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जीन ही जीतता है लड़कियों का दिल भी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अगर आप लड़कियों का दिल जीत नहीं पा रहे हैं तो घबराइए नहीं क्योंकि इसमें आपकी कोई ग़लती नहीं है. इसका दोष आप अपने जीन पर डाल सकते हैं. हाल ही में बड़ी मक्खी ( फ्रूट फ्लाई) पर किए गए एक शोध में यह बात सामने आई है. अमरीका और ऑस्ट्रिया के वैज्ञानिकों के अलग अलग शोध में पता चला है कि नर बड़ी मक्खी का एक जीन ऐसा होता है जो उसे मादा मच्छरों का दिल जीतने में कम सक्षम कर देता है. हालांकि मनुष्य में यह जीन तो नहीं होता लेकिन मनुष्यों और बड़ी मक्खी में कई और बातें एक जैसी होती हैं. नेचर और सेल पत्रिका में छपे शोध के अनुसार सेक्स एक हद तक जैविक आधार से जुड़ा होता है. लेकिन कई लोग मानते हैं कि सेक्स के प्रति किसी का रुझान इस बात पर निर्भर करता है कि उसका लालन पालन कैसे हुआ है. अमरीका के ओरेगांव स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बारबरा टेलर और उनके साथी तथा ऑस्ट्रियन एकेडेमी ऑफ साइंसेज़ के बैरी डिकसन और उनके साथियों ने बड़ी मक्खी के इस जीन की पूरी जांच की है. नर बड़ी मक्खियों में यह जीन प्रोटीन बनाता है जो कि उसके सेक्स संबंधी व्यवहार को प्रभावित करता है मसलन मादा मच्छर के पीछे भागना, गाने गाना, नाचना इत्यादि. जब शोधकर्ताओं ने इस जीन के साथ छेड़छाड़ की तो पता चला कि मच्छर ने ऐसी हरकतें करनी बिल्कुल बंद कर दीं. इसी तरह अगर मादा बड़ी मक्खी में यह जीन डाल दिया गया तो वो नर मच्छर जैसा सेक्स संबंधी व्यवहार करने लगीं. प्रोफेसर टेलर इस बारे में कहती हैं " ऊपर से तो मादा मच्छर बिल्कुल ठीक दिखती हैं लेकिन वो नर मच्छरों की तरह बर्ताव करने लगती हैं. " वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर मनुष्यों में भी इस तरह के जीन संबंधी सेक्स व्यवहार दिखें या पता चलें तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए. |
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