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रविवार, 15 फ़रवरी, 2004 को 04:30 GMT तक के समाचार
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कैंसर से हर साल दो लाख बच्चों की मौत
कैंसर की दवा
ग़रीब देशों में पैसे की कमी के कारण कैंसर रोगियों को दवा नहीं मिल पाती
दुनिया में हर साल कैंसर से दो लाख से भी ज़्यादा बच्चे बिना किसी इलाज के मर जाते हैं.

ये दावा किया है कैंसरग्रस्त बच्चों के बारे में काम करनेवाली एक सहयोगी संस्था का.

इंटरनेशनल कनफ़ेडरेशन ऑफ़ चाइल्डहुड कैंसर पेरेन्ट ऑर्गेनाइजेशन(आईसीसीसीपीओ) नामक इस संस्था ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय बाल कैंसर दिवस के मौक़े पर अपनी रिपोर्ट जारी की है.

संस्था ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान को पत्र लिखकर इस दिशा में तत्काल कोई क़दम उठाए जाने की माँग की है.

बेवजह मौत

 इन बच्चों को ज़िंदा रहने का अधिकार है और अगर हमें संयुक्त राष्ट्र और सरकारों का सहयोग मिला तो ये काम और आसानी से हो सकता है
ज्योफ़ थैक्सटर

संस्था की रिपोर्ट कहती है कि दुनिया भर में हर साल ढाई लाख से भी ज़्यादा बच्चों को कैंसर हो जाता है.

ऐसे पाँच में से चार बच्चे ऐसे विकासशील देशों मे होते हैं जहाँ उन्हें इलाज की बुनियादी सुविधा नहीं मिलती.

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इलाज हो तो कम-से-कम एक लाख बच्चे इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं.

संस्था के उपाध्यक्ष ज्योफ़ थैक्सटर कहते हैं,"इन बच्चों को ज़िंदा रहने का अधिकार है और अगर हमें संयुक्त राष्ट्र और सरकारों का सहयोग मिला तो ये काम और आसानी से हो सकता है".

ब्रिटेन स्थित कैंसर शोध संस्थान के निदेशक डॉक्टर जॉन टॉय का कहना है कि बच्चों मे कैंसर का सामना करने के लिए सभी देशों का मिल-जुलकर काम करना ज़रूरी है.

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