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'मैंने झल्लाहट में टिप्पणी की थी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संसद में हुए हंगामे से नाराज़ स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने गुरुवार को सांसदों को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी लेकिन अगले दिन उनके रवैए में नरमी दिखी. सोमनाथ चटर्जी ने संसद में हंगामा कर रहे सांसदों से कहा था कि "जनता सब देख रही है, अगली बार आप लोगों में से कोई चुनाव जीतकर यहाँ नहीं आएगा, आपको लोगों को सबक सिखाया जाना ज़रूरी है". अब उन्होंने अपनी गुरुवार की टिप्पणी पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है, उन्होंने कहा कि ये बातें उन्होंने 'झल्लाहट' में कही थीं. शुक्रवार को उन्होंने संसद में कहा, "कल मैंने झल्लाहट में कुछ टिप्पणियाँ की थीं, आज यहाँ जितने लोग मौजूद हैं, मैं चाहता हूँ कि अगर जनता आपको चुने तो आप जीतकर यहाँ आएँ." उन्होंने कहा, "मैं तो चुनाव नहीं लड़ने वाला हूँ, मैं जानता हूँ कि आपको ये बात बुरी लगी होगी, मैं आप सबको अपनी शुभकामनाएँ देता हूँ." गुरुवार को भाजपा, बसपा, टीडीपी, पीएमके, एमडीएमके और आरपीआई के सांसदों ने अलग-अलग मुद्दों पर संसद में भारी हंगामा किया था जिसके बाद नाराज़ स्पीकर ने कहा था,"आपका बर्ताव निंदनीय है. मैं इस पर अपनी नाराज़गी और निंदा व्यक्त करता हूँ. ये भारत की जनता का अपमान है. आपको सरकारी ख़ज़ाने से एक पैसा भी नहीं मिलना चाहिए." इससे पहले भी सोमनाथ चटर्जी सांसदों से नाराज़ होकर सख़्त टिप्पणी करते रहे हैं. मुद्दा तमिलनाडु के सांसदों ने श्रीलंका में तमिलों की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सरकार के रुख़ पर नाराज़गी जताई थी, वे नारे लगाते हुए संसद के बीचोबीच आकर खड़े हो गए. वहीं तेलुगु देशम के सांसदों ने सत्यम कंपनी के मुद्दे पर भारी हंगामा मचाया. बहुजन समाज पार्टी के सांसदों ने भी अनुसूचित जाति- जनजाति (पदों और सेवाओं का आरक्षण) विधेयक 2008 का विरोध करते हुए नारेबाज़ी की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें रिपोर्ट की आलोचना से स्पीकर हुए नाराज़17 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुद्दों के द्वंद्व से जूझ रही है भाजपा10 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'चावला के मुद्दे पर अदालत जाए भाजपा'04 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस मुंबई हमले: पुलिस कार्रवाई पर सवाल21 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'मुझसे इस्तीफ़ा माँगना नहीं पड़ता'19 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस विपक्ष ने अंतुले का इस्तीफ़ा मांगा18 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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