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दुनिया का मौसम बदलने से परेशानी बढ़ी
मौसम परिवर्तन पर हो रहे संयुक्त राष्ट्र के एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चेतावनी दी गई है कि इससे दुनिया भर में प्रभावित होने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. इटली के मिलान शहर में हो रहे इस सम्मेलन में बताया गया है कि मौसम में हो रहे बदलावों से जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं की वजह से इस साल लगभग साठ अरब डॉलर की संपत्ति का नुकसान हुआ है. इस साल भी सूखे, बाढ़ और तूफ़ान ने दुनिया के कई हिस्सों को चपेट में लिया. चीन से आए एक प्रतिनिधि ने वहाँ मौजूद प्रतिनिधियों को बताया कि ग़रीब देशों पर इसकी मार सबसे ज़्यादा पड़ रही है. वैसे चीन भी बाढ़ की वजह से प्रभावित रहा है. इसके अलावा यूरोप में इस साल की गर्मी और लू की वजह से जहाँ हज़ारों जानें गईं वहीं अरबों डॉलर की फसल का भी नुक़सान हुआ. संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने बैठक में कहा कि 'ग्लोबल वॉर्मिंग' का पहला असर मौसम की इस 'चरम स्थिति' के रूप में दिख रहा है जो मुश्किलें पैदा कर रही है. इस स्थिति के लिए यूँ तो ग्रीन हाउस गैसों को ज़िम्मेदार ठहराया जाता है मगर फिर भी इन गैसों पर किसी तरह की रोक लगाने पर सम्मेलन में कोई समझौता नहीं हो पाया. मगर मिलान में मौजूद अमरीकी सीनेटर जेम्स इनहॉफ़ ने कहा कि वह लगातार इस बात से आश्वस्त होते जा रहे हैं कि 'ग्लोबल वॉर्मिंग' की बात सिर्फ़ एक अफ़वाह की तरह है जो कि अमरीकी लोगों और दुनिया के सामने पेश की जा रही है. |
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