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'सीबीआई का राजनीतिक दुरुपयोग' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय जनता पार्टी के नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने बोफ़ोर्स मामले के अभियुक्त क्वात्रोकी का नाम इंटरपोल की रेड कॉर्नर सूची से हटाने के फ़ैसले की आलोचना की है. सीबीआई ने इंटरपोल से कहा है कि ओत्तावियो क्वात्रोकी का नाम इंटरपोल की मोस्ट वांटेड सूची से हटा दिया जाए. आडवाणी ने मंगलवार को गुजरात में कहा,"यूपीए सरकार दरअसल इतालवी व्यापारी क्वात्रोकी का नाम सूची से हटवाना चाहती है. इसका मतलब ये है कि उन्हें लगता है कि अगली बार उनकी सरकार नहीं बनेगी." उन्होंने 1989 के चुनाव का ज़िक्र करते हुए कहा कि बोफ़ोर्स घोटाले ने उस दौरान पूरे चुनाव को प्रभावित किया था. भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि पिछले पाँच सालों से सीबीआई का राजनीतिक मकसद के लिए दुरुपयोग होता आया है. इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दोषी ठहराया. पिछले 12 सालों से क्वात्रोकी का नाम इंटरपोल की मोस्ट वांटेड लिस्ट में है लेकिन अब सीबीआई ने इंटरपोल से सूची से नाम हटा देने को कहा है. लगभग 18 साल पहले यह बात सामने आई थी कि स्वीडन की हथियार कंपनी बोफ़ोर्स ने भारतीय सेना को तोपें सप्लाई करने का सौदा हथियाने के लिए 80 लाख़ डॉलर की दलाली चुकाई थी. गुजरात दंगों के दौरान मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई लोगों के जाँच के आदेश पर भी आडवाणी बोले. उन्होंन कहा कि वे इसे किसी झटके के तौर पर नहीं देखते और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें क्वात्रोकी का नाम इंटरपोल सूची से वापस28 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस आडवाणी की ओर भी फेंकी गई चप्पल16 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस 'प्रधानमंत्री बनने लायक़ नहीं आडवाणी'10 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस प्रत्यर्पण न होने के लिए केंद्र ज़िम्मेदार10 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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