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बिना प्रयोगशाला के डीएनए जाँच होगी
अब उँगलियों के निशान या डीएनए के किसी भी जाँच के लिए लंबे इंतज़ार की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. मौक़े पर ही किसी भी व्यक्ति की डीएनए जाँच करनी हो तो ऐसा करना संभव हो सकेगा. ब्रिटेन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय और जानी-मानी इलेक्ट्रोनिक कंपनी एप्सन के संयुक्त शोध से ऐसे यंत्र का विकास संभव हो सका है. फ़ौरन मौक़े पर ही डीएनए जाँच करने वाला ये यंत्र जाँच के लिए नमूने 'टच स्क्रीन' के ज़रिए या शरीर से निकलने वाले किसी तरल पदार्थ को नमूने के रूप में लेता है.
रोचक बात तो ये है कि ये यंत्र प्राप्त सूचनाओं को सुरक्षित रखने के अलावा उनका विश्लेषण भी कर सकता है. इस नई तकनीक वाले यंत्र को मोबाइल फ़ोनों और लैपटॉप कंप्यूटर से आसानी से जोड़ा जा सकता है यानी इस डीएनए जाँचने वाले उपकरण में मौजूद जानकारी को कहीं भी भेजा जा सकता है. योजनाएँ वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक का इस्तेमाल करके बने उपकरण का आकार एक फ़िल्म निगेटिव के बराबर होगा. यह नया उपकरण अनेक तरह के नमूनों की जाँच का काम बहुत कम समय में कर सकेगा. बीबीसी से बात करते हुए कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर पिएरो मिग्लियोरातो ने बताया, "इन थिन फ़िल्म ट्रांसिस्टरों (टीएफ़टी) को एलसीडी (लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले) तकनीक के एक बेहतर संस्करण के रुप में देखा जा सकता है." उन्होंने ये भी बताया कि टीएफ़टी में भविष्य में एक ऐसी उन्नत चिप डाली जाएगी जिससे कई तरह के जाँच जैसे लोगों के उँगलियों के निशान या ब्ल्ड ग्रुप की पहचान आसानी से की जा सकेगी. इसका सबसे बड़ा फ़ायदा पुलिस विभाग को होगा जिन्हें डीएनए जाँच की रिपोर्ट के लिए लंबा इंतज़ार करना पड़ता है. उपयोग भारत जैसे देशों के लिए यह तकनीक काफ़ी उपयोगी साबित हो सकती है क्योंकि इसके आने के बाद अलग-अलग शहरों में प्रयोगशालाएँ चलाने की ज़रूरत नहीं रह जाएगी. भारत में इस समय कुछ गिने-चुने स्थानों पर ही डीएनए परीक्षण हो पाता है और देर से परिणाम आने के कारण कई समस्याएँ पैदा होती हैं. तकनीक बहुत सरल है इसलिए इसकी क़ीमत भी बहुत अधिक नहीं होगी. इप्सन का कहना है कि इस उत्पाद के बाज़ार में आने में अभी कुछ महीनों का समय लगेगा. |
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