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ख़ून जाँच से कैंसर के ख़तरे का पता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भविष्य में ख़ून की जाँच से ही ये पता चल जाएगा कि किसी को कैंसर होने का ख़तरा है या नहीं. हाल में हुए अध्ययन से संकेत मिले हैं कि जिन लोगों को कैंसर होता है उनमें कुछ अहम हार्मोन अधिक मात्रा में होते हैं. लैंसेट पत्रिका में ये अध्ययन छपा है. मैंचेस्टर में क्रिस्टी हस्पताल के डॉक्टर एंड्रयू रेनेहन और उनके सहयोगियों ने पिछले आठ साल में हुए 21 अध्ययनों की समीक्षा की. उन्होंने पाया कि ऐसे सबूत हैं कि जब लोग कैंसर से ग्रस्त होते हैं तो उनके शरीर में कुछ विशेष हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है. पता चला है कि अलग-अलग लोगों में ऐसे हार्मोंन की मात्रा अलग होती है. डॉक्टरों का मानना है कि ऐसे हार्मोन के टेस्ट से पता चल सकता है कि किस व्यक्ति में कैंसर होने का ख़तरा अधिक है. ऐसे टेस्ट करने कि लिए इस्तेमाल होने वाली प्रयोगशाला और उपकरण बहुत कम कीमत में बनाए जा सकते हैं. लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि फ़िलहाल इस विषय में आगे काफ़ी शोध होना बाकी है. |
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