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आगे बढ़ा भारतीय विज्ञान जगत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विज्ञान और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 2004 एक ऐसा वर्ष रहा जिसमें कई नीतिगत फ़ैसले किए गए और कुछ नए आविष्कार सामने आए. भारत ने स्वदेश निर्मित नए विमानों के परीक्षण किए. कई मिसाइलों का भी परीक्षण हुआ. आइए इस साल भारत में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और चिकित्सा के क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं पर एक नज़र डालते हैं- आविष्कार और अनुसंधान बंगलौर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ साइंस और रमण रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने यह दिखाया कि कई तरह के पदार्थों के ऊपर गैस के प्रवाहित होने से बिजली पैदा हो सकती है. बायो-मेडिकल विज्ञान के क्षेत्र में इसके बहुत फ़ायदे मिल सकते हैं. गोवा के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ ओशनोग्राफ़ी ने हिन्द महासागर के नीचे दबी सबसे प्राचीन 'जीवित फफूंद' को ढूँढ निकाला. यह लगभग सवा चार लाख साल पुरानी है. वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद और लुपिन इंडस्ट्रीज़ ने एक ऐसे अणु की खोज का दावा किया जिससे दो महीने में क्षयरोग का इलाज संभव हो सकता है.
नेशनल एसोसिएशन फ़ॉर द ब्लाइंड के दिनेश कौशल ने लखनऊ की एक सॉफ़्टवेयर कंपनी की मदद से दुनिया का पहला 'हिन्दी स्क्रीन रीडर' विकसित किया है. नेत्रहीन लोग इसकी सहायता से कंप्यूटर स्क्रीन पर हिन्दी के शब्द पढ़ सकते हैं. मुंबई स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के शोध रिएक्टर साइरस ने नवंबर में अपनी पूर्ण क्षमता हासिल कर ली. भारतीय वैज्ञानिकों ने इस काम में बहुत दिमाग लगाया और इसके चलते इस पर एक नए रिक्टर की लागत का मात्र पाँच प्रतिशत ख़र्च हुआ. रेवा इलेक्ट्रिक कार कंपनी ने 30 जून को दिल्ली में भारत की पहली 'फ़्यूल सेल कार' का लोकार्पण किया. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने एक नई कीटमुक्त ग़ैर-पराजीनिक कपास की उपजाति विकसित की जो वसंत मे बोया जाता है और उपज गर्मियों में मिलती है. जहाँ देशी की सौ लाख हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि खारेपन की शिकार है, वहाँ कोलकाता के बोस इंस्टीट्यूट ने सुंदरवन में उगने वाले जंगली धान के पौधों से एक ऐसा जीन अलग किया जो अन्य पौधों में खारेपन के ख़िलाफ़ प्रतिरोध शक्ति जगा सकती है. अरुणाचल प्रदेश में बंदरों की एक नई प्रजाति अरुणाचल मकाइएक की ढूँढा गया. गुजारत के खेड़ा ज़िले में खुदाई के समय पाँच किलोग्राम वजन का डायनासोर का अंडा मिला. माना जाता है यह अंडा 650 लाख वर्ष पुराना हो सकता है. नीति पहली मई से देश में तंबाकू उत्पादों के विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया. सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और नाबालिगों को तंबाकू की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई.
फरवरी में भारत ने 'ग्लोबल फ़ंड टू फ़ाइट एड्स' के साथ दो अनुदान राज़ीनामों पर हस्ताक्षर किए जिनसे अगले पाँच वर्षों में एचआईवी-एड्स और यक्ष्मा से लड़ने के लिए 1290 लाख डॉलर की अनुदान राशि मिलेगी. इसी महीने 'बिल एंड मेलिंडा गेट्स फ़ाउंडेशन' ने भारत में एचआईवी की रोकथाम के लिए 500 लाख डॉलर की अनुदान राशि देने की घोषणा की. सरकार ने एचआईवी-एड्स के ख़िलाफ़ अभियान में महिलाओं के कंडोम को भी शामिल कर लिया है. नई सरकार पिछली सरकार की एबीसी की नीति यानी 'ऑब्सटिनेंस, बी फ़ेथफ़ुल, कंडोम' की नीति छोड़ कर कंडोम के प्रयोग को अधिक प्रोत्साहन दे रही है. लेकिन भारतीयों के लिए एड्स के टीके का जुलाई में प्रस्तावित परीक्षण स्थगित कर दिया गया. टीके के पशुओं पर अभी और प्रयोग की ज़रूरत बताई गई. सरकार द्वारा गठित एक उच्चस्तरीय समित ने विदेशों मे बनी दवाओं के भारत में प्रथम चरण मानव परीक्षण पर रोक को जारी रखने की सिफारिश की. अक्तूबर में सरकार ने राष्ट्रीय पर्यावरण नीति की रूपरेखा जारी की. वर्ष 1987 के मोंट्रियल प्रोटोकॉल के कार्यान्वयन की दिशा में पहल करते हुए सरकार ने हैलॉन गैस का प्रयोग परमाणु ऊर्जा, रक्षा और पेट्रोलियम क्षेत्रों तक सीमित करने की घोषणा की. वायुमंडल की ओज़ोन सतह को नुकसान पहुँचाने वाले इस गैस के उत्पादन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई. परीक्षण और प्रक्षेपण भारत ने अपने प्रक्षेपण वाहन जीएसएलवी-एएफ़01 से शैक्षिक सेवाओं को समर्पित उपग्रह एडुसैट छोड़ा. भारत निर्मित पहले असैनिक विमान सारस ने बंगलौर में सफल उड़ान भरी. यह 14 सीटों वाला विमान है.
देश में ही निर्मित लड़ाकू विमान तेजस ने सौ घंटों की परीक्षण उड़ान पूरी कर ली. इस साल भारत-रूस सहयोग से बनी सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस के तीन संस्करणों के सफल परीक्षण किए गए, जिनमें सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं. यह मिसाइल अपने लक्ष्य पर आम क्रूज़ मिसाइलों के मुक़ाबले नौ गुनी अधिक शक्ति से प्रहार करता है. भारत के ताराभौतिकविदों ने अमरीका और कनाडा के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर सुदूर ब्रह्मांड में एक बाइनरी मिलिसेकेंड पल्सार ढूंढा. इसमें पुणे स्थित रेडियो टेलीस्कोप का इस्तेमाल किया गया. स्वास्थ्य पूर्वी एशिया के देशों में फैले बर्ड फ़्लू का आतंक भारत में भी कई महीनों तक जारी रहा. इसी डर से बंगाल के मुर्गीख़ाने में हज़ारों मुर्गियों को मार डाला गया. असम और बिहार में बाढ़ की विभीषिका ने सैंकड़ो लोगों की जान ली. बाढ़ के बाद असम में हैजा, दस्त और पेचिस की महामारी से भी अनेक मौतें हुईं. बिहार और बंगाल में काला आज़ार से कई मौतें हुईं. मुंबई की दवा कंपनी सिप्ला काफ़ी चर्चा में रही. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एचआईवी की स्वीकृत दवाओं की सूची से सिप्ला की दो एंटीरेट्रोवाइरल दवाओं को यह कहते हुए हटा दिया कि इनका सही डॉक्युमेंटेशन नहीं हुआ है. हालांकि मेडिकल जर्नल लांसेट में छपे एक अध्ययन में सिप्ला की दवा ट्रायोम्यून को पश्चिमी देशों की कंपनियों की दवाओं के बराबर प्रभावी बताया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रैनबैक्सी लैबोरेटरीज़ की तीन एड्स दवाओं को भी अपनी क्रय सूची से निकाल दिया है. निधन
भारत के जाने-माने परमाणु वैज्ञानिक डॉक्टर राजा रमन्ना का 24 सितंबर को निधन हो गया. उन्होंने 1974 में पोखरण में हुए देश के पहले परमाणु परीक्षण में प्रमुख भूमिका निभाई थी. रमन्ना नपरमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष के साथ-साथ भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के निदेशक भी रहे थे. भारत के जानेमाने विज्ञान लेखक दिलीप सालवी को दो अप्रैल को निधन हो गया. बच्चों के लिए लोकप्रिय विज्ञान पर सबसे अधिक किताबें लिखने के लिए उनका नाम लिमका रिकॉर्ड बुक में दर्ज किया गया था. ...और साल के अंतिम सप्ताह में भारत हिंद महासागर की तलहटी में आए भूकंप के बाद उठी सूनामी लहरों का शिकार बना. तमिलनाडु और अंडमान निकोबार में हज़ारों लोगों की मौत हो गई. |
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