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ज़ुकाम के विषाणु आसपास हो सकते हैं | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों को अक्सर कम ही जानकारी होती है कि किसी के गंदे हाथ जिन-जिन चीज़ों को छूते हैं वहाँ से सर्दी-ज़ुकाम के विषाणु बड़ी आसानी से फैल जाते हैं और किसी को भी अपनी चपेट में ले सकते हैं. अमरीका के शोधकर्ताओं ने कुछ होटलों के कमरों का विश्लेषण करके यह पाया है कि जिन-जिन स्थानों को छुआ गया उन पर सर्दी-ज़ुकाम के विषाणु पहुँचने की 35 प्रतिशत संभावना थी. कमरों के दरवाज़ों के हत्थे, पेन, बिजली के स्विच, चटख़नियाँ, टेलीविज़न के रिमोट कंट्रोल, और नल वग़ैरा ऐसी चीज़ें और स्थान थे जो संक्रमण के लिए बहुत संवेदनशील पाए गए और उन तक विषाणु आसानी से पहुँच सकते हैं. इनके बारे में कहा गया कि इन्हें छुए जाने के 18 घंटे बाद तक वो विषाणु वहाँ जीवित या बने रह सकते हैं. वर्जीनिया विश्वविद्यालय के एक शोध दल ने अपना यह परिणाम अमरीका के एक विज्ञान सम्मेलन में प्रस्तुत किया है. शोध में पाया गया है कि रोज़मर्रा के कामकाज के दौरान लोग जिन चीज़ों को ज़्यादा छूते हैं उनमें दो में से एक या पचास प्रतिशत चीज़ों पर विषाणु ठहर जाते हैं. इनमें टेलीफ़ोन और बिजली के स्विच वग़ैरा प्रमुख हैं. यह दर बढ़कर तब 60 प्रतिशत होने की संभावना रहती है जब सर्दी-ज़ुकाम से प्रभावित किसी व्यक्ति ने अपने हाथ इन चीज़ों पर रखे हों और एक घंटे बाद ही कोई और ऐसा ही व्यक्ति अपने हाथ उन पर रख दे, हाँ, 18 घंटे बाद संक्रमण की संभावना कम होकर 33 प्रतिशत तक रह जाती है. शोधकर्ताओं का कहना है कि इन चीज़ों के ज़रिए विषाणु का किसी और व्यक्ति तक पहुँचने की संभावना उसके मुक़ाबले कम रहती है जितनी कि सर्दी-ज़ुकाम से प्रभावित किसी व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से होती है. मौजूदगी शोधकर्ता डॉक्टर ओवम हेंडले का कहना था, "लोगों को अब भी यह तो समझना हो होगा कि सर्दी-ज़ुकाम का विषाणु कम से कम एक दिन तक तो संक्रमण के लिए मौजूद रहता ही है."
बच्चों और वयस्कों में आम क़िस्म सर्दी-ज़ुकाम जितने मामले होते हैं उनमें से लगभग 50 प्रतिशत के लिए राइनोवायरस ही ज़िम्मेदार होता है. स्कूली बच्चों में एक साल में सात से दस बार सर्दी-ज़ुकाम होता है, जबकि वयस्कों को दो से पाँच बार. ब्रिटेन के कार्डिफ़ स्थित सामान्य सर्दी-ज़ुकाम केंद्र के प्रोफ़ेसर रोन इकल्स का कहना है, "आम सर्दी-ज़ुकाम और फ्लू हाथ से छूने या संपर्क में आने से फैल सकता है." "लेकिन बहुत से संक्रमण घर में ही ज़्यादा फैलते हैं. सर्दी-ज़ुकाम का ज़्यादातर संक्रमण लंबे और बहुत नज़दीकी संपर्क की वजह से फैलता है और शिशु और बच्चों में और उनसे सर्दी-ज़ुकाम बहुत फैलता है." प्रोफ़ेसर रोन इकल्स का कहना है, "बच्चों को सर्दी-ज़ुकाम इसलिए ज़्यादा होता है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधी क्षमता विकसित हो रही होती है. साथ ही उनकी साफ़-सफ़ाई की आदत भी उतनी अच्छी नहीं होती हैं. उनकी नाक बहती रहती है और वहाँ से विषाणु निकलते रहते हैं." उनका कहना है कि होटलों के कमरों या सार्वजनिक परिवहन साधनों के ज़रिए भी सर्दी-ज़ुकाम के विषाणु फैल सकते हैं लेकिन उसकी संभावना शायद बहुत ज़्यादा नहीं होती है. | इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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