| सभी चीज़ों के लिए नया पासवर्ड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अगर मोबाइल फ़ोन की टेक्नॉलॉजी में हो रही तरक्की को देखा जाए तो क्या उसे सुरक्षित रखने के लिए सिर्फ़ पिन या पासवर्ड काफ़ी है? शायद नहीं, लेकिन इसका उपाय भी आपकी उंगलियों से दूर नहीं. मोबाइल फ़ोन अब सिर्फ़ टेलिफ़ोन करने के ही काम नहीं आते बल्कि उसमें कई प्रकार की जानकारी और तस्वीरें भी रखी जा सकती हैं. और यह सब कुछ अगर ग़लत हाथों में पड़ जाए तो आप जानते हैं क्या हो सकता है. मिसाल के तौर पर. इंग्लैड की सिंगर शारलट चर्च की कहानी लीजिए. उनका फ़ोन क्या चोरी हुआ मानो उनकी नीजि ज़िंदगी बाजार में उतर आई. फ़ोन में उनकी वो अंतरंग तस्वीरें थीं जो उनके मित्र ने खींची थी. यह किसी के साथ भी हो सकता है. और चोर को आपके फ़ोन से यह सारी चीज़े निकालने के लिए सिर्फ़ आपका पासवर्ड या पिन पता लगाना होता है जो बहुतों के लिए ख़ास मुश्किल काम नहीं है. लेकिन अब आप ऐसे चोरों से निपट सकते हैं. अपनी उंगलियों के बल पर. बायोमेट्रिक टेक्नॉलॉजी पर आधारित एक ऐसी टेक्नॉलॉजी का विकास हो रहा है जिसकी सहायता से आपके फ़ोन में एक सेसर होगा जो आपके उंगलियों के निशान को ही आपका पासवर्ड मानेगा. दरअस्ल, पहले आपको फ़ोन पर लगे सेंसर पर कई बार उंगलियां फेर कर अपनी उंगलियों के निशान को रजिस्टर करवाना पड़ेगा. उसके बाद इस फ़ोन को खोलने के लिए आपको दोबारा अपनी उंगलियों के निशान सेसर पर छोडने होंगे और कोई दूसरा व्यक्ति आपकी उंगलियो के निशान की नकल भी नहीं कर सकता. यह टेक्नॉलॉजी मोबाइल फ़ोन ही नहीं बल्कि लैपटॉप कंप्यूटरों की हिफ़ाज़त मे भी काम आसकती है और कई कंपनियां इस टेक्नॉलॉजी को जल्दी से जल्द मोबाइल फ़ोन और लैपटॉप निर्माताओं को उपलब्ध कराने की होड़ में हैं. लैपटॉप में इस टैक्नॉलॉजी के इस्तेमाल से उसकी कीमत केवल तीस पाउंड से बढ़ेगी. जापान में कुछ मोबाइल फ़ोन कंपनियां यह टेक्नॉलॉजी अपना चुकी हैं लेकिन इसके व्यापकर इस्तेमाल में अभी कुछ देर है. |
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