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एड्स मामलों में उछाल नहीं: मीनाक्षी
भारत में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन की प्रमुख मीनाक्षी दत्ता घोष का कहना है कि देश में एड्स के मामले बढ़ तो रहे हैं मगर इन मामलों में कोई भयानक उछाल नहीं दिख रहा है. घोष के अनुसार आज की तारीख़ में भारत में लगभग 45 लाख लोग एड्स से प्रभावित हैं और ये देश की कुल जनसंख्या को देखते हुए उसका एक प्रतिशत से भी कम है. उनका कहना है कि इस स्थिति को भी नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है और उसे देखते हुए ही छह राज्यों को ऐसा माना गया है जहाँ एड्स की स्थिति चिंताजनक स्थिति पर है. वे राज्य तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर और कर्नाटक हैं. जबकि तीन राज्यों गुजरात, गोवा और पाँडिचेरी में एड्स औसत रूप में मौजूद है. बाक़ी राज्यों में एड्स का प्रसार औसत से कम ही है. संगठन की ओर से चलाए जा रहे एड्स कार्यक्रम के बारे में उन्होंने कहा कि भारत में अभी तक बचाव पर ज़ोर था मगर अब उसके साथ ही कुछ अन्य रणनीति भी अपनाने की तैयारी हो रही है. संगठन की प्रमुख ने कहा कि अब लोगों को बचाव के साधन भी मुहैया कराने होंगे और इस दिशा में भी काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में ऐंटीरेट्रोवायरल ड्रग्स अभी तक तो शामिल नहीं थे मगर ज़रूरत के हिसाब से उसे भी शामिल किया जाएगा. उन्होंने कॉन्डम का इस्तेमाल नहीं करना चाहने की पुरुषों की आदत पर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा कि ये एक कमज़ोर बिंदु है मगर उस पर भी ध्यान दिया जा रहा है. घोष ने कहा कि सूचना, शिक्षा और संचार के ज़रिए लोगों को जागरूक बनाने की कोशिश की जा रही है. संगठन की अध्यक्ष ने ये मानने से इनकार किया कि लोग जागरूक नहीं हैं उन्होंने कहा कि अगर ये जानकारी भी लोगों को नहीं होती तब क्या होता इसलिए ये मानना चाहिए कि जागरूकता का असर होगा. |
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