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दमे की नई असरदार दवा
वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा की खोज की है जिससे दमा के रोगियों को काफ़ी लाभ हो सकता है. इस दवा को डीएनके-333 का नाम दिया गया है और इस पर हुए शोध से पता चला है ये दमे के लक्षणों को दबाने में काफ़ी कारगर है. 'यूरोपीयन रेस्पिरेटरी जर्नल' में छपे शोध से पता चला है कि ये दवा उस रसायन को रोक देती है जिससे इस बीमारी के खाँसी और साँस चढ़ने जैसे लक्षण दब जाते हैं. अभी इस विषय में और शोध होने बाकी हैं लेकिन वैज्ञानिकों का मानना है कि ये दवा दमे के ख़िलाफ़ काम कर सकती है. फ़िलहाल दमे के रोगियों को आराम दिलाने के लिए चिकित्सक 'स्टीरॉयड' या ऐसी अन्य दवाओं पर निर्भर हैं. लेकिन नई दवा दमे के बारे में एक नए तरीके से काम करती है क्योंकि ये 'टाचिकिनंस' नामक रसायन पर असर दिखाती है. ये रसायन फेंफड़ों में स्थित कोशाणुओं और नसों में होता है. इस विषय पर हुए अध्ययन से पता चलता है कि ये दवा इस रसायन को काम करने से रोकती है इसलिए दमे के लक्षण दब जाते हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि इस दवा पर और शोध होने चाहिए ताकि इसे कुछ सालों में दमे के रोगियों को उपलब्ध करवाया जा सके. |
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