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महिलाओं की विज्ञान की समझ पर सवाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्या महिलाएँ गणित और विज्ञान को कम समझती हैं? ये एक ऐसा सवाल है जिससे दुनिया भर में भयंकर विवाद खड़ा हो सकता है. लेकिन विवाद की परवाह न करके हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अध्यक्ष ने यही सवाल खड़ा कर दिया है. अमरीका के पूर्व वित्तमंत्री डॉक्टर लॉरेंस समर्स का कहना है कि गणित और विज्ञान के मामले में पुरुष महिलाओं से आगे रहते हैं. उन्होंने कहा है कि दोनों के जीन में बुनियादी फ़र्क़ होता है इसीलिए ये अंतर नज़र आता है. समर्स ने ये बात एक गोष्ठी में कही और जैसे ही उन्होंने ये बात कही कई श्रोता भड़क कर हॉल से बाहर निकल गए. सफ़ाई बाद में उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि बच्चों की देखभाल करने के कारण महिलाएँ वरिष्ठ अकादमिक स्तर तक नहीं पहुँच पातीं. उन्होंने कहा कि महिलाओं के बारे में उनका ये दावा शोध पर आधारित है, न कि उनकी अपनी कल्पना पर. उनका कहना था कि इस बात की पड़ताल की जानी चाहिए कि लड़के इन विषयों में क्यों लड़कियों से ज़्यादा अंक प्राप्त करते हैं. इस गोष्ठी के आयोजक रिचर्ड फ़्रीमन ने कहा कि उन्हें इस बात की उम्मीद है कि डॉक्टर समर्स महिलाओं पर और शोध करेंगे. उन्होंने कहा कि डॉक्टर समर्स सीधी सीधी बात करने वाले आदमी हैं. बहिष्कार गोष्ठी का बहिष्कार करके जाने वालों में मैसेच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टैकनॉलॉजी की नैन्सी हॉपकिन भी थीं. उन्होंने कहा कि ऐसी बातें सुनकर अगर वो उठकर जाती नहीं तो या तो वहीं उलटी कर देतीं या फिर बेहोश हो जातीं. उन्होंने इस शब्दों में अपने ग़ुस्से का इज़हार किया. लेकिन बाद में डॉक्टर समर्स ने एक बयान जारी करके कहा, “मेरी टिप्पणियों का अर्थ ये निकाला गया कि विज्ञान और गणित के मामले में महिलाओं में सफल होने की क्षमता नहीं होती, लेकिन न मैंने ऐसा कहा और न ही मैं इस पर यक़ीन करता हूँ.” डॉक्टर समर्स 2001 से हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अध्यक्ष हैं और क्लिंटन प्रशासन से भी कई बरसों तक जुड़े रहे. |
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