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'कैंसर से बचाती है सूर्य की रोशनी'
वर्षों से लोगों को यही सलाह मिलती रही है कि त्वचा के कैंसर से बचाव का तरीका है सूरज की रोशनी से हरसंभव बचाव. लेकिन अब चिकित्सकों का कहना है कि सूर्य की रोशनी से ज़्यादा बचना त्वचा कैंसर के ख़िलाफ़ भले ही एक कारगर उपाय हो, यह अन्य तरह के कैंसरों को बुलावा देने जैसा है. ब्रिटिश मेडिकल जर्नल के ताज़ा अंक में छपे एक पत्र में यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलीफ़ोर्निया के प्रोफ़ेसर सेड्रिक गार्लैंड ने यह चेतावनी दी है. उल्लेखनीय है कि सूरज को विटामिन डी का प्रमुख स्रोत माना जाता है. अध्ययनों के अनुसार इस विटामिन से वक्ष कैंसर समेत कई तरह के कैंसरों के ख़िलाफ़ सुरक्षा मिलती है. प्रोफ़ेसर गार्लैंड ने ख़ास कर ब्रिटेन में रहने वाले लोगों को प्रतिदिन 10 से 15 मिनट सूर्य की रोशनी में रहने की सलाह दी है, बशर्ते मौसम इसकी इजाज़त देता हो. उन्होंने उस अवधि में किसी सनस्क्रीन लोशन का उपयोग नहीं करने की भी सलाह दी है. उनका कहना है कि सर्दियों के मौसम में ब्रिटेन के लोगों में आम तौर पर विटामिन डी की कमी हो जाती है. विरोध प्रोफ़ेसर गार्लैंड की चेतावनी सामने आने के बावजूद त्वचा कैंसर के प्रसार के ख़िलाफ़ काम करने वाली संस्थाओं ने लोगों से ज़्यादा देर तक सूर्य की रोशनी में नहीं रहने की सलाह दी है. मैकमिलन कैंसर रिलीफ़ नामक संस्था की एक प्रवक्ता ने कहा, "सूर्य की रोशनी में 15 मिनट रहना, ख़ास कर बीच दोपहर में, सभी तरह की त्वचा वाले लोगों के लिए ख़तरनाक है." इसी तरह कैंसर रिसर्च यूके नामक संस्था की सूचना प्रबंधक सारा हिमोन ने कहा कि सूर्य की रोशनी में नहाए बिना भी शरीर को विटामिन डी की आपूर्ति की जा सकती है. उनके अनुसार इसके लिए दुग्ध उत्पाद, अंडे आदि खाने पर ज़ोर देना चाहिए. |
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