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कृत्रिम जीवन की ओर एक क़दम | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में कृत्रिम जीव बनाने के क्रम में एक अहम कामयाबी हासिल करने का दावा किया है. साइंस नाम की पत्रिका में छपे एक शोध के मुताबिक कैलिफ़ोर्निया के क्रेग वेंटर संस्थान ने प्रयोगशाला में कृत्रिम रसायनों के प्रयोग से एक जीवाणु के डीएनए की नकल करने में सफलता पाई है. इसे माइकोप्लाज़्म जेसीवीआई-1.0 नाम दिया गया है. इस शोध में 17 वैज्ञानिकों की टीम ने भाग लिया. शोध से जुड़े डॉक्टर हैमिल्टन स्मिथ नें बीबीसी को बताया, "हमने प्रयोगशाला में माइकोप्लाज़्मा जेनिटेलियम जीवाणु के डीएनए से संश्लेषिक जीवन बनाने के क्रम में एक क़दम आगे बढ़ाया है." उनका कहना था, "हम पूरे जीवन का कृत्रिम निर्माण नहीं कर रहे हैं केवल संश्लेषिक जीव की कोशिका के गुणसूत्रों को ही फिर से बना रहे हैं." लेकिन आलोचक ने वैज्ञानिकों के बनाए जीवन के इस रूप को 'ख़तरनाक' बताया है. उनका कहना है कि ये प्रकृति के नियमों का उल्लंघन है. उनकी ये भी चिंता है कि एक निजी कंपनी बहुत तेज़ी से इस क्षेत्र में काम कर रही है जबकि इस क्षेत्र में किसी भी तरह के नैतिक या फिर क़ानूनी मापदंड तय नहीं किए गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें लाल बालों वाले थे निएंडरथल 30 अक्तूबर, 2007 | विज्ञान हमारा पूर्वज साबित हो सकता है यह बंदर20 नवंबर, 2004 | विज्ञान लंबी उम्र के रहस्य की ओर...08 मई, 2003 | विज्ञान | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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