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'लगता है कि मोबाइल सुरक्षित हैं'
ब्रिटेन के कुछ वैज्ञानिकों ने कहा है कि ऐसा लगता है कि मोबाइल का उपयोग करना सुरक्षित है लेकिन ऐसा उन्होंने बहुत एहतियात के साथ कहा है. 'नॉन-आयोनाज़िंग रेडिएशन' की एक सलाहकार समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अब तक मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने के कोई सबूत नहीं हैं. हालाँकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस नतीजे को साबित करने के लिए और शोध करना होगा कि इससे कोई ख़तरा नहीं होता. पिछले तीन साल में मोबाइल से संभावित ख़तरे पर प्रकाशित बहुत से शोधों का अध्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट प्रकाशित की गई है. सिर्फ़ ब्रिटेन में ही चार करोड़ से ज़्यादा लोग मोबाइल का उपयोग करते हैं जिनमें से बहुत से बच्चे भी हैं.
दरअसल वर्ष 2000 में विशेषज्ञों की एक टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बच्चों को मोबाइल का उपयोग आपात स्थिति में ही करना चाहिए. इस रिपोर्ट में यह सलाह इस आधार पर दी गई थी कि मोबाइल से निकलने वाली रेडियो तरंगों से बच्चों को ज़्यादा ख़तरा हो सकता है. उनका कहना था कि चूँकि बच्चों का दिमाग़ विकासशील अवस्था में होता है और बच्चों के सिर की हड्डी पतली होती है इसलिए रेडियो तरंगें उन तक आसानी से प्रवेश कर सकती हैं. हालाँकि उस रिपोर्ट में भी यह नहीं कहा गया था कि मोबाइल से सीधे कोई नुक़सान होता है उसमें सिर्फ़ एहतियात बरतने की बात कही गई थी.
उस रिपोर्ट के बाद से ब्रिटेन में किया गया यह पहला अध्ययन है. सरकार के सलाहकार दल का कहना है कि मोबाइल के बारे में उनकी राय में कोई तब्दीली नहीं आई है. और शोध वैज्ञानिकों ने इस मामले में और अध्ययन की ज़रुरत बताई है. रिपोर्ट में कहा गया है, ''मोबाइल का इतना व्यापक उपयोग होते हुए बहुत समय नहीं हुआ है और हो सकता है कि इससे स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा हो, इसके लिए और अधिक शोध की ज़रुरत है.'' विशेषज्ञों का कहना है कि यह कोई नहीं जानता कि भविष्य में क्या पता चल जाए. इस रिपोर्ट में मोबाइल के आधार स्टेशन से निकलने वाली तरंगों से कोई ख़तरा नहीं है. इस बीच मोबाइल से होने वाले नुक़सान पर भी शोध जारी हैं. |
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