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वायरस फ़ैलाने वालों को पकड़वाने पर इनाम
कंप्यूटर की महारथी कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट ने कंप्यूटर वायरस तैयार करवाने वाले दो लोगों को गिरफ़्तार करवाने के लिए सूचना देने पर इनाम की घोषणा की है. माइक्रोसॉफ़्ट ने कहा है कि एमएसब्लास्ट और सोबिग वायरस को तैयार करनेवाले की जानकारी उपलब्ध करवानेवालों को ढाई लाख डॉलर यानी लगभग सवा करोड़ रुपए दिए जाएँगे. इस साल अगस्त और सितंबर में इन वायरसों ने इंटरनेट इस्तेमाल करनेवालों के लिए भारी परेशानी खड़ी कर दी थी. माइक्रोसॉफ़्ट ने वायरस के ख़िलाफ़ मुहिम के लिए 50 लाख डॉलर का एक कोष बना दिया है. कंपनी अपने इस अभियान में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों की मदद भी ले रही है. माइक्रोसॉफ़्ट को उम्मीद है कि उसकी इस मुहिम से वायरस फ़ैलानेवालों पर कुछ क़ाबू पाया जा सकेगा. वायरस का विस्तार विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय हज़ारों वायरस इंटरनेट प्रणाली में हैं और इनको जारी करनेवाले बहुत थोड़े से लोग पकड़े जाते हैं.
एमएसब्लास्ट नामक वायरस माइक्रोसॉफ़्ट विंडोस अपडेट को निशाना बनाता था. लेकिन मूल रूप से एमएसब्लास्ट वर्म विकसित करने वाला व्यक्ति पकड़ा नहीं गया है. एमएसब्लास्ट के हमले का मुक़ाबला करने के लिए माइक्रोसॉफ़्ट ने कई क़दम उठाए थे और अपनी उस वेबसाइट का पता ही बदल दिया था जिस पर हमला होना था. ताकि हमला हो भी तो एक ऐसी वेबसाइट पर जिसका वजूद ही न हो. इसी तरह सोबिग एफ़ वायरस ईमेल के ज़रिए फैला था और वह विंडोस में असुरक्षित लिंक का फ़ायदा उठाते हुए प्रवेश कर जाता था. विशेषज्ञों का मानना है कि ये सबसे तेज़ी से फैलनेवाले वायरसों में से एक है. ईमेल से फैलने के बाद वो किसी और ईमेल के पते की नकल कर लेता है ताकि उसका असली पता न मिल सके. और ख़ास बात है कि ये लगातार अपना संदेश बदलता रहता था जिससे इसे पकड़ना मुश्किल हो जाता था. वो कभी Re: details हो जाता था तो Re: approved या फिर- Re: Thank You, Re: That movie जैसे नाम से सामने आ जाता था. |
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