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मंगलवार, 07 अक्तूबर, 2003 को 13:37 GMT तक के समाचार
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एसएमएस की लत से छुटकारा संभव
मोबाइल फ़ोन से एसएमएस
एसएमएस की लत पूरी दुनिया में बढ़ रही है

हाथ से मोबाइल फ़ोन छूटते ही कुछ लोग बेचैन हो उठते हैं, और जब हाथ में मोबाइल हो तब तक उसके बटन दबाते रहते हैं.

यूरोप में ऐसे लोगों को एसएमएस यानी मोबाइल से छोटे संदेश भेजने का लती कहा जाने लगा है लेकिन यूरोप में ही नहीं, भारत जैसे देशों में भी उनकी तादाद तेज़ी से बढ़ रही है.

 कुछ लोग तो दिन में सात-सात घंटे तक अपने मोबाइल से संदेश भेजने में लगे रहते हैं

डॉक्टर कॉलिन्स

इंग्लैंड का रोहैम्पटन का प्रियरी क्लिनिक नामी-गिरामी लोगों की शराब और ड्रग्स की लत छुड़वाने के लिए मशहूर रहा है और इस क्लिनिक का कहना है कि एसएमएस के लती लोगों की तादाद तेज़ी से बढ़ रही है.

नशे छुड़वाने के विशेषज्ञ डॉक्टर मार्क कॉलिन्स का कहना है कि "कुछ लोग तो दिन में सात-सात घंटे तक अपने मोबाइल से संदेश भेजने में लगे रहते हैं."

इनमें से कई लोगों को तरह-तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है, किसी की गर्दन अकड़ जाती है तो किसी की ऊँगलियाँ.

डॉक्टर कॉलिन्स का कहना है कि इन दिनों जिन लतों की समस्या बढ़ रही है उनमें शॉपिंग और जुआ खेलने की लत प्रमुख है.

इस क्लिनिक ने अपनी वेबसाइट पर टेक्नॉलॉजी का एक अलग सेक्शन रखा है जिसमें बताया गया है कि किस तरह लोग इंटरनेट, चैट, कंप्यूटर गेम और एसएमएस के लती होते जा रहे हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है कि इस लत की असली वजह ये है कि लोग अपनी असली समस्याओं, तनाव और चिंताओं से अपना ध्यान हटाना चाहते हैं इसलिए कुछ ऐसा करने लगते हैं जो आगे चलकर लत बन जाती है.

लक्षण

इसका सबसे प्रमुख लक्षण ये है कि लोग हर काम छोड़कर एसएमएस संदेश भेजना चाहते हैं, अगर उन्हें ऐसा करने का मौक़ा न मिले तो वे चिड़चिड़े हो जाते हैं.

लक्षण
लत के संकेतबेचैनी
चिड़चिड़ापन
आँखों में जलन
नींद की कमी
अनियंत्रित व्यवहार

ऐसे लोगों में नींद की कमी, आँखों में जलन और अनियंत्रित व्यवहार की समस्याएँ भी साफ़ दिखाई देती हैं.

अब क्लिनिक जल्दी ही एसएमएस के लती लोगों का इलाज शुरू करने जा रहा है, मरीज़ों में हर तरह के लोग हैं--बड़ी कंपनियों के ऊँचे अधिकारियों से लेकर स्कूली बच्चे तक.

एक व्यक्ति ने अपनी 16 वर्ष की बेटी के बारे में डॉक्टरों से सलाह माँगी है, उनका कहना है कि स्कूल में पढ़ने वाली उनकी बेटी हर हफ़्ते लगभग 2000 रूपए एसएमएस संदेश भेजने में फूँक डालती है.

क्लिनिक की वेबसाइट पर उसके पिता के अनुभव कुछ इस तरह हैं, "मेरी बेटी ने पिछले तीन महीनों से स्कूल में खाना नहीं खाया है, उसका ध्यान एसएमएस के अलावा किसी बात पर रहता ही नहीं."

क्लिनिक के डॉक्टरों का कहना है कि एसएमएस की लत का इलाज कराने के लिए ज़्यादा समय के लिए भर्ती होने की ज़रूरत नहीं होगी.

उनका कहना है कि बाक़ी दूसरी लतों की तरह ही, एसएमएस की लत लगे इससे पहले ही अपने मोबाइल फ़ोन कभी-कभी स्विच ऑफ़ कर दिया करिए.

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