे की तरफ़ एक क्रॉस दिखाई दे रहा था.
माधवन ने इस ट्वीट पर एक लंबा जवाब दिया.
माधवन ने लिखा, ''आप जैसों से इज़्ज़त मिलने की मुझे वाक़ई कोई परवाह नहीं. उम्मीद है कि आप जल्द ठीक होंगी. हैरानी इस बात की है कि आपको अपनी बीमारी में क्रॉस के साथ रखी स्वर्ण मंदिर की तस्वीर नहीं दिखी. आपने नहीं पूछा कि कहीं मैंने सिख धर्म तो नहीं अपना लिया.''
- ''मेरे पास दरगाहों से मिली दुआएं भी हैं. दुनिया की सारी जगहों की दुआएं (चीज़ें) मेरे पास हैं. कुछ चीज़ें मुझे तोहफे में मिलीं और कुछ ख़रीदी.
- मेरे घर में सभी तरह की आस्थाओं के लिए जगह है. कोई भी आर्मी वाला आपको ये बात बता देगा. हर यूनिट में ऐसा होता है.(माधवन के पिता आर्मी में थे.)
- मुझे बचपन में सिखाया गया था कि अपने धर्म को मानते हुए मैं दूसरे धर्मों का भी सम्मान करूं. मैं अपने धर्म की तरह दूसरे धर्मों का भी सम्मान करता हूं.
- मुझे उम्मीद है कि मेरा बेटा भी ऐसा ही करेगा. मैंने हर दरगाह, गुरुद्वारा और चर्च में प्रार्थना की है. मेरी किस्मत अच्छी है कि जब पास में मंदिर नहीं होता तो मैं इन जगहों पर जा पाया.
- ये जानने के बाद कि मैं हिंदू हैं, इन जगहों पर मुझे पूरा प्यार मिला. मैं इस भावना का कैसे सम्मान न करता?
- मेरे पास लोगों को देने के लिए प्यार और सम्मान है. क्योंकि मेरी यात्राओं और अनुभवों से मैंने यही सीखा है कि यही सच्ची आस्था है.
- आपको भी प्यार और शांति.''
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