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स्पेसवॉक कर सकेंगे अंतरिक्ष पर्यटक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरिक्ष पर्यटन की शुरुआत करने वाली कंपनी ने अब अपने ग्राहकों को अंतरिक्ष में चहलकदमी का मौक़ा देने की पेशकश की है. स्पेस एडवेंचर्स नामक कंपनी ने कहा है कि डेढ़ करोड़ डॉलर की फ़ीस चुकाने वाले अंतरिक्ष पर्यटक को ही स्पेसवॉक की सुविधा दी जा सकेगी. यह राशि दो करोड़ डॉलर की उस रकम के अतिरिक्त होगी जो कि कंपनी अंतरिक्ष में भेजे जाने के बदले लेती है. मतलब साढ़े तीन करोड़ डॉलर का भुगतान कर कोई व्यक्ति न सिर्फ़ अंतराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र तक जा सकेगा, बल्कि केंद्र के बाहर खुले अंतरिक्ष में डेढ़ घंटे तक चहलकदमी भी कर सकेगा. स्पेस एडवेंचर्स कंपनी के अनुसार स्पेसवॉक की सुविधा दिए जाने के बाद किसी अंतरिक्ष पर्यटक को अब अंतरिक्ष केंद्र में 10 दिनों के बज़ाय 16 से 18 दिनों तक रहना पड़ सकता है. अंतरिक्ष पर्यटकों को अतिरिक्त प्रशिक्षण दिए जाने की भी ज़रूरत होगी. 'ग्राहक मौज़ूद हैं' स्पेस एडवेंचर्स के प्रमुख एरिक एंडरसन ने कहा कि स्पेसवॉक में दिलचस्पी रखने वाले कुछ ग्राहक पहले से ही उनके संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, "डेढ़ घंटे अंतरिक्ष केंद्र से बाहर रहने का मतलब है कि एक अंतरिक्ष पर्यटक उतनी देर में धरती का एक चक्कर लगा लेगा, यानि पूरी धरती को देख लेगा." उल्लेखनीय है कि एंडरसन की कंपनी अब तक तीन लोगों को अंतरिक्ष पर्यटन पर भेज चुकी है. वर्ष 2001 में अमरीकी उद्योगपति डेनिस टीटो पहले अंतरिक्ष पर्यटक बने थे. इसके अगले साल दक्षिण अफ़्रीका के मार्क शटलवर्थ अंतरिक्ष सैलानी बने. पैसे चुका कर अंतरिक्ष में पहुँचे तीसरे व्यक्ति हैं अमरीका के ग्रेग ओल्सेन. | इससे जुड़ी ख़बरें शटलवर्थ धरती पर लौटे05 मई, 2002 | पहला पन्ना अंतरिक्ष का सैलानी30 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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