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सौर बादल धरती से टकराया
सूर्य से निकली हुई गैस का एक बहुत बड़ा बादल पृथ्वी से टकराया है. इससे चुंबकीय आँधी आई और कई इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों को नुक़सान पहुँचा है. अगर ये चुंबकीय आँधी जारी रहती है तो इससे प्रसारणों, बिजली-व्यवस्था, उपग्रहों से होनेवाले संचार और स्वयं उपग्रहों को नुक़सान पहुँच सकता है. इस कारण जापान के एक संचार उपग्रह में ख़राबी आ गई. सौर बादल के टकराने से हुए बदलावों का प्रभाव 24 घंटे तक रह सकता है. इस कारण आसमान में आतिशबाज़ी भी हो सकती है और साधारण लोग भी इसे देख सकते हैं. आवेशित कण
अंतरिक्ष की यह घटना सूर्य की बाहरी सतह से बड़ी मात्रा में गैस और आवेशित कणों के निकलने के कारण हुई है. सूर्य में बहुत सारी गतिविधियाँ हो रही हैं और उसकी परत पर अभी ऐसे कई और बड़े धब्बे हैं जो वहाँ से निकल सकते हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि 25 साल पहले सौर परिवर्तनों की नियमित निगरानी के बाद से यह तीसरी सबसे बड़ी सौर आँधी है. 1989 और 2001 में भी ऐसी सौर आँधी आई थी जिनमें 2001 की आँधी सबसे बड़ी थी. 1989 की सौर आँधी से कनाडा के बिजली घरों में गड़बड़ी हुई थी. |
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