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सोशल: 'हारने के बाद ईवीएम का रोना रोएंगे केजरीवाल'
आज 272 सीटों वाले दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए मतदान खत्म हो गया है. मुख्य लड़ाई दस साल से निगम पर काबिज बीजेपी, दिल्ली की सत्ताधारी पार्टी 'आप' और कांग्रेस के बीच है.
इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर ईवीएम का मुद्दा उठाया है.
केजरीवाल ने ट्वीट किया, "पूरी दिल्ली से ईवीएम में गड़बड़ी की ख़बरें मिल रही हैं. मतदाना पर्ची वाले लोगों को भी वोट डालने नहीं दिए जा रहे हैं. चुनाव आयोग क्या कर रहा है"
केजरीवाल को जवाब देते हुए नरेंद्र शिवाजी पटेल ने लिखा, "चुनाव के दौरान ही ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाना अरविंद केजरीवाल के हार स्वीकार करने का प्रतीक है."
आप नेता गोपाल राय ने ट्वीट किया, "ईवीएम+बीजेपी+कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच काँटे का संघर्ष चल रहा है, आप का एक-एक वोट कीमती है मैंने अपना वोट दे दिया है आप भी वोट जरूर डालें."
विशाल डडलानी ने ट्वीट किया, "पूर्व कांग्रेसी और ताज़ा भाजपाई अरविंदर सिंह लवली ईवीएम में गड़बड़ी की वजह से वोट नहीं डाल पाए. अब क्या?"
सीएसडीएस के संजय कुमार ने ट्वीट किया, "सीएसडीएस के शोध से पता चलता है कि 90 प्रतिशत लोग ईवीएम में विश्वास करते हैं. ये लोग सभी समुदायों से हैं."
आप से ही जुड़े वैभव माहेश्वरी ने लिखा, "पूरी दिल्ली में ख़राब ईवीएम की ख़बर आ रही हैं, हर तरफ अव्यवस्था फैली है. चुनाव आयोग वाक़ई चुनाव करवा रहा है या कोई खेल? मशीनें इतनी ख़राब कैसे?"
कृष्ण प्रताप सिंह ने लिखा, "पंजाब में भी इसी व्यापक स्तर पर ईवीएम 'ख़राब' हुई थी. एक बार फिर दिल्ली में वही हो रहा है."
भाजपा नेता गिरीराज सिंह ने ट्वीट किया, "आप और कांग्रेस के सभी बड़े नेता एमसीडी चुनावों में वोट कर चुके हैं. अभी किसी ने शिकायत नहीं की है. अब हारने के बाद ईवीएम पे ठीकरा फोड़ेंगे."
भाजपा नेता विजय गोयल ने ट्वीट किया, "केजरीवाल ने ईवीएम मशीन के ज़रिए वोट किया इससे साबित होता है कि उन्हें इसमें विश्वास है. उम्मीद है कि चुनाव हारने के बाद वो गड़बड़ी का रोना नहीं रोएंगे."
पूर्व चुनाव आयुक्त एसवाई कुरेशी से जब ईवीएम में गड़बड़ी के संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने ट्वीट किया, "एक ईवीएम में कनेक्शन की वजह से, बैटरी डाउन होने या मानवीय ग़लती की वजह से या फिर मॉक मतदान का डाटा डिलीट न किए जाने की वजह से गड़बड़ी हो सकती है. आधे घंटे के अंदर ही ऐसी मशीन को बदल दिया जाता है. कुल मशीनों में से 0.5 फ़ीसदी में गड़बड़ी हो जाती है."
अगले ट्वीट में कुरैशी ने लिखा, "निगम चुनाव केंद्रीय चुनाव आयोग नहीं बल्कि राज्य चुनाव आयोग कराते हैं. तुरंत ईवीएम बदला जाना ज़रूरी है. चुनाव आयोग ने इसकी समय सीमा तीस मिनट निर्धारित की है. दिल्ली चुनाव आयोग को गड़बड़ी के मामलों में जवाब देना होगा."